धनबाद के जज उत्तम आनंद की संदेहास्पद मौत के मामले में हुआ चौंकाने वाला खुलासा


धनबाद, 23 सितंबर (The News Air)
धनबाद के जज उत्तम आनंद की संदेहास्पद मौत मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मामले की जांच कर रही सीबीआई ने झारखंड हाईकोर्ट को बताया कि ऑटो ड्राइवर ने जानबूझकर जज को टक्कर मारी थी। गुरुवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हमारी टीम हर तरह से इस केस की जांच में जुटी हुई है। इसमें कोई भी एंगल छोड़ा नहीं जाएगा। फ़िलहाल जांच जारी है।

सीबीआई के 20 अफ़सरों की टीम कर रही जांच-सुनवाई के दौरान सीबीआई अधिकारी ने कहा कि इस मामले में पकड़े गए दो आरोपी में से एक तो प्रोफेशनल मोबाइल चोर है। दोनों अपने बार-बार बयान बदल रहे हैं। हालांकि सीबीआई की 20 अफ़सरों की स्पेशल टीम उनसे पूछताछ में जुटी हुई है। अब तक की जांच में पता चल गया है कि जज को ऑटो चालक ने जानबूझकर टक्कर मारी थी। इस घटना के पीछे असली हाथ किस का है, इसका पता लगाया जा रहा है।

पूरी घटना सीसीटीवी में हुई थी क़ैद-दरअसल, जज उत्तम आनंद 28 जुलाई को सुबह क़रीब 5 बजे के आसपास धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर वॉक करने के लिए निकले थे। इसी दौरान सामने से आ रहे एक ऑटो चालक ने जज आनंद को टक्कर मारकर भाग निकला था। पास लगे सीसीटीवी कैमरे में यह घटना क़ैद हो गई थी। जिसमें साफ़ तौर पर देखा जा रहा है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोची-समझी साज़िश के तहत ऑटो से टक्कर मार हत्या की है।बता दें कि टक्कर लगते ही जज सड़क पर गिर गए थे। जिसके बाद राहगीरों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया और कुछ देर बाद ही इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था मामला-बता दें कि यह मामला दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए DGP और CS से मामले की पूरी रिपोर्ट माँगी थी। पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विकास सिंह ने उच्च न्यायलय से न्यायाधीश उत्तम आनंद मर्डर की जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अपराध इस क़दर बढ़ गए हैं कि एक ज़िला जज एवं सत्र न्यायाधीश की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।

शुरूआत में पुलिस ने दो युवकों को किया था गिरफ़्तार-झारखंड पुलिस ने इस मामले में जज की हत्या के एक दिन बाद यानि 29 जुलाई को दो आरोपी राहुल और लखन के युवकों को गिरफ़्तार कर लिया था। घटना में इस्तेमाल ऑटो को भी बरामद कर लिया गया था। जांच के लिए ADG रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया था। इसमें SSP, DIG और SP रैंक के अधिकारियों ने जांच की थी।

सीएम ने की थी सीबीआई की जांच की मांग-बता दें कि मामले में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप करने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 31 जुलाई को सीबीआई की जांच की मांग की थी। साथ ही राज्य के DGP और CS से मामले की पूरी रिपोर्ट माँगी थी। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की।

कई हाईप्रोफाइल केस की कर रहे थे सुनवाई-बता दें कि न्यायाधीश उत्तम आनंद कई हाईप्रोफाइल केस की सुनवाई कर रहे थे। हाला ही में उन्होंने पूर्व विधायक के क़रीबी रंजय हत्याकांड जैसे कई महत्वपूर्ण मामलों में सुनवाई कर रहे थे। वहीं मृतक जज के पिता सदानंद प्रसाद ने बताया था कि ऑटो ने टक्कर जानबूझकर मारी है। कुछ दिन पहले मेरे बेटे ने एक व्यक्ति को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। हो सकता है कि यह लोग मेरे बेटे के पीछे पड़ गए होंगे। वहीं आनंद के भाई सुमन शंभु ने कहा कि सज़ा पाने वाले आरोपियों ने ही खुन्नस के तहत भाई की हत्या करवाई है। क्योंकि उन्होंने दो मामलों में दो सगे भाई समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। पूरे परिवार ने इस घटना की सीबीआई जांच की मांग की थी।

चोरी के ऑटो से मारी गई थी टक्कर-बता दें कि जिस ऑटो से टक्कर मारकर जज की हत्या की गई वह चोरी का ऑटो था। यह ऑटो पाथरडीह निवासी सुगनी देवी के नाम पर दर्ज़ है। पुलिस ने जब उनसे बात की तो उनका कहना है कि एक रात पहले ही उनका ऑटो चोरी हो गया था। इसके बाद पुलिस ज़िले के सभी दबंगों और बदमाशों से पूछताछ कर दो आरोपियों को गिरफ़्तार किया था।


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