SGPC Golden Temple Police Detention : अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में शुक्रवार को परिक्रमा कर रहे 2 युवकों को तरनतारन की CIA टीम ने हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) भड़क गई। SGPC की टास्क फोर्स ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 2 पुलिस कर्मचारियों को पकड़कर कमरा नंबर 50 में बंद कर दिया। SGPC के मुताबिक पुलिस ने कार्रवाई करने से पहले उन्हें सूचना नहीं दी, इसके विरोध में 2 पुलिस कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने बिना सूचना दिए युवकों को उठाया
सूत्रों के अनुसार, गोल्डन टेंपल परिसर में परिक्रमा कर रहे 2 युवकों को तरनतारन की CIA टीम ने अचानक हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से SGPC नाराज हो गई क्योंकि पुलिस ने न तो SGPC को पूर्व सूचना दी और न ही स्थानीय गलियारा चौकी को कोई जानकारी दी। SGPC का कहना है कि श्री दरबार साहिब एक पवित्र स्थल है जहां देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। यदि पुलिस को किसी व्यक्ति की तलाश हो या उसे गिरफ्तार करना हो, तो इसकी जानकारी पहले शिरोमणि कमेटी को देना जरूरी है।
SGPC टास्क फोर्स ने 2 पुलिसकर्मी पकड़े – कमरा नंबर 50 में बंद किए
पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में SGPC की टास्क फोर्स ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 2 पुलिस कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें कमरा नंबर 50 में बंद कर दिया। SGPC ने स्पष्ट किया कि जब तक पुलिस विभाग के सीनियर अधिकारी इस पूरी कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी नहीं देते, तब तक इन दोनों पुलिस कर्मचारियों को नहीं छोड़ा जाएगा। SGPC के इस कदम से दरबार साहिब परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। अमृतसर में SGPC दफ्तर के बाहर तरनतारन पुलिस की स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी देखी गई।
SGPC बोली – बिना पूछे पवित्र स्थल से उठाने की अनुमति नहीं
SGPC पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे कानून का सहयोग करती है। लेकिन बिना पूछताछ या पूर्व सूचना के पवित्र स्थल से किसी को भी इस तरह उठाकर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। SGPC का कहना है कि तरनतारन पुलिस ने न तो SGPC को भरोसे में लिया और न ही स्थानीय गलियारा चौकी को कोई सूचना दी। यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। श्री दरबार साहिब में कोई भी कार्रवाई करने से पहले SGPC को जानकारी देना आवश्यक है क्योंकि इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं और पवित्र स्थल की शांति भंग हो सकती है।
दरबार साहिब परिसर में तनावपूर्ण स्थिति
इस घटना के बाद दरबार साहिब परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। SGPC टास्क फोर्स ने 2 पुलिस कर्मचारियों को बंद कर दिया था और उन्हें तब तक रिहा नहीं करने का फैसला लिया था जब तक सीनियर अधिकारी स्पष्टीकरण नहीं देते। पुलिस और SGPC के बीच यह टकराव काफी गंभीर हो गया था। श्रद्धालुओं के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा होने लगी। गोल्डन टेंपल जैसे पवित्र और संवेदनशील स्थल पर पुलिस और SGPC के बीच यह विवाद चिंता का विषय बन गया।
सीनियर अधिकारियों के बात करने के बाद रिहा किए गए पुलिसकर्मी
जब स्थिति गंभीर हो गई तो पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने SGPC के पदाधिकारियों से संपर्क साधा। दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और जानकारी साझा करने के बाद SGPC ने पुलिस कर्मचारियों को छोड़ दिया। रिहा होने के बाद दोनों पुलिस कर्मचारी अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सीनियर अधिकारियों ने SGPC को क्या आश्वासन दिया और इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी। लेकिन फिलहाल तनाव कम हो गया है और दोनों पक्ष सामान्य स्थिति में आ गए हैं।
तरनतारन पुलिस की CIA टीम क्यों आई थी गोल्डन टेंपल?
यह स्पष्ट नहीं है कि तरनतारन पुलिस की CIA टीम किस मामले में इन दोनों युवकों को गिरफ्तार करने आई थी। CIA (Crime Investigation Agency) आमतौर पर गंभीर अपराधों की जांच करती है। संभव है कि ये दोनों युवक किसी केस में वांटेड थे या उनके खिलाफ कोई वारंट जारी था। लेकिन पुलिस ने इस बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है। जो भी हो, पुलिस की यह कार्रवाई SGPC के प्रोटोकॉल के खिलाफ थी जिसके कारण यह विवाद हुआ।
SGPC और पुलिस के बीच प्रोटोकॉल का मुद्दा
यह पहली बार नहीं है जब गोल्डन टेंपल परिसर में पुलिस कार्रवाई को लेकर SGPC और पुलिस के बीच मतभेद हुए हैं। SGPC का स्पष्ट रुख है कि श्री दरबार साहिब के परिसर में कोई भी कार्रवाई करने से पहले उन्हें जानकारी देना जरूरी है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि अपराधियों को गिरफ्तार करना उनका कर्तव्य है और वे अपना काम करते हैं। लेकिन ऐसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर दोनों पक्षों को आपसी समझदारी से काम करना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत ना हों।
गोल्डन टेंपल परिसर में सुरक्षा और मर्यादा
गोल्डन टेंपल सिख समुदाय का सबसे पवित्र स्थल है जहां रोजाना लाखों श्रद्धालु आते हैं। SGPC का कहना सही है कि यहां किसी भी तरह की कार्रवाई सोच-समझकर और पूर्व सूचना के साथ होनी चाहिए। अचानक कार्रवाई से श्रद्धालुओं के बीच भगदड़ या अफरा-तफरी की स्थिति बन सकती है। साथ ही, पवित्र स्थल की मर्यादा भी बनी रहनी चाहिए। इसलिए पुलिस और SGPC को मिलकर एक स्पष्ट प्रोटोकॉल बनाना चाहिए जिससे ऐसी स्थितियां भविष्य में ना आएं।
मुख्य बातें (Key Points)
- गोल्डन टेंपल में परिक्रमा कर रहे 2 युवकों को तरनतारन CIA टीम ने उठाया
- बिना सूचना दिए कार्रवाई करने पर SGPC भड़की
- SGPC टास्क फोर्स ने 2 पुलिसकर्मी पकड़कर कमरा नंबर 50 में बंद किए
- SGPC बोली – पवित्र स्थल से बिना पूर्व सूचना के उठाने की अनुमति नहीं
- दरबार साहिब परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी
- पुलिस सीनियर अधिकारियों की बातचीत के बाद पुलिसकर्मी रिहा
- SGPC ने तरनतारन पुलिस पर प्रोटोकॉल उल्लंघन का आरोप लगाया








