Shashi Tharoor Role in Anti-Terrorism Delegation : शशि थरूर (Shashi Tharoor) को लेकर एक बार फिर राजनीति गर्मा गई है। जहां एक ओर कांग्रेस (Congress) पार्टी ने उन्हें ‘लक्ष्मण रेखा’ पार करने पर निशाने पर लिया है, वहीं दूसरी ओर मोदी सरकार (Modi Government) उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर अहम जिम्मेदारी देने की तैयारी में है। खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की असलियत दुनिया के सामने उजागर करने की योजना बना रही है, जिसमें थरूर की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) से सांसद शशि थरूर विदेश मामलों पर संसदीय पैनल के प्रमुख हैं और सरकार चाहती है कि वे इस बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करें, जो अमेरिका समेत कई देशों में जाकर पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करेगा। सूत्रों के मुताबिक, थरूर खुद भी इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के इच्छुक हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार को पहले इस संबंध में कांग्रेस पार्टी से औपचारिक बातचीत करनी चाहिए।
इस प्रतिनिधिमंडल में विभिन्न राजनीतिक दलों के पांच से छह सांसद शामिल होंगे। इनके साथ विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के एक अधिकारी और एक अन्य सरकारी अफसर भी रहेंगे। इन सभी को पासपोर्ट और जरूरी दस्तावेज तैयार रखने के निर्देश दे दिए गए हैं। इस यात्रा का समन्वय विदेश मंत्रालय करेगा, और संभावना है कि यह दौरा 22 मई के आसपास शुरू होकर 3 या 4 जून तक चलेगा।
प्रतिनिधिमंडल में जिन नेताओं के नाम शामिल हो सकते हैं, उनमें कांग्रेस के मनीष तिवारी (Manish Tiwari), अमर सिंह (Amar Singh), शिवसेना यूबीटी की प्रियंका चतुर्वेदी (Priyanka Chaturvedi), बीजेपी के समिक भट्टाचार्य (Samik Bhattacharya), बीजेडी के सस्मित पात्रा (Sasmit Patra), शिवसेना के श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde) और एनसीपी-शरद पवार गुट की सुप्रिया सुले (Supriya Sule) के नाम प्रमुख हैं।
हालांकि कांग्रेस के भीतर थरूर को लेकर नाराज़गी बरकरार है। पार्टी के सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि थरूर ने भारत और पाकिस्तान से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर बयान देते समय पार्टी लाइन को पार कर दिया है। पार्टी ने अपने नेताओं को निर्देश दिया है कि वे ऐसे मामलों पर व्यक्तिगत राय रखने के बजाय पार्टी की आधिकारिक राय ही रखें। इस विवाद के बीच थरूर ने सफाई देते हुए कहा है कि उन्हें इस पूरी खबर की जानकारी सिर्फ मीडिया के माध्यम से मिली है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।








