Sanskrit Subhashit के माध्यम से 19 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राष्ट्र-निर्माण में निरंतर प्रयास और परिश्रम की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रयास रुक जाए तो जो हासिल किया गया है, वह भी नष्ट हो सकता है, जबकि सतत प्रयास से ही सफलता और समृद्धि सुनिश्चित होती है।
प्रधानमंत्री का यह संदेश भारतीय परंपरा के कालजयी ज्ञान को आज के समय से जोड़ता हुआ नजर आया, जिसमें कर्म और निरंतरता को जीवन की मूल शक्ति बताया गया।
संस्कृत श्लोक के जरिए स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री ने भारतीय दर्शन का उल्लेख करते हुए यह संस्कृत सुभाषित साझा किया—
“अनुत्थाने ध्रुवो नाशः प्राप्तस्यानागतस्य च।
प्राप्यते फलमुत्थानाल्लभते चार्थसम्पदम्॥”
इस श्लोक के माध्यम से उन्होंने यह बताया कि प्रयास के अभाव में वर्तमान उपलब्धियां भी हाथ से निकल सकती हैं और भविष्य के अवसर भी नष्ट हो जाते हैं।

राष्ट्र-निर्माण से जोड़ा प्रयास का अर्थ
प्रधानमंत्री ने अपने विचारों में कहा कि राष्ट्र-निर्माण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से आगे बढ़ता है। उन्होंने संकेत दिया कि व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक और राष्ट्रीय स्तर तक, सफलता का आधार लगातार किया गया प्रयास ही है।
एक्स पर साझा किया विचार
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने यह संस्कृत श्लोक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि निरंतर प्रयास से ही वांछित परिणाम मिलते हैं और समृद्धि सुनिश्चित होती है। उनका यह संदेश खासतौर पर युवाओं और कार्यशील वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।
आम जीवन पर असर
प्रधानमंत्री का यह संदेश आम लोगों को यह याद दिलाता है कि पढ़ाई, नौकरी, व्यापार या किसी भी लक्ष्य में रुकना नुकसानदेह हो सकता है। निरंतर प्रयास न केवल सफलता दिलाता है, बल्कि पहले से मिली उपलब्धियों को भी सुरक्षित रखता है।
विश्लेषण
ऐसे समय में जब त्वरित परिणाम की अपेक्षा बढ़ती जा रही है, प्रधानमंत्री द्वारा प्रयास और धैर्य पर दिया गया जोर भारतीय सोच की गहराई को सामने लाता है। यह संदेश केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक भी है, जो व्यक्ति और समाज दोनों के लिए मार्गदर्शक बनता है।
जानें पूरा मामला
19 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री ने भारतीय परंपरा के ज्ञान को सामने रखते हुए एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरंतर प्रयास से ही सफलता और समृद्धि मिलती है, जबकि प्रयास रुकने पर उपलब्धियां भी नष्ट हो सकती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- 19 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री का प्रेरक संदेश
- संस्कृत सुभाषित के जरिए प्रयास का महत्व बताया
- निरंतर परिश्रम को सफलता की कुंजी बताया
- राष्ट्र-निर्माण से जोड़ा गया प्रयास का विचार
- आम जीवन के लिए व्यावहारिक संदेश








