पंजाब में राजस्व अधिकारियों की हड़ताल, सरकार ने कहा- काम पर लौटें, No Work No pay..

The News Air: पिछले एक सप्ताह से सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर चल रहे राजस्व अधिकारियों को सरकार ने झटका दिया है। इस बार सरकार एक्शन मोड में है और राजस्व अधिकारियों को हिदायत दी है कि वह काम पर लौट आएं अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें। पिछली बार की तरह झुकने की बजाय सरकार ने सख़्त एक्शन लेने से पहले सभी अधिकारियों पर No Work, No Pay क़ानून लागू कर दिया है।
इतना ही नहीं सख़्ती दिखाते हुए राजस्व एवं पुनर्वास विभाग पंजाब सरकार ने सभी डिप्टी कमिश्नरों के माध्यम से राजस्व अधिकारियों को भेजे गए पत्र में लिखा है कि जब से राजस्व अधिकारी हड़ताल पर हैं, उस समय को ब्रेकिंग इन सर्विस पीरियड माना जाएगा। एक तो राजस्व अधिकारियों को हड़ताल के दिनों का वेतन नहीं मिलेगा और ऊपर से कुल नौकरी में से हड़ताल का पीरियड कम हो जाएगा।
हालांकि सरकार के इस पत्र का राजस्व अधिकारियों पर शायद कोई असर नज़र आता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। यही कारण है कि सरकार का पत्र जारी होने के बावज़ूद राजस्व अधिकारियों ने अपनी सामूहिक छुट्टी दो दिन और आगे बढ़ा दी है। पंजाब में पिछले सप्ताह से चल रही तहसीलदार यूनियन की हड़ताल को 8 जून तक बढ़ा दिया गया है।

यूनियन के इस फ़ैसले से पंजाब में लोग अब 8 जून तक रजिस्ट्रियां व अन्य तहसील संबंधी कामकाज नहीं करवा पाएंगे। इस मामले को लेकर हुई पंजाब रेवेन्यू ऑफ़िसर यूनियन की बैठक में प्रधान गुरदेव सिंह धाम ने इसके लिए सरकार की धक्के शाही को ज़िम्मेदार क़रार देते हुए कहा कि बिना एनओसी रजिस्ट्रियां करने पर 4 कर्मियों को सस्पेंड करना तुगलकी फ़रमान है।
मामले को लेकर कई बार सरकार को पत्र लिख कर उचित दिशा-निर्देश देने के मांग की गई थी, लेकिन कुछ भी नहीं किया गया। उन्होंने हड़ताल के लिए भी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया और हड़ताल को 8 जून तक बढ़ाने की घोषणा की। धाम ने कहा कि बिना कारण राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से राजस्व अधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।
दिसंबर 2019 से लेकर जुलाई 2021 तक अवैध काॅलाेनियों में प्लॉट के रजिस्ट्रेशन पर कोई प्रतिबंध नहीं था। कुछ समय के लिए उच्च न्यायालय ने प्रतिबंध लगाया था, लेकिन फिर इसे कुछ शर्तों के साथ स्वीकृति दे दी थी। एनओसी या बिना एनओसी के रजिस्ट्रेशन पर किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं है। राजस्व विभाग द्वारा पारित आदेश ग़लत हैं।
यह सिर्फ़ राजस्व अधिकारियों को प्रताड़ित करने के लिए जारी किए गए हैं। होशियारपुर में सब रजिस्ट्रार हरमिंदर सिंह, लुधियाना सब रजिस्ट्रार जीवन गर्ग तथा हरमिंदर सिंह सिद्धू को बेवजह सस्पेंड किया गया है, जिसका हम विरोध कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने मामले को विभागीय मंत्री के समक्ष भी रखा था, लेकिन कोई नतीजा सामने नहीं आया।

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