Shiromani Akali Dal Mass Contact Program: शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करते हुए बड़ा ऐलान किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में प्रदेश कार्यालय में हुई पत्रकारवार्ता में बताया कि फरवरी माह से पार्टी का मास कॉन्टैक्ट प्रोग्राम शुरू होगा जिसके तहत हलका-वाइज बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने जिला अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ अहम बैठक ली जिसमें 2027 चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
हर हफ्ते चार रैलियों का लक्ष्य
दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि मास कॉन्टैक्ट प्रोग्राम के तहत एक सप्ताह में चार रैलियां आयोजित करने की योजना है और इन रैलियों की तारीखों का ऐलान आने वाले कुछ ही दिनों में कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन रैलियों के दौरान अकाली दल सरकार के समय किए गए विकास कार्यों को जनता के बीच लेकर जाएगा। इसके साथ ही पंजाब में जमीनें बेचने जैसे कथित गलत फैसलों के बारे में भी लोगों को अवगत कराया जाएगा।
जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों की समीक्षा
दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि हाल ही में हुए जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों की जिला और विधानसभा स्तर पर समीक्षा की गई है।
उन्होंने दावा किया कि इन चुनावों में अकाली दल की वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई है जो पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि जनता का भरोसा एक बार फिर पार्टी पर बढ़ रहा है।
10 फरवरी तक संगठनात्मक ढांचा मजबूत करने का आदेश
अकाली नेता ने बताया कि 10 फरवरी तक सर्कल अध्यक्षों की नियुक्ति, जिला कोर कमेटियों और बूथ लेवल कमेटियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा पार्टी के विभिन्न विंग जैसे एससी विंग, बीसी विंग, यूथ विंग, वूमैन विंग और एसओआई की कमेटियों को भी पूरा करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में जीत दर्ज करने वाले और पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान और जिम्मेदारी दी जाएगी।
नगर निगम और म्यूनिसिपल चुनावों की तैयारी शुरू
दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि नगर निगम और म्यूनिसिपल कौंसिल चुनावों की तैयारी शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पार्टी का मानना है कि शहरी निकाय चुनाव 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण परीक्षा होंगे और इसमें अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी है।
सिख संस्थाओं में दखलअंदाजी पर कड़ा रुख
पत्रकारवार्ता के दौरान सिख संस्थाओं को चुनौती देने के मामलों और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब को लेकर कथित आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की गई।
दलजीत सिंह चीमा ने पटना साहिब बोर्ड चुनाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि वहां आठ प्रतिशत नॉन-सिख वोट रजिस्टर कर दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले ऐसा हरियाणा में किया गया और अब अन्य जगहों पर भी किया जा रहा है जो सिख धर्म में सीधा दखल है।
उन्होंने केंद्र सरकार से इस पर रोक लगाने की मांग की।
गठजोड़ पर अभी एक साल का समय
अलायंस को लेकर दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि अभी इसमें लगभग एक साल का समय है और फिलहाल पार्टी अपनी संगठनात्मक मजबूती पर काम कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और किसी भी संभावित गठबंधन से पहले सभी सीटों पर पार्टी की मजबूत वर्किंग कमेटी होना जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान दूसरी क्षेत्रीय पार्टियों को शिअद में मिलाने या फिर उनके साथ गठजोड़ करने पर विचार विमर्श किया गया है। शिरोमणि अकाली दल लगभग पंद्रह साल से सत्ता में नहीं है और भाजपा के साथ भी गठजोड़ अभी नहीं हुआ है।
सेहत बीमा योजना पर उठाए सवाल
अकाली दल ने पंजाब सरकार की सेहत बीमा योजना पर भी सवाल उठाए। दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि यह योजना लोगों पर जबरदस्ती थोपी जा रही है और इसके नाम पर चुनावी डाटा इकट्ठा किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मोबाइल नंबर लेकर चुनाव प्रचार में इस्तेमाल की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के पास इस योजना को चलाने के लिए पर्याप्त धन नहीं है और फार्म पर पार्टी नेता से हस्ताक्षर करवाने की शर्त लोगों का अपमान है।
बेअदबी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
बेअदबी के मुद्दे पर बोलते हुए अकाली दल ने कहा कि वर्ष 2015 से इस संवेदनशील मसले पर राजनीति की जा रही है लेकिन अब तक न तो दोषियों तक पहुंचा गया और न ही बेअदबी को भड़काने वालों को पकड़ा गया।
पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार की एसआईटी जांच भी राजनीतिक मकसद से की गई।
श्री हरिमंदिर साहिब में हाल ही में हुई बेअदबी की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि वहां की मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
आम आदमी पार्टी के वॉर रूम पर निशाना
दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी का वॉर रूम रोज नया नैरेटिव सेट करता है। कभी छापेमारी का मुद्दा, कभी बेअदबी और कभी आपराधिक मामलों का मुद्दा उठाया जाता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सरकार की कार्रवाई इतनी प्रभावी है तो सरहिंद में बम ब्लास्ट कैसे हो गया। इससे साफ है कि कानून व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है।
सुखबीर बादल की अध्यक्षता में हुई बैठक
2027 विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियों में जुटे शिरोमणि अकाली दल ने चंडीगढ़ में अहम बैठक की। बैठक में जिला अध्यक्ष और ब्लॉक अध्यक्षों को बुलाया गया।
सुखबीर सिंह बादल ने यह बैठक ली और पूरी कोर कमेटी के सदस्य व अन्य नेता बैठक में शामिल होने पहुंचे। पूर्व कैबिनेट मंत्री गुलजार सिंह रणीके भी बैठक में मौजूद रहे।
शिअद नेताओं का कहना है कि बैठक के दौरान जिला अध्यक्षों से उनके एरिया की फीडबैक लेने के साथ-साथ अगली रणनीति पर चर्चा हुई है।
पंजाब में बदलेगा राजनीतिक समीकरण?
शिरोमणि अकाली दल का यह कदम 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की गंभीरता को दर्शाता है। लगभग पंद्रह साल से सत्ता से बाहर रहने के बाद पार्टी अब जमीनी स्तर पर मजबूती पर जोर दे रही है। मास कॉन्टैक्ट प्रोग्राम और हलका-वाइज रैलियां पार्टी को आम जनता से सीधे जोड़ने का प्रयास है। हालांकि गठजोड़ का सवाल अभी भी अनुत्तरित है और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्षेत्रीय पार्टियों के साथ बातचीत का क्या नतीजा निकलता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- शिरोमणि अकाली दल ने फरवरी से मास कॉन्टैक्ट प्रोग्राम शुरू करने का ऐलान किया है जिसमें हर हफ्ते चार हलका-वाइज रैलियां होंगी
- 10 फरवरी तक सर्कल अध्यक्षों की नियुक्ति, जिला कोर कमेटियों और बूथ लेवल कमेटियों के गठन के निर्देश दिए गए हैं
- पार्टी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और गठजोड़ पर अभी एक साल का समय है
- सेहत बीमा योजना पर डाटा इकट्ठा करने और बेअदबी के मुद्दे पर सरकार को घेरा गया








