Sangrur Murder Case : पंजाब के संगरूर जिले में सामने आए दोहरे हत्या मामले में जिला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना दिर्बा क्षेत्र में मां-बेटी की संदिग्ध सड़क हादसे में मौत के पीछे सगे भाई की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी ने अपनी मां और बहन की हत्या कर शवों को कार में रखकर एक्सीडेंट का रूप दिया और सबूत मिटाने के लिए वाहन में आग लगा दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
स्थानीय रेस्ट हाउस में मामले की जानकारी देते हुए पंजाब के वित्त एवं योजना मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि 17 जनवरी 2026 को सूचना मिली थी कि सरबजीत कौर (35), निवासी गांव मोड़ां, जो पंजाब पुलिस की सीआईडी यूनिट दिर्बा में ड्यूटी पर तैनात थीं, अपनी मां इंदरजीत कौर (55) को रिश्तेदारी में गांव भाई की पिशोर छोड़ने के लिए कार से निकली थीं। रास्ते में सूलर घराट से गांव छाहर जाने वाली सड़क पर उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया और वाहन में आग लग गई, जिससे दोनों की मौत हो गई। कार के अंदर से मां-बेटी के कंकाल बरामद हुए थे।
संदेह के बाद शुरू हुई तकनीकी जांच
घटना को लेकर जब परिस्थितियां संदिग्ध लगीं, तो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा नंबर 15 दिनांक 17.01.2026 धारा 281, 106, 324(5) बीएनएस के तहत थाना दिर्बा में दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कप्तान पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) संगरूर श्री दविंदर अत्री के मार्गदर्शन में उप कप्तान पुलिस सब-डिवीजन दिर्बा श्रीमती रुपिंदर कौर की निगरानी में विशेष जांच टीमें गठित की गईं। सीआईए संगरूर और थाना दिर्बा की टीमों ने तकनीकी और वैज्ञानिक तरीकों से जांच आगे बढ़ाई।
भाई निकला साजिशकर्ता, हत्या की कबूलोक्ति
जांच के दौरान 23 जनवरी 2026 को पुलिस ने गुरप्रीत सिंह पुत्र करनैल सिंह, निवासी मोड़ां को नामजद कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि उसने 16/17 जनवरी की मध्यरात्रि के बीच अपनी बहन सरबजीत कौर और मां इंदरजीत कौर की हत्या कर दी थी। इसके बाद शवों को कार में रखकर वाहन को पेड़ से टकराया, पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी और मौके से फरार हो गया, ताकि हत्या को सड़क हादसे का रूप दिया जा सके।
धाराएं बदलीं, रिमांड पर आरोपी
मामले में सच्चाई सामने आने के बाद पहले दर्ज की गई धारा 281 और 106 बीएनएस को हटाकर अब धारा 103 बीएनएस जोड़ी गई है। आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर आगे पूछताछ की जा रही है, जिससे और अहम खुलासे होने की संभावना जताई गई है।
सरकार का सख्त संदेश
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में ऐसे घिनौने अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार और Punjab Police यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगी कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, यहां तक कि मौत की सजा दिलाने की दिशा में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर कप्तान पुलिस (इन्वेस्टिगेशन) संगरूर श्री दविंदर अत्री, उप कप्तान पुलिस दिर्बा श्रीमती रुपिंदर कौर, इंस्पेक्टर संदीप सिंह (इंचार्ज सीआईए संगरूर), इंस्पेक्टर कमलजीत सिंह (थाना प्रभारी दिर्बा) सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
17 जनवरी 2026 को संगरूर जिले में मां-बेटी की मौत को सड़क हादसा माना गया था। कार में आग लगने और शवों के पूरी तरह जल जाने के कारण मामला जटिल हो गया था। हालांकि पुलिस ने शुरुआती जांच में ही संदेह जताते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई, जिससे इस जघन्य दोहरे हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ।
मुख्य बातें (Key Points)
- संगरूर में मां-बेटी की हत्या को एक्सीडेंट बताया गया था
- सगे भाई ने हत्या कर कार में आग लगाने की साजिश रची
- पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपी को गिरफ्तार किया
- बीएनएस की धारा 103 जोड़ी गई, आरोपी रिमांड पर






