Silver Price MCX Lower Circuit : 29 जनवरी को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची चांदी 30 जनवरी को धराशाई हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में सीधे 15% की गिरावट आई और लोअर सर्किट लग गया। कीमत 59,983 रुपए नीचे आकर 3,39,910 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। एक दिन पहले ही चांदी ने 4.20 लाख रुपए प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था।
एक ही दिन में 60 हजार की गिरावट
इस गिरावट से निवेशकों में हड़कंप मच गया है और बाजार में हलचल तेज हो गई है।
रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद चांदी का धराशाई होना बाजार के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।
MCX पर 15% की बड़ी गिरावट देखी गई, जो हाल के महीनों में सबसे तेज गिरावट में से एक है।
4.20 लाख से 3.39 लाख तक का सफर
29 जनवरी को चांदी ने 4,20,000 रुपए प्रति किलो के आसपास का रिकॉर्ड स्तर छुआ था।
लेकिन 30 जनवरी को अचानक भारी बिकवाली शुरू हो गई और कीमत तेजी से गिरने लगी।
कुछ ही घंटों में चांदी 3,39,910 रुपए प्रति किलो पर आ गई। यानी करीब 60,000 रुपए की गिरावट।
लोअर सर्किट लगा, ट्रेडिंग रोकी गई
गिरावट इतनी तेज थी कि MCX पर लोअर सर्किट लग गया।
इसका मतलब है कि एक निश्चित सीमा से ज्यादा गिरावट होने पर ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोक दी जाती है।
यह कदम बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए उठाया जाता है।
निवेशकों में हड़कंप, भारी नुकसान
इस अचानक गिरावट से चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है।
खासकर जिन लोगों ने हाल में ऊंची कीमतों पर चांदी खरीदी थी, उन्हें सबसे ज्यादा मार झेलनी पड़ी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट पिछले कुछ दिनों की तेज तेजी के बाद की सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है।
बाजार में हलचल तेज
चांदी की इस गिरावट के बाद पूरे कमोडिटी बाजार में हलचल तेज हो गई है।
व्यापारी और निवेशक अब सोना और अन्य कीमती धातुओं पर भी नजर रख रहे हैं।
बाजार में अनिश्चितता का माहौल है कि आगे क्या होगा।
क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, कई कारण हो सकते हैं:
प्रॉफिट बुकिंग: हाल की तेज तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूली शुरू की।
ओवरवैल्यूएशन: 4.20 लाख तक पहुंचना कई लोगों को ओवरवैल्यूड लगा।
ग्लोबल फैक्टर्स: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सुधार के संकेत मिले।
आम निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि आम निवेशकों को घबराना नहीं चाहिए।
जिनके पास लॉन्ग टर्म निवेश है, वे धैर्य रखें। चांदी की मांग में कोई संरचनात्मक बदलाव नहीं आया है।
हालांकि, जो लोग शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग कर रहे थे, उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है।
अब क्या होगा?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में चांदी में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
अगर गिरावट जारी रही तो 3.20-3.25 लाख का स्तर भी टूट सकता है।
वहीं, अगर खरीदारी बढ़ती है तो रिकवरी भी संभव है।
सोने पर भी असर
चांदी की गिरावट का असर सोने पर भी दिखा। हालांकि सोने में गिरावट उतनी तीव्र नहीं रही।
निवेशक अब सोने को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
कमोडिटी बाजार में अब सभी की नजर अगले कुछ दिनों के ट्रेंड पर है।
मुख्य बातें (Key Points)
- MCX पर चांदी में 15% यानी 60,000 रुपए की गिरावट
- कीमत 4.20 लाख से गिरकर 3.39 लाख रुपए प्रति किलो
- लोअर सर्किट लगा, ट्रेडिंग अस्थायी रूप से रोकी गई
- 29 जनवरी को रिकॉर्ड ऊंचाई, 30 जनवरी को धराशाई
- निवेशकों को भारी नुकसान, बाजार में हड़कंप
- प्रॉफिट बुकिंग और ओवरवैल्यूएशन मुख्य कारण
- विशेषज्ञों की सलाह – लॉन्ग टर्म निवेशक धैर्य रखें








