SAIL RITES MoU : देश की महारत्न और सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख स्टील उत्पादक कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने नवरत्न उपक्रम राइट्स लिमिटेड के साथ डीजल लोकोमोटिव की लीजिंग और रखरखाव के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी सेल के संयंत्रों और खानों में लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को और मजबूत बनाएगी। साथ ही परिचालन दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देगी।
सेल के कार्यपालक निदेशक (प्रचालन) श्री पी.के. बैसाखिया और राइट्स के कार्यपालक निदेशक (तकनीकी सेवाएं) श्री संदीप जैन ने दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
सेल का ‘मिनी रेल नेटवर्क’ बेहद अहम
सेल अपने सभी संयंत्रों और खदानों में एक विशेष ‘मिनी रेल नेटवर्क’ चलाता है। यह नेटवर्क कच्चे माल को लाने, प्रोसेसिंग के दौरान माल ढुलाई और तैयार उत्पादों को भेजने के लिए बेहद जरूरी है।
इस रेल नेटवर्क में डीजल लोकोमोटिव का लगातार इस्तेमाल होता है। इन लोकोमोटिव का सही रखरखाव न केवल मौजूदा उत्पादन के लिए बल्कि भविष्य में क्षमता बढ़ाने की योजनाओं के लिए भी जरूरी है। वेट-लीज्ड लोकोमोटिव यानी किराए पर लिए गए इंजनों की देखभाल भी इस समझौते में शामिल है।
राइट्स की विशेषज्ञता होगी फायदेमंद
भारतीय रेलवे तेजी से इलेक्ट्रिक इंजनों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में डीजल लोकोमोटिव के रखरखाव में माहिर लोगों की कमी होती जा रही है। राइट्स के पास डीजल इंजनों के संचालन और रखरखाव का दशकों का अनुभव है।
राइट्स को भारतीय रेलवे की सुविधाओं, स्पेयर पार्ट्स और कुशल कर्मचारियों तक आसान पहुंच है। यह सेल की जरूरतों को पूरा करने और नेटवर्क को सुचारू रखने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
इन क्षेत्रों में मिलेगा फायदा
परिचालन में सुधार: यह साझेदारी दोनों कंपनियों को अपने मुख्य काम पर ध्यान देने में मदद करेगी। सेल स्टील बनाने में और राइट्स लोकोमोटिव के रखरखाव में अपनी विशेषज्ञता का पूरा इस्तेमाल कर सकेंगे।
लागत में कमी: संयुक्त संचालन से खर्च घटेगा। संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और रखरखाव की लागत भी कम आएगी।
पर्यावरण संरक्षण: अच्छे रखरखाव से डीजल इंजन कम धुआं छोड़ेंगे। इससे कार्बन फुटप्रिंट कम होगा और पर्यावरण को फायदा होगा।
विश्वसनीयता बढ़ेगी: राइट्स की विशेषज्ञता से लोकोमोटिव के खराब होने की घटनाएं कम होंगी। उत्पादन में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी।
सेल के बारे में
सेल भारत की सबसे बड़ी स्टील बनाने वाली सरकारी कंपनी है। इसके देशभर में पांच बड़े स्टील प्लांट हैं – भिलाई (छत्तीसगढ़), बोकारो (झारखंड), राउरकेला (ओडिशा), दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) और इस्को (झारखंड)।
कंपनी विभिन्न प्रकार के स्टील उत्पाद बनाती है जो निर्माण, ऑटोमोबाइल, रेलवे और अन्य उद्योगों में इस्तेमाल होते हैं।
राइट्स के बारे में
राइट्स भारतीय रेलवे की तकनीकी सहायक कंपनी है। यह रेलवे परियोजनाओं में परामर्श देती है और लोकोमोटिव व वैगन की लीजिंग का काम करती है।
कंपनी भारत के अलावा कई विदेशी देशों में भी अपनी सेवाएं दे रही है। इसके पास रेलवे के क्षेत्र में अनुभवी इंजीनियरों और तकनीशियनों की बड़ी टीम है।
आगे की संभावनाएं
यह समझौता भविष्य में और विस्तारित हो सकता है। दोनों कंपनियां इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव, रेल ट्रैक के आधुनिकीकरण और डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल में भी साथ मिलकर काम कर सकती हैं।
यह साझेदारी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है। इससे न केवल दोनों कंपनियों को बल्कि पूरे देश को फायदा होगा।
मुख्य बिंदु:
• सेल और राइट्स ने डीजल लोकोमोटिव लीजिंग और रखरखाव के लिए समझौता किया
• सेल अपने प्लांट और खदानों में ‘मिनी रेल नेटवर्क’ चलाता है
• राइट्स अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों से सेल को मदद करेगा
• इससे परिचालन दक्षता बढ़ेगी और लागत घटेगी
• पर्यावरण संरक्षण में भी मिलेगी मदद








