SGPC Action Satinder Singh Kohli Case. पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने के मामले में एक नया और गंभीर मोड़ आ गया है। पंजाब पुलिस द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व ऑडिटर और Shiromani Akali Dal (SAD) प्रमुख Sukhbir Singh Badal के बेहद करीबी माने जाने वाले Satinder Singh Kohli की गिरफ्तारी के बाद अब SGPC की अपनी ही कानूनी कार्रवाई पर सवालिया निशान लग गए हैं। आरोप लग रहे हैं कि क्या SGPC वास्तव में कार्यवाही कर रही है या यह महज एक दिखावा है?
गिरफ्तारी के बाद ‘हितों के टकराव’ का खुलासा
हाल ही में पंजाब पुलिस ने 328 पावन स्वरूपों के गबन और लापता होने के मामले में मुख्य आरोपी और चार्टर्ड अकाउंटेंट Satinder Singh Kohli को गिरफ्तार किया है। लेकिन इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस गिरफ्तारी ने SGPC द्वारा कोहली के खिलाफ चलाए जा रहे रिकवरी केस (Recovery Case) पर ‘संदेह के बादल’ खड़े कर दिए हैं।
मामला यह है कि SGPC ने कोहली से करोड़ों रुपये की वसूली के लिए 2021 में एक केस दायर किया था। यह केस गुरुद्वारा चुनाव आयोग (Gurdwara Election Commission) के पास पेंडिंग है। विवाद का मुख्य कारण यह है कि इस आयोग के चेयरमैन Satnam Singh Kler हैं, जो खुद अकाली दल (SAD) के लीगल विंग के प्रमुख रह चुके हैं और अकाली दल के वफादार माने जाते हैं।
आरोपी भी अकाली, जज भी अकाली?
इस मामले में ‘हितों का टकराव’ (Conflict of Interest) साफ दिखाई दे रहा है।
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आरोपी: सत्यिंदर सिंह कोहली (सुखबीर बादल का करीबी)।
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अभियोजक (Prosecutor): SGPC (जिस पर अकाली दल का वर्चस्व माना जाता है)।
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जज (Authority): सतनाम सिंह क्लेर (जो अकाली दल के लीगल विंग के पूर्व प्रमुख हैं)।
आलोचकों का कहना है कि यह एक ‘फिक्स्ड मैच’ जैसा लग रहा है, क्योंकि 2021 से अब तक इस रिकवरी केस में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। सतनाम सिंह क्लेर वही शख्स हैं जिन्होंने पूर्व डीजीपी Sumedh Singh Saini का केस भी लड़ा था, जिस पर सिखों ने उनसे माफी मांगने की मांग की थी।
10 करोड़ की रिकवरी और 11 साल का फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि Satinder Singh Kohli की फर्म ‘एसएस कोहली एंड एसोसिएट्स’ को 2009 में SGPC ने ऑडिट और खातों के कंप्यूटराइजेशन के लिए रखा था। आरोप है कि उन्होंने 11 साल तक बिना काम किए SGPC से करीब 10 करोड़ रुपये वसूले और ऑडिट न होने के कारण ही 328 पावन स्वरूपों के लापता होने का मामला दबा रहा। 2020 में अकाल तख्त के आदेश पर उनकी सेवाएं समाप्त की गई थीं, लेकिन रिकवरी की प्रक्रिया अब भी ठंडे बस्ते में है।
विश्लेषण: धर्म और राजनीति का खतरनाक मिश्रण
पंजाब की पंथक राजनीति में यह मामला एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे धार्मिक संस्थाओं के कामकाज में राजनीतिक दखलअंदाजी न्याय की प्रक्रिया को बाधित करती है। जब वादी, प्रतिवादी और न्यायकर्ता तीनों के तार एक ही राजनीतिक दल से जुड़े हों, तो निष्पक्ष जांच की उम्मीद करना बेमानी लगता है। 328 स्वरूपों का मामला सिख भावनाओं से जुड़ा है, और ऐसे में SGPC की यह ‘सुस्त’ कानूनी लड़ाई उसकी विश्वसनीयता पर गहरा धब्बा लगा रही है। पुलिस की गिरफ्तारी के बाद अब SGPC पर नैतिक दबाव है कि वह इस ‘मैच फिक्सिंग’ के आरोपों का जवाब दे।
मुख्य बातें (Key Points)
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Punjab Police ने सुखबीर बादल के करीबी Satinder Singh Kohli को गिरफ्तार किया।
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SGPC द्वारा दायर रिकवरी केस Satnam Singh Kler की कोर्ट में 2021 से पेंडिंग है।
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सतनाम सिंह क्लेर और सत्यिंदर सिंह कोहली, दोनों के तार Shiromani Akali Dal से जुड़े हैं।
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कोहली पर ऑडिट में लापरवाही और करोड़ों रुपये की अवैध कमाई का आरोप है।








