Retail Inflation : मार्च में 16 महीने की ऊंचाई पर पहुंच सकती है खुदरा महंगाई, इकोनॉमिस्ट्स के पोल से मिले संकेत

Retail Inflation : मार्च में भारत की खुदरा महंगाई 6.35 फीसदी के साथ 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच सकती है। यह लगातार तीसरे महीने रिजर्व बैंक (RBI) के लक्षित दायरे से ऊपर होगी। रॉयटर्स के पोल में यह अनुमान जाहिर किया गया है। महंगाई बढ़ने की मुख्य वजह लगातार फूड प्राइसेज की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि, रूस के यूक्रेन पर हमले के चलते वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल (crude oil) एनर्जी की कीमतों में बढ़ोतरी का पूरा असर अप्रैल तक नहीं दिखने का अनुमान है, क्योंकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में देरी से बढ़ोतरी की गई थी।

48 इकोनॉमिस्ट्स के बीच हुआ पोल

4-8 अप्रैल के बीच हुए रॉयटर्स के 48 इकोनॉमिस्ट्स के बीच हुए पोल में संकेत मिले कि सालाना आधार पर मार्च में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) यानी खुदरा महंगाई 6.35 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, जबकि फरवरी में यह 6.07 फीसदी रही थी। महंगाई का यह स्तर नवंबर, 2020 के बाद सबसे ज्यादा होगा।

12 अप्रैल की दोपहर को जारी रहने वाला CPI डाटा 6.06 फीसदी और 6.50 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर, खुदरा महंगाई RBI के 6 फीसदी के ऊपरी लक्ष्य से ज्यादा रहने का अनुमान है।

फरवरी से महंगे हो रहे हैं खाद्य पदार्थ

एएनजेड में इकोनॉमिस्ट धीरज निम ने कहा, “हमें सालाना आधार पर खुदरा मंहगाई 6.30 फीसदी रहने का अनुमान है, क्योंकि फरवरी तक तीन महीने की गिरावट के बाद फूड आइटम्स की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।” उन्होंने इसके पीछे फूड प्राइसेज में सीजनल पैटर्न के आधार पर कीमतों में बदलाव का भी हवाला दिया।

महंगाई में लगभग आधी हिस्सेदारी वाले खाद्य पदार्थों की कीमतों में बढ़ोतरी का अनुमान है, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine war) के चलते सप्लाई चेन बाधित हुई है। खाद्यान्न का उत्पादन, एडिबल ऑयल की सप्लाई और फर्टिलाइजर का एक्सपोर्ट बाधित हुआ है। इसका असर खाद्य पदार्थों पर दिख सकता है।

50 फीसदी महंगा हुआ पॉम ऑयल

दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पॉम ऑयल की कीमतें इस साल लगभग 50 फीसदी बढ़ चुकी हैं।

सिटी में भारत के लिए चीफ इकोनॉमिस्ट समीरन चक्रवर्ती ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कमोडिटी के साथ ही एडिबल ऑयल्स की कीमतों में उछाल से मार्च में महंगाई के आंकड़े बढ़ जाएंगे। चक्रवर्ती ने कहा, “भले ही राज्यों के चुनावों में चलते पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी देर से शुरू हुई, लेकिन मार्च के आखिरी 10 दिन में यह 6.5 रुपये प्रति लीटर महंगा हो चुका है।”

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