Silver Price Crash: कीमती धातुओं के बाजार में भूचाल आ गया है। पिछले सात दिनों में चांदी की कीमतें अपने ऐतिहासिक उच्च स्तर से आधी हो गई हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX के मुताबिक, 29 जनवरी को चांदी ने 4,20,000 रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ था, लेकिन अब यह 2,29,187 रुपये के निचले स्तर पर आ गई है। यानी महज सात दिनों में चांदी 1,90,000 रुपये तक सस्ती हो गई है। यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा झटका है, जबकि शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे परिवारों के लिए राहत की खबर बन गई है।
चांदी में आई यह भारी गिरावट पिछले कई सालों में सबसे बड़ी मानी जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह गिरावट अभी खत्म नहीं हुई है और आने वाले दिनों में चांदी की कीमतें और नीचे जा सकती हैं। इसके पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण हैं।
सात दिन में आधी हुई चांदी की कीमत
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, 29 जनवरी को चांदी ने 4,20,000 रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा छुआ था। यह चांदी के इतिहास में सबसे ऊंचा स्तर था। लेकिन उसके अगले ही दिन से चांदी की कीमतों में भयानक गिरावट शुरू हो गई।
30 जनवरी से लगातार तीन दिन तक चांदी में कमी देखी गई। हालांकि, कारोबारी सत्र के दो दिनों में चांदी में कुछ तेजी जरूर आई, लेकिन 5 फरवरी से चांदी में फिर से गिरावट आने लगी। यह गिरावट 6 फरवरी यानी आज भी जारी है।
एमसीएक्स पर चांदी सात दिन के कारोबारी सत्र के निचले स्तर पर पहुंच गई और कीमत 2,29,187 रुपये के लो लेवल पर आ गई। यानी हाई लेवल से चांदी 1,90,000 रुपये तक सस्ती हो गई। गुरुवार को चांदी 3 फीसदी यानी 7,315 रुपये की गिरावट के साथ 2,36,500 रुपये पर ट्रेड कर रही थी। इस दौरान चांदी का दिन का हाई लेवल 2,43,277 रुपये रहा।
आईबीजेए के आंकड़ों में भी भारी गिरावट
इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA ने अपने आंकड़े जारी किए हैं। इनके मुताबिक, चांदी 2,41,184 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। पिछले दिन इसकी कीमत 2,52,232 रुपये थी। यानी इसमें 11,048 रुपये की भारी गिरावट आई है।
अगर हम 29 जनवरी के आईबीजेए के रेट की बात करें तो चांदी ने 3,79,988 रुपये का ऑल टाइम हाई रिकॉर्ड छुआ था। वहीं अब के रेट के हिसाब से बात करें तो 1,38,804 रुपये तक की गिरावट आ चुकी है। यह आंकड़ा बताता है कि चांदी में कितनी तेजी से गिरावट आई है।
पिछले कारोबारी सत्र के दौरान चांदी काफी ऊंचाई पर पहुंच गई थी, लेकिन अचानक आई इस गिरावट ने सभी को चौंका दिया है। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट कई कारणों से हुई है।
चीन में लूनर न्यू ईयर है बड़ा कारण
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का मानना है कि अभी चांदी की गिरावट खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि इसका सबसे बड़ा कारण चीन में लूनर न्यू ईयर सेलिब्रेशन है जो 17 फरवरी से शुरू होकर लगभग 25 फरवरी तक चलेगा।
लूनर न्यू ईयर के दौरान चीन में बाजार और फैक्ट्रियां बंद रहती हैं, जिससे कमोडिटी की डिमांड काफी गिर जाती है। चीन दुनिया में चांदी का सबसे बड़ा खरीदार है। जब चीन में मांग घटती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
अजय केडिया का अनुमान है कि चांदी की मांग घटने से कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है। वह अंदाजा लगा रहे हैं कि चांदी 2 लाख रुपये के नीचे आ सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह चांदी के लिए एक और बड़ा झटका होगा।
चीन में लूनर न्यू ईयर के दौरान औद्योगिक गतिविधियां लगभग ठप हो जाती हैं। चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक उत्पादों में बड़े पैमाने पर होता है। जब फैक्ट्रियां बंद रहती हैं तो चांदी की खरीद भी रुक जाती है।
निवेशकों को झटका, खरीदारों को राहत
चांदी पहले से ही कहीं ज्यादा सस्ती हो चुकी है और इससे जुड़े निवेशक, ज्वेलर्स और होलसेल मार्केट में बैठे लोग बेहद सतर्क नजर आ रहे हैं। जिन लोगों ने चांदी को 4 लाख रुपये के आसपास खरीदा था, उन्हें भारी नुकसान हो रहा है।
अगर गिरावट जारी रहती है तो यह ट्रेडिंग और ज्वेलरी खरीदारी दोनों को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वह निवेशकों के लिए झटके पर झटका हैं। कई निवेशकों ने चांदी में बड़ा निवेश किया था, उम्मीद में कि कीमतें और बढ़ेंगी। लेकिन अचानक आई इस गिरावट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
जबकि जिनके घर में शादी-ब्याह है, उनके लिए यह खुशखबरी है। जब चांदी 4 लाख रुपये पहुंचने लगी थी तो लोगों ने खरीदारी बंद कर दी थी। लेकिन अब एक बार फिर से वे खरीदारी शुरू कर सकते हैं। चांदी के गहने और बर्तन खरीदने वालों के लिए यह सही समय है।
ज्वेलर्स का कहना है कि जब कीमतें इतनी ऊंची थीं तो ग्राहक खरीदारी से कतरा रहे थे। लेकिन अब जब कीमतें नीचे आई हैं तो खरीदारी में तेजी आने की उम्मीद है। खासकर शादी के सीजन में चांदी के गहनों और बर्तनों की मांग बढ़ती है।
सोने में भी जारी है गिरावट
इसी के साथ ही अगर बात करें सोने की तो सोने में भी गिरावट का दौर जारी है। लगातार यह दूसरा दिन है जब सोने में गिरावट देखी गई है। सोने की कीमतें भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी के कारण नीचे आ रही हैं।
हालांकि सोने में गिरावट चांदी जितनी तेज नहीं है, लेकिन फिर भी निवेशकों के लिए यह चिंता का विषय है। सोने को हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन हाल के दिनों में इसमें भी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बन रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग घटती है।
आगे क्या होगा
अब देखना होगा कि आखिरकार इन दोनों कीमती धातुओं की कीमतें और कहां तक जाती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले कुछ हफ्तों में चांदी और सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अगर चीन में लूनर न्यू ईयर के बाद मांग बढ़ती है तो कीमतों में सुधार हो सकता है। लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी जारी रहती है तो गिरावट और बढ़ सकती है।
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सतर्क रहें और बाजार की स्थिति को ध्यान से देखें। जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं, उनके लिए यह समय अच्छा हो सकता है। लेकिन जो लोग शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग कर रहे हैं, उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।
ज्वेलर्स और होलसेल डीलर्स भी बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वे देख रहे हैं कि कीमतें कहां स्थिर होती हैं। अगर कीमतें 2 लाख रुपये के नीचे जाती हैं तो खरीदारी में तेजी आ सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
- चांदी की कीमत 29 जनवरी को 4,20,000 रुपये के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंची थी
- सात दिनों में चांदी 1,90,000 रुपये तक सस्ती हो गई, अब 2,29,187 रुपये पर
- आईबीजेए के मुताबिक चांदी 2,41,184 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई
- चीन में लूनर न्यू ईयर (17-25 फरवरी) के कारण मांग घटने की उम्मीद
- एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि चांदी 2 लाख रुपये के नीचे जा सकती है
- निवेशकों को भारी नुकसान, शादी-ब्याह वालों के लिए राहत
- सोने में भी लगातार दूसरे दिन गिरावट जारी








