शिअद-बसपा ने राज्य भर में पीएसपीसीएल कार्यालयों के बाहर किया विरोध प्रदर्शन, मांगे पूरी न हुई तो मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों का होगा घेराव


चंडीगढ़, 2 जुलाई (The News Air)

शिरोमणी अकाली दल तथा बहुजन समाज पार्टी  ने आज राज्य भर में पीएसीपीसीएल कार्यालयों के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया ताकि किसानों घरेलू उपभोक्ताओं तथा उद्योगों की दुर्दशा को उजागर किया जा सके , क्योंकि कांग्रेस सरकार ने जानबूकर शहरी क्षेत्रों में अनिर्धारित बिजली कटौती करने और उद्योगों को सप्ताह में दो बार बंद करने का आदेश देने के अलावा किसानों को आठ घंटे की बिजली की सप्लाई पर रोक लगा  दी है।

शिअद-बसपा ने मांग की कि कांग्रेस सरकार डीजल पर तत्काल कटौती करने के अलावा , डीजल जनरेटर का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर हुए किसानों को तत्काल आर्थिक पैकेज देने की मांग की है। उन्होने कहा कि अगर किसानों के साथ साथ घरेलू तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली की नियमित आपूर्ति बहाल करने के साथ साथ ये सुधारात्मक उपाय नही किए गए तो पार्टी अगले चरण में मुख्यमंत्री तथा मंत्रियों का ’घेराव ’ करेगी।

शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने लांबी, फाजिल्का तथा घुबाया में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए तथा लोगों की दुर्दशा के लिए पूरी तरह से कैप्टन अमरिंदर सिंह को जिम्मेदार ठहराया। उन्होने कहा कि धान किसानों को बिजली की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के साथ एक बार भी समीक्षा बैठक नही की। उन्होने यह भी जोर देकर कहा कि सब्सिडी बिल कम रखने के लिए जानबूझकर बिजली की सप्लाई नही कर रहे। ‘ कांग्रेस सरकार किसानों को मुफ्त बिजली नही देना  चाहती , और यही कारण है कि जब सबसे ज्यादा जरूरत है , तब वे बिजली की सप्लाई नही कर रहे’।

फाजिल्का में धान के खेतों के बीच खड़े सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि सरकार ने बठिंडा के प्लांट को बंद करने के साथ साथ तलवंडी साबों के प्लांट की एक यूनिट को बंद किया पर थर्मल प्लाटों का समय समय पर रखरखाव सुनिश्चित करने का कोई प्रयास नही किया। उन्होने कहा कि अकाली दल सरकार के कार्यकाल में किसानों को घरेलू तथा औद्योगिक क्षेत्रों को 24 घंटे की आपूर्ति निर्बाध मिली थी।

पूर्व मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने बठिंडा शहर और संगत मंडी में धरने में हिस्सा लिया , जिसमें उन्होने खुलासा किय कि किस तरह पूर्ववर्ती अकाली दल सरकार ने ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए 4000 करोड़ रूपये खर्च किए थे। उन्होने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में एक मेगावाट अतिरिक्त बिजली पैदा करने में नाकाम रहने के अलावा ग्रिडों के रखरखाव के लिए धन निर्धारित नही किया। उन्होने कहा कि यह सब किसानों को मुफ्त बिजली की आपूर्ति देने को रोकने के लिए जिम्मेदार है जो धान के किसानों को हल जोतने के लिए मजबूर कर रहा है। उन्होने आम आदमी पार्टी के बारे में कहा कि उसने दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं को कोई व्यवहारिक राहत नही दी , केवल विज्ञापनों पर हजारों करोड़ रूपये खर्च किए हैं।

‘ कैप्टन भगाओ, पंजाब बचाओ’ के नारों के बीच मजीठा में धरने में हिस्सा लेने आए सरदार मजीठिया ने कहा कि बिजली आपातकाल के बारे में संकट का समाधान करने के बजाय कैप्टन कांग्रेसियों के साथ फाइव स्टार लंच मीटिंगों की मेजबानी करने में व्यस्त हैं‘। उन्होेने कहा कि यह अजीब ही है कि कांग्रेस के हिंदू नेताओं को  रिहायशी और उद्योगों में कठोर कटौती लागू करने के अलावा सप्ताह में दो बार बंद करने के आदेश के रूप में ‘तोहफा’ दिया गया है। उन्होने यह भी बताया कि कैसे डीजल जनरेटर का इस्तेताल करने के लिए मजबूर किसानों पर  2500 करोड़ रूपये से 3500 करोड़ रूपये का नया बोझ डाला गया है तथा डीजल पर वैट की दरों से सरकार  लोगों की बदहाली से कमाई कर रही है।

रोपड़ में किसानों ने पूर्व मंत्री डाॅ. दलजीत सिंह चीमा की अगुवाई में नागरिकों को ‘  पंखी’ वितरित कर अनुठी  ‘ मुफ्त पंखी सेवा’ कर विरोध प्रदर्शन किया गया । डा. चीमा ने कहा ‘बिजली संकट हल करो, हल करो’ के बीच कहा कि लोगों को दोबारा से ‘पंखियों का इस्तेमाल करने पर मजबूर होना पड़ा है। उन्होने यह भी खुलासा किया कि कैसे डीजल , जनरेटर, जो पूर्ववर्ती अकाली सरकार के दौरान अतीत की बात हो गई थी, की दोबारा वापसी हुई है।

अकाली नेताओं ने राज्य भर में विरोध प्रदर्शन किया और पिछले दो दिनों से जो लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं ,उनका समर्थन किया। यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरदार परमबंस सिंह रोमाणा ने फरीदकोट में भारी विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।


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