Scrap Policy: पुरानी कार-बाइक चलाना पड़ेगा महंगा, जानें किया है नए नियम

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (The News Air)

केंद्र सरकार ( central government) लगातार सड़कों पर सुरक्षा के साथ वाहनों की रफ्तार बढ़ाने की कवायद में जुटी है। देश में तेजी से सपाट सड़कों का निर्माण जारी है। ट्रैफिक ( traffic) पर दवाब कम करने के लिए ओव्हर ब्रिज, सपोर्टिंग ब्रिज बनाए गए हैं। वहीं सरकार पुराने वाहनों को रिटायर करने की दिशा में कई नियमों में बदलाव कर रही है। सरकार की मंशा है कि 15 साल से पुराने वाहन सड़कों पर से जल्द से जल्द हटाए जाएं। इसके लिए सरकार ने वाहन नवीनीकरण शुल्क में भारी वृद्धि कर दी है, देखिए विभिन्न वाहनों पर  अब कितना चुकाना होगा नवीनीकरण शुल्क…

scrap policy  5 thousand rupees will have to be given instead of 600 rupees for vehicle renewal

अगले वित्त वर्ष से लागू हो रहा नियम
नए नियमों के मुताबिक व्हीकल ओनर  को अपनी 15 साल से पुरानी कार के रजिस्ट्रेशन के रिन्युल के लिए अगले वित्त वर्ष यानि 1 अप्रैल से 5,000 रुपये का भुगतान करना होगा, ये वर्तमान शुल्क से आठ गुना अधिक है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ( Ministry of Road Transport and Highways) ने पुराने वाहनों के रजिस्ट्रेशन के रिन्युल सर्टिफिकेट के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नया नियम नेशनल स्क्रेप पॉलिसी का ही हिस्सा है। (FILE  PHOTO)

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 मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी वाहन कबाड़ नीति के तहत स्क्रैपिंग सेंटर (scraping center) स्थापति किए जा रहे हैं। सरकार की मंशा है कि भारत की सड़कों से जल्द से जल्द कंडम गाड़ियां हटा दी जाएं। इससे प्रदूषण पर भी नियंत्रण होगा साथ ही सड़कों पर रेंगने वाली गाड़ियों की समस्या से भी निजात मिलेगी। (FILE PHOTO)

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आठ गुना अधिक चार्ज
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक 15 साल से पुराने बस या ट्रक के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट के रिन्युल पर वर्तमान में कमर्शियल व्हीकल के मालिकों की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक चार्ज देना होगा। (FILE  PHOTO)

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रजिस्ट्रेशन के रिन्युल शुल्क 5 हजार 
15 साल पुरानी कार के रजिस्ट्रेशन के रिन्युल का शुल्क मौजूदा 600 रुपये के मुकाबले 5,000 रुपये होगा। वहीं, पुरानी बाइक के रजिस्ट्रेशन के रिन्युल का शुल्क मौजूदा 300 रुपये की तुलना में 1,000 रुपये होगा।  (FILE  PHOTO)

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import car पर देना होगा 40 हजार का शुल्क
15 साल से अधिक पुराने बस या ट्रक के लिए फिटनेस रिन्युल सर्टिफिकेट  का वर्तमान शुल्क 1,500 रुपये की जगह 12,500 रुपये हो जाएगा। वहीं मंझोले मालवाहक या यात्री मोटर वाहन के मामले में यह शुल्क 10,000 रुपये तय किया गया है। इम्पोर्ट की गई बाइक और कारों के रजिस्ट्रेशन का रिन्युल कराने पर  बाइक के लिए 10,000 रुपये और कार के लिए 40,000 रुपये खर्च करने होंगे।  (FILE  PHOTO)

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हर दिन की देरी पर 50 रुपए का शुल्क
केंद्र सरकार के इस नोटिफिकेशन में फिटनेस सर्टिफिकेट की डेट एक्सपायर होने के बाद हर दिन की देरी के लिए 50 रुपये का एडीशनल चार्ज भी देना होगा। नोटिफिकेशन  के अनुसार, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के रिन्युल के लिए एप्लीकेशन में देरी के मामले में प्रायेवट व्हीकल से हर महीने की देरी के लिए 300 रुपये लगेंगे। कमर्शियल वाहनों से  में हर महीने की देरी के लिए 500 रुपये का एडिशनल चार्ज देना होगा।  (FILE  PHOTO)

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स्क्रैप पॉलिसी जून 2024 से कर दी जाएगी लागू
सरकार जगह- जगह  स्क्रैपिंग सेंटर के लिए लायसेंस जारी करेगी।  स्क्रैपिंग सेंटर (आरवीएसएस) की निगरानी भी की जाएगी । राज्य के परिहवन आयुक्त इसका सुपरविजन करेंगे। सेंटर पर  15 साल पुराने व्यवसायिक वाहनों और 20 साल पुराने प्रायवेट व्हीकल को स्क्रैप किया जाएगा।

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स्क्रैप नीति

स्क्रैपिंग पॉलिसी से आएगा हजारों करोड़ का  इंवेस्टमेंट
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्क्रैपिंग पॉलिसी से इस इंडस्ट्री में 10,000 करोड रुपये का इंवेस्टमेंट आएगा। इससे लाखों रोजगार के मौके सृजित होंगे। वहीं नियमानुसार पुराने वाहन को स्क्रेप कराने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा, इसे  दिखाकर नई गाड़ी खरीदने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ हो जाएगा और रोड टैक्स में भी डिस्काउंट दिया जायेगा। इससे गाड़ी मालिक  को पुरानी गाडी का मैंटेनेंस कॉस्ट, रिपेरिंग कॉस्ट और कम माइलेज से होने वाले नुकसान से छुटकारा मिलेगा।  (FILE  PHOTO)

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