शनिवार, 7 मार्च 2026
The News Air
No Result
View All Result
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • पंजाब
  • राज्य
    • हरियाणा
    • चंडीगढ़
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • राजस्थान
  • अंतरराष्ट्रीय
  • सियासत
  • नौकरी
  • LIVE
  • बिज़नेस
  • काम की बातें
  • स्पेशल स्टोरी
  • टेक्नोलॉजी
  • खेल
  • लाइफस्टाइल
    • हेल्थ
    • धर्म
    • मनोरंजन
  • WEB STORIES
No Result
View All Result
The News Air
No Result
View All Result
Home Breaking News

आरएसएस प्रमुख का बड़ा संदेश, बोले मातृभाषा में ही मिले असली Knowledge

तिरुपति दौरे पर मोहन भागवत ने शिक्षा और विकास की भारतीय अवधारणा पर दिया जोर, फिनलैंड का दिया उदाहरण

The News Air Team by The News Air Team
शुक्रवार, 26 दिसम्बर 2025
A A
0
Rashtriya swayamsevak sangh (rss) chief mohan bhagwat
104
SHARES
695
VIEWS
ShareShareShareShareShare
Google News
WhatsApp
Telegram

Mother Tongue Education – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शिक्षा और विकास के मॉडल को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। तिरुपति के दौरे पर पहुंचे भागवत ने स्पष्ट कहा कि ज्ञान को समाज के हर व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए उसे उसी की भाषा में जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मातृभाषा में की गई पढ़ाई मनुष्य को न केवल बेहतर बनाती है, बल्कि ज्ञान का प्रसार भी तेजी से करती है। भागवत ने फिनलैंड की शिक्षा पद्धति का उदाहरण देते हुए भारतीय भाषाओं के महत्व को रेखांकित किया और विकास की उस अंधी दौड़ पर चिंता जताई जो समाज को दो वर्गों में बांट रही है।

फिनलैंड की शिक्षा पद्धति से सीख लेने की सलाह

मोहन भागवत ने दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले फिनलैंड का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां आठवीं कक्षा तक की पढ़ाई केवल मातृभाषा में ही होती है। उन्होंने कहा कि फिनलैंड में बाहर से आने वाले लोगों को भी उनकी अपनी मातृभाषा में पढ़ने की सुविधा दी जाती है और इसके लिए बाकायदा शिक्षकों की यूनिवर्सिटी बनाई गई है। भागवत के अनुसार, मातृभाषा में शिक्षा प्राप्त करने से बुद्धि का विकास और ग्रहण करने की क्षमता (Grasping Power) बेहतर होती है।

भारतीय भाषाओं में ही है धर्म का असली भाव

आरएसएस प्रमुख ने भारतीय भाषाओं के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि ‘धर्म’ का जो असली भाव है, वह केवल हमारी भाषाओं में ही समाया हुआ है। उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय भाषाओं में धर्म के लिए जो विशिष्ट शब्द उपलब्ध हैं, वे अन्य विदेशी भाषाओं में नहीं मिलते। भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि इसमें एक संस्कृति और विशेषता होती है। इसीलिए, विज्ञान और ज्ञान को लोगों तक पहुँचाने के लिए भारतीय भाषाओं को आधार बनाना अनिवार्य है।

गलत विकास की अवधारणा पर कड़ा प्रहार

विकास के आधुनिक मॉडल पर सवाल उठाते हुए भागवत ने कहा कि ऐसा विकास गलत है जो समाज में ‘सुखी’ और ‘दुखी’ (Have and Have Not) के दो वर्ग तैयार कर दे। उन्होंने मुख्यमंत्री की बात का समर्थन करते हुए कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें अवसरों की समानता हो। क्षमताओं में फर्क के कारण पराक्रम में अंतर हो सकता है, लेकिन संसाधनों और अवसरों की उपलब्धता में भेदभाव दुख और बैर पैदा करता है, जिससे समाज में सुख से जीना मुश्किल हो जाता है।

सहयोग बनाम संघर्ष की वैश्विक दृष्टि

भागवत ने ‘सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट’ और ‘स्ट्रगल फॉर एग्ज़िस्टेंस’ जैसी पश्चिमी अवधारणाओं पर निशाना साधा। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 10 लोग मिलकर भूत का सामना करने के बजाय एक-दूसरे को पीछे छोड़कर भागेंगे, तो भूत सबको एक-एक करके खा जाएगा। दुनिया संघर्ष से नहीं, बल्कि सबके साथ मिलकर चलने से चलती है क्योंकि हम सब एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अधूरे विचार और अहंकार को विकास के मार्ग में बड़ी बाधा बताया।

विश्लेषण: जड़ों की ओर लौटने का आह्वान (Expert Analysis)

मोहन भागवत का यह बयान भारतीय शिक्षा प्रणाली में ‘स्व’ (Self) के बोध को जागृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लंबे समय से अंग्रेजी भाषा को सफलता का एकमात्र पैमाना माना जाता रहा है, लेकिन भागवत ने इसे चुनौती देते हुए फिनलैंड जैसे आधुनिक देश का उदाहरण दिया है। यह न केवल मनोवैज्ञानिक रूप से सही है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक ज्ञान पहुँचाने का एकमात्र लोकतांत्रिक तरीका भी है। विकास की उनकी ‘भारतीय अवधारणा’ एक समावेशी समाज (Inclusive Society) की कल्पना करती है, जहां प्रतियोगिता का आधार संघर्ष नहीं, बल्कि सह-अस्तित्व हो।

जानें पूरा मामला (Background)

तिरुपति में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने यह विचार साझा किए। वर्तमान में भारत की नई शिक्षा नीति (NEP) में भी मातृभाषा में शिक्षा पर जोर दिया गया है। भागवत के इन बयानों को उसी नीतिगत बदलाव के समर्थन और भारतीय समाज की आंतरिक शक्ति को मजबूत करने के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य बातें (Key Points)
  • Mother Tongue में शिक्षा लेने से बुद्धि का विकास और समझने की क्षमता बढ़ती है।

  • शिक्षा के क्षेत्र में फिनलैंड की सफलता का आधार आठवीं तक मातृभाषा में पढ़ाई है।

  • भारतीय भाषाओं में ‘धर्म’ और संस्कृति का अनूठा भाव है जो अन्य भाषाओं में नहीं मिलता।

  • अवसरों की असमानता समाज में बैर और दुख पैदा करती है, जो गलत विकास है।

  • दुनिया संघर्ष से नहीं, बल्कि आपसी जुड़ाव और मिलकर रहने से चलती है।

FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: मोहन भागवत ने फिनलैंड की शिक्षा पद्धति का उदाहरण क्यों दिया?

Ans: फिनलैंड को दुनिया में शिक्षा के क्षेत्र में सबसे उन्नत देश माना जाता है। वहां आठवीं कक्षा तक की शिक्षा छात्र की मातृभाषा में ही दी जाती है। भागवत ने यह उदाहरण देकर समझाया कि अपनी भाषा में ज्ञान प्राप्त करना कितना प्रभावी होता है।

Q2: क्या मातृभाषा में पढ़ाई करने से बुद्धि पर असर पड़ता है?

Ans: जी हाँ, मोहन भागवत के अनुसार, मातृभाषा में पढ़ाई करने से बुद्धि का विकास ठीक होता है और किसी भी विषय को ग्रहण करने की क्षमता (Grasping capacity) बेहतर बनती है।

Q3: विकास के बारे में मोहन भागवत की 'भारतीय अवधारणा' क्या है?

Ans: भागवत का मानना है कि विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें समाज में ‘अमीर’ और ‘गरीब’ के बीच की खाई कम से कम हो। अवसरों और संसाधनों की उपलब्धता में भेदभाव नहीं होना चाहिए, ताकि समाज में बैर उत्पन्न न हो।

Q4: मोहन भागवत ने 'धर्म' और 'भाषा' के बीच क्या संबंध बताया?

Ans: उन्होंने कहा कि धर्म भारतीय संस्कृति की विशेषता है और भारतीय भाषाओं में उसके लिए जो शब्द और भाव हैं, वे विदेशी भाषाओं में नहीं मिल सकते। इसलिए अपनी जड़ों को समझने के लिए मातृभाषा अनिवार्य है।

यह भी पढे़ं 👇

Aaj Ka Rashifal 7 March 2026

Aaj Ka Rashifal 7 March 2026: किसकी चमकेगी किस्मत, जानें यहां

शनिवार, 7 मार्च 2026
Iran Israel War India Russia Oil News Today

दिनभर की बड़ी खबरें: Iran का Israel पर ब्रह्मास्त्र, भारत को Russia से तेल पर 30 दिन की मोहलत, Bihar में सियासी भूचाल!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Why Life in India is Frustrating1

Why Life in India is Frustrating: अमीर होते भारत में जिंदगी इतनी थकाऊ क्यों?

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Sanjeev Arora

Punjab Electricity Rate Cut 2026-27: घरेलू उपभोक्ताओं को ₹1.55/यूनिट की राहत, EV Charging देश में सबसे सस्ती ₹5/यूनिट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026

Q5: 'हैव और हैव नॉट' (Have and Have Not) से उनका क्या तात्पर्य है?

Ans: इसका तात्पर्य समाज के उन दो वर्गों से है—एक जिनके पास सभी सुख-सुविधाएं हैं (सुखी वर्ग) और दूसरे जो इनसे वंचित हैं (दुखी वर्ग)। भागवत के अनुसार ऐसा भेदभावपूर्ण विकास समाज के लिए घातक है।

Previous Post

वैष्णो देवी जाने वाले भक्त सावधान, आज से बदल गए Vaishno Devi Yatra के नियम

Next Post

Cancer in India: भारत में कैंसर क्यों बढ़ रहा है? डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले कारण

The News Air Team

The News Air Team

द न्यूज़ एयर टीम (The News Air Team) अनुभवी पत्रकारों, विषय विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का एक समर्पित समूह है, जो पाठकों तक सटीक, निष्पक्ष और त्वरित समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी टीम राजनीति, सरकारी योजनाओं, तकनीक और जन-सरोकार से जुड़े मुद्दों पर गहराई से विश्लेषण कर तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग करती है। 'द न्यूज़ एयर' का मुख्य उद्देश्य डिजिटल पत्रकारिता के उच्चतम मानकों को बनाए रखना और समाज के हर वर्ग को जागरूक करना है। हम हर खबर को पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ आप तक पहुँचाते हैं, ताकि आपको मिले केवल भरोसेमंद जानकारी।

Related Posts

Aaj Ka Rashifal 7 March 2026

Aaj Ka Rashifal 7 March 2026: किसकी चमकेगी किस्मत, जानें यहां

शनिवार, 7 मार्च 2026
Iran Israel War India Russia Oil News Today

दिनभर की बड़ी खबरें: Iran का Israel पर ब्रह्मास्त्र, भारत को Russia से तेल पर 30 दिन की मोहलत, Bihar में सियासी भूचाल!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Why Life in India is Frustrating1

Why Life in India is Frustrating: अमीर होते भारत में जिंदगी इतनी थकाऊ क्यों?

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Sanjeev Arora

Punjab Electricity Rate Cut 2026-27: घरेलू उपभोक्ताओं को ₹1.55/यूनिट की राहत, EV Charging देश में सबसे सस्ती ₹5/यूनिट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
punjab-cabinet-congress-governor-address-boycott-response

Congress ने राज्यपाल अभिभाषण का बहिष्कार कर लोकतंत्र का अपमान किया: Punjab Cabinet Ministers का पलटवार

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Punjab Budget 2026-27 Cabinet Approval

Punjab Cabinet की बड़ी बैठक: CM Bhagwant Mann की अध्यक्षता में Budget 2026-27 को मिली मंजूरी, 8 मार्च को Finance Minister Harpal Cheema पेश करेंगे बजट!

शुक्रवार, 6 मार्च 2026
Next Post
Cancer in India

Cancer in India: भारत में कैंसर क्यों बढ़ रहा है? डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले कारण

Flower Pots

लखनऊ में शर्मनाक लूट, पीएम का प्रोग्राम खत्म होते ही उड़ा ले गए Flower Pots

0 0 votes
Rating
Subscribe
Notify of
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
The News Air

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।

GN Follow us on Google News

  • About
  • Editorial Policy
  • Privacy & Policy
  • Disclaimer & DMCA Policy
  • Contact

हमें फॉलो करें

No Result
View All Result
  • प्रमुख समाचार
    • राष्ट्रीय
    • अंतरराष्ट्रीय
    • सियासत
  • राज्य
    • पंजाब
    • चंडीगढ़
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
    • नई दिल्ली
    • महाराष्ट्र
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • उत्तराखंड
    • मध्य प्रदेश
    • राजस्थान
  • काम की बातें
  • नौकरी
  • बिज़नेस
  • टेक्नोलॉजी
  • मनोरंजन
  • धर्म
  • हेल्थ
  • स्पेशल स्टोरी
  • लाइफस्टाइल
  • खेल
  • WEB STORIES

© 2026 The News Air | सटीक समाचार। सर्वाधिकार सुरक्षित।