सिद्धू-मजीठिया भिड़े, जमकर हुई तू तू- मैं मैं, जानें पूरा मामला

चंडीगढ़: केंद्रीय कृषि क़ानून को रद्द करने के प्रस्ताव पर पंजाब विधानसभा में ज़बरदस्त हंगामा हो गया है। इसके CM चरणजीत चन्नी ने कहा कि वे सिद्धू साहब को कह रहे हैं। आपका रोम-रोम गंदगी से जुड़ा है। आप नशे से जुड़े हो। आपने भ्रष्टाचार किया है। इसके बाद मजीठिया और अकाली दल के विधायक CM की कुर्सी के पास आ गए। तब तक पीछे से सिद्धू भी उठकर आ गए। जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर तू तू – मैं मैं हुई।

अकाली दल ने हंगामा शुरू कर दिया कि सीएम चन्नी अपने शब्द वापस लें। इसको लेकर हंगामा मचा। जिसके बाद 4 बार सदन स्थगित करना पड़ा। अंत में स्पीकर ने अकाली दल के विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया।
कांग्रेस की तरफ़ से केंद्रीय कृषि क़ानून पर नवजोत सिद्धू बोल रहे थे। जिसके बाद यह पूरी बहस खड़ी हो गई। सिद्धू ने यहां तक कह दिया कि सुखबीर बादल को तो सपने में भी मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग नज़र आते हैं। अगर सुखबीर रात को जागते हैं तो हमारी बहन हरसिमरत कौर बादल कह देती हैं कि सो जाओ नहीं तो राजा वड़िंग आ जाएगा।

मजीठिया ने सिद्धू पर हमला किया कि वो अपनी मां पार्टी भाजपा को छोड़कर आ गए। इस पर सिद्धू ने कहा कि उन्होंने सौतेली मां को इसलिए छोड़ा क्योंकि वह पंजाब के साथ खड़े हैं। सिद्धू ने नशे को लेकर भी मजीठिया पर गंभीर आरोप लगाए। सिद्धू ने डिप्टी सीएम सुखजिंदर रंधावा को कहा कि वो जल्द STF की रिपोर्ट सार्वजनिक करें।

सिद्धू ने की अमरिंदर की तारीफ़

सिद्धू ने पहले सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर के मुद्दे और किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सराहना की। उन्होंने कहा कि कोई अच्छा काम करे तो उसकी सराहना की जानी चाहिए।

काले क़ानून अकाली दल की देन

इसके बाद अकाली दल पर हमला बोलते हुए सिद्धू ने कहा कि काले क़ानून अकाली दल की देन हैं। 2013 में अकाली दल-भाजपा सरकार ने जो पंजाब फार्मिंग एक्ट बनाया था, यह उसी की नक़ल है। इसी वजह से पंजाब सबसे ज़्यादा कर्जाई राज्य बन गया। जब हम पानी पर क़ानून पास कर सकते हैं तो फिर इस मुद्दे पर क़ानून क्यों नहीं पास कर सकते। MSP, APMC और FCI कांग्रेस की ही देन हैं।

अकाली दल भड़का, ‘ठोको ताली मुर्दाबाद’ के नारे लगाए

यह सुनकर अकाली दल भड़क गया। उन्होंने विधानसभा में ‘ठोको ताली-मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। अकाली दल ने कहा कि जब यह क़ानून बने तो उनकी पत्नी भी अकाली-भाजपा सरकार में ही थी। उन्होंने इसका समर्थन किया था। इस बात को लेकर अकाली नेता बिक्रम मजीठिया और नवजोत सिद्धू में तीखी नोंकझोंक हुई। सिद्धू ने कहा कि जल्द ही स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की रिपोर्ट सार्वजनिक हो रही है।

क़ानून पर केंद्र के साथ नहीं

कांग्रेस सरकार ने कहा कि हाई पावर कमेटी में उन्होंने कृषि क़ानून पर केंद्र का साथ नहीं दिया। मनप्रीत बादल और नवजोत सिद्धू ने चुनौती तक दे दी कि अगर विरोधी यह साबित कर दें तो वो इस्तीफ़ा देने को तैयार हैं।

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