Navjot Sidhu Poetry Politics की आहट के बीच पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू ने हाल ही में अमृतसर से एक वीडियो साझा कर अपने विरोधियों को शायरी के जरिए कड़ा संदेश दिया है। यह वीडियो ऐसे वक्त सामने आया है, जब 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही हैं। सिद्धू लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन इस वीडियो ने उनके सियासी इरादों पर नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है।
शायरी में छुपा सियासी वार
वीडियो में सिद्धू एक शेर पढ़ते नजर आते हैं, जिसमें वह चेतावनी भरे लहजे में कहते हैं कि हालात बदले तो आग लगाने वाले खुद भी खाक हो जाएंगे। शेर के अंत में उनका यह कहना कि “अब चाल भी बड़ी है और खेल भी खत्म,” सीधे तौर पर विरोधियों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है। यह महज साहित्यिक अंदाज नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेतों से भरी भाषा है।
इंस्टाग्राम वीडियो और सियासी टाइमिंग
यह वीडियो सिद्धू ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर गुरुवार को साझा किया। 2022 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद से वह सक्रिय राजनीति से दूर थे और क्रिकेट कमेंट्री व टीवी कार्यक्रमों तक सीमित दिखे। ऐसे में इस वीडियो की टाइमिंग ने अटकलों को और मजबूत कर दिया है कि सिद्धू फिर से राजनीतिक मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
राजनीति से दूरी, लेकिन संपर्क बरकरार
हाल के महीनों में सिद्धू की राजनीतिक मौजूदगी भले सीमित रही हो, लेकिन वह पूरी तरह गायब नहीं हुए। कभी समर्थकों से मुलाकात तो कभी दिल्ली में प्रियंका गांधी से अचानक भेंट, उनकी सियासी सक्रियता के संकेत देती रही है। अमृतसर और पटियाला में समर्थकों के साथ बैठकों ने भी कांग्रेस के भीतर हलचल पैदा की थी।
2022 की हार और सीएम चेहरे की नाराजगी
2022 के चुनाव से पहले सिद्धू कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे के दावेदार थे, लेकिन पार्टी ने तब चरणजीत सिंह चन्नी को तरजीह दी। सीएम चेहरा न बनाए जाने से सिद्धू खासे नाराज हुए और प्रचार से दूरी बना ली। अमृतसर ईस्ट सीट से चुनाव लड़ने के बावजूद उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने खुद को सक्रिय राजनीति से अलग कर लिया।
कांग्रेस सरकारों में विवादों का इतिहास
2017 से 2022 के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई वाली सरकार में सिद्धू मंत्री रहे, लेकिन उन्होंने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए। मंत्रालय बदले जाने और फिर बगावत तक, सिद्धू लगातार सुर्खियों में रहे। बाद में चन्नी के मुख्यमंत्री बनने पर भी डीजीपी और एडवोकेट जनरल की नियुक्तियों को लेकर उन्होंने खुली आलोचना की।
पत्नी के बयान ने भी बढ़ाई सियासी गर्मी
सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू पहले ही कह चुकी हैं कि अगर कांग्रेस सिद्धू को सीएम चेहरा बनाएगी, तभी वह पूरी तरह राजनीति में लौटेंगे। हालांकि उनके बयानों के चलते कांग्रेस ने उन्हें निलंबित भी किया, और अब उनकी भाजपा से नजदीकियां भी चर्चा में हैं।
विश्लेषण: शायरी नहीं, रणनीति है
यह वीडियो केवल भावनात्मक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा लगता है। सिद्धू ने सीधे किसी का नाम लिए बिना संदेश दे दिया कि वह अभी भी खेल में हैं। 2027 से पहले यह संकेत कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और दिशा को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- नवजोत सिद्धू ने शायरी के जरिए विरोधियों को कड़ा संदेश दिया
- वीडियो की टाइमिंग ने 2027 चुनाव से पहले सियासी अटकलें बढ़ाईं
- 2022 की हार के बाद यह पहला बड़ा सार्वजनिक राजनीतिक संकेत
- कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर फिर चर्चा तेज








