Sakat Chauth Vrat : माघ मास की कृष्णपक्ष चतुर्थी को मनाया जाने वाला सकट चौथ इस वर्ष 6 जनवरी को रखा जाएगा। यह पर्व संभल समेत ग्रामीण इलाकों में खास उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत से संतान पर आने वाले संकट दूर होते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। चंद्र देव का उदय रात 8:59 बजे होगा, जिसके बाद महिलाएं चंद्र दर्शन कर व्रत का पारण करेंगी।

सकट चौथ के नाम और धार्मिक महत्व
ज्योतिषाचार्य Pandit Shobhit Shastri के अनुसार, हिंदू धर्म में सकट चौथ को तिलवा चौथ, तिल-कुटा चौथ, माघी चौथ और वक्र-तुंडि चतुर्थी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से परिवार में बाधाएं दूर होती हैं और संतान के लिए मंगल कामनाएं पूर्ण होती हैं।
तिथि और चंद्र उदय का समय
पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण चतुर्थी 6 जनवरी सुबह 8:01 बजे से शुरू होकर 7 जनवरी सुबह 6:52 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार व्रत 6 जनवरी को ही रखा जाएगा। रात 8:59 बजे चंद्र उदय के बाद ही पारण किया जाएगा।
तिल का विशेष महत्व और पूजा विधि
सकट चौथ को तिलकुटा चौथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि पूजा में तिल का विशेष महत्व है। तिल से बना भोग अर्पित किया जाता है। महिलाएं पूजा स्थल पर तिल का पहाड़ बनाती हैं, जिसे जीवन की बाधाओं का प्रतीक माना जाता है। चांदी के सिक्के से तिल-पहाड़ को बीज से काटकर संतान की मंगल कामना की जाती है।

अर्घ देने के नियम और सावधानियां
अर्घ देते समय सबसे बड़ी गलती जल की धार का सीधे पैरों पर गिरना है, जिसे अशुभ माना जाता है। हमेशा ऊंचे स्थान पर खड़े होकर अर्घ दें या नीचे थाली/गमला रखें ताकि छींटे पैरों पर न पड़ें।
शास्त्रों के अनुसार:
- तांबे के पात्र में केवल शुद्ध जल और तिल डालें।
- जल में दूध मिलाना हो तो चांदी, पीतल या कांसे के लोटे का उपयोग करें।
- पैरों के नीचे आसन रखें, जूते-चप्पल पहनकर अर्घ न दें।
- अर्घ में सफेद तिल, अक्षत, सफेद फूल और थोड़ा दूध अवश्य मिलाएं।
आम लोगों पर असर
यह व्रत परिवारों को आस्था और संयम के साथ जोड़ता है। विशेषकर माताओं के लिए यह दिन मानसिक शांति और आशा का प्रतीक माना जाता है, जिससे पारिवारिक सौहार्द मजबूत होता है।
जानें पूरा मामला
सकट चौथ का व्रत सकट माता की आराधना के साथ किया जाता है और मान्यता है कि इस दिन की विधि-विधान से पूजा करने पर बाधाएं दूर होती हैं। चंद्र दर्शन के बाद पारण की परंपरा इस व्रत का अहम हिस्सा है।
मुख्य बातें (Key Points)
- सकट चौथ व्रत 6 जनवरी को रखा जाएगा
- चंद्र उदय रात 8:59 बजे, तभी पारण
- पूजा में तिल का विशेष महत्व
- अर्घ देते समय नियमों का पालन जरूरी








