Side Effects of Eating Eggs. सर्दियों का मौसम आते ही और बॉडी बनाने की चाहत में लोग अक्सर अपनी डाइट में अंडों की मात्रा बढ़ा देते हैं। ‘संडे हो या मंडे, रोज खाओ अंडे’ वाली कहावत हम बचपन से सुनते आ रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रोटीन का यह सबसे अच्छा स्रोत आपके लिए मुसीबत भी बन सकता है? Health Experts की मानें तो जरूरत से ज्यादा अंडे खाने से न केवल पेट खराब हो सकता है, बल्कि यह गंभीर एलर्जी और खतरनाक बैक्टीरियल इंफेक्शन का कारण भी बन सकता है।
पाचन तंत्र पर बुरा असर
अंडा सेहत के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसकी अति नुकसानदायक है। अगर आप हेल्दी रहने के चक्कर में रोजाना बहुत ज्यादा अंडे खा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। रिपोर्ट के मुताबिक, अत्यधिक अंडे खाने से पाचन तंत्र (Digestive System) बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। कई लोगों को इसे पचाने में दिक्कत होती है, जिससे गैस, पेट दर्द और अपच (Indigestion) जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। जिन लोगों का पेट संवेदनशील है, उन्हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, अगर अंडों को हाई फैट फूड्स के साथ खाया जाए, तो यह गंभीर कब्ज (Constipation) का कारण भी बन सकता है।
एलर्जी का ‘साइलेंट’ अटैक
बहुत कम लोग जानते हैं कि अंडा एक बड़ा एलर्जन (Allergen) भी है। वीडियो में दी गई जानकारी के अनुसार, ज्यादा मात्रा में अंडा खाने से ‘एनाफिलेक्सिस’ (Anaphylaxis) जैसा गंभीर एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है। इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है:
-
पित्ती उछलना, शरीर पर दाने या सूजन।
-
एग्जिमा और त्वचा पर लालिमा।
-
सांस लेने में कठिनाई या सीने में जकड़न।
-
नाक बहना, आंखें लाल होना या पानी आना।
-
चक्कर आना।
अगर अंडे खाने के बाद आपको इनमें से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो इसे सामान्य न समझें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कच्चे अंडे और साल्मोनेला का खतरा
कई लोग बॉडी बनाने के लिए कच्चे या अधपके (Half-fried) अंडे खाना पसंद करते हैं, लेकिन यह आदत आपको अस्पताल पहुंचा सकती है। कच्चे अंडों में Salmonella नामक बैक्टीरिया होने का खतरा होता है। यह बैक्टीरिया आमतौर पर मुर्गियों के जरिए अंडों में फैलता है। अगर अंडा ठीक से पका हुआ नहीं है, तो यह बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकता है, जिससे मतली (Nausea), उल्टी, दस्त और पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विश्लेषण: संतुलन ही है सेहत की चाबी
अंडा निश्चित रूप से पोषण का खजाना है, लेकिन इसे ‘अमृत’ समझकर बेहिसाब खाना समझदारी नहीं है। सर्दियों में शरीर को गर्म रखने के लिए इसका सेवन अच्छा है, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की क्षमता अलग होती है। विशेष रूप से वे लोग जो पहले से ही पाचन संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, उन्हें अपनी डाइट में अंडों की संख्या सीमित रखनी चाहिए। स्वस्थ जीवनशैली का मूल मंत्र ‘अति सर्वत्र वर्जयेत’ (Excess of everything is bad) ही है।
जानें पूरा मामला (Background)
सर्दियों के मौसम में अंडों की खपत अचानक बढ़ जाती है। लोग इसे प्रोटीन और गर्मी का सस्ता स्रोत मानते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स से लेकर घर के बड़े-बुजुर्ग तक इसे खाने की सलाह देते हैं। लेकिन, हालिया स्वास्थ्य चेतावनियों में यह स्पष्ट किया गया है कि बिना अपनी शारीरिक स्थिति को समझे अंडों का अत्यधिक सेवन फायदे की जगह लंबे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
-
ज्यादा अंडे खाने से गैस, पेट दर्द और कब्ज जैसी पाचन समस्याएं हो सकती हैं।
-
अंडों का अधिक सेवन एनाफिलेक्सिस और स्किन एलर्जी का कारण बन सकता है।
-
कच्चे या अधपके अंडे खाने से Salmonella इंफेक्शन का खतरा रहता है।
-
सांस लेने में दिक्कत या चक्कर आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








