RBI Annual Report:वैश्विक जोखिमों के बावजूद नजर आ रही ज्यादा व्यापक और गहरी रिकवरी

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 27 मई को जारी की गई अपनी वार्षिक रिपोर्ट (annual report) में कहा है कि वैश्विक जोख़िमों (global risks)के बावज़ूद भारतीय अर्थव्यवस्था में उछाल आने की संभावना है। आरबीआई ने अपनी इस रिपोर्ट में कहा “इन जोख़िमों के बावज़ूद, रिकवरी मज़बूत और व्यापक हो रही है।”
बता दें कि आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी लंबे समय से महंगाई की तुलना में ग्रोथ पर ज़्यादा फोक्स कर रही है। ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए आरबीआई ने मई 2020 से काफ़ी लंबे समय तक अपने रेपो रेट को रिकॉर्ड निचले स्तर पर बनाए रखा। हालांकि बढ़ती मुद्रा स्फीति (महंगाई) से निपटने के लिए आरबीआई ने अभी हाल में हुई अपनी पॉलिसी मीट में रेपो रेट 0.40 फ़ीसदी बढ़ाकर 4.40 फ़ीसदी कर दिया है। इसके साथ ही CRR में भी 0.50 फ़ीसदी की बढ़ोतरी की गई है। ऐसा करके आरबीआई बैंकिंग सिस्टम से अतिरिक्त लिक्विडिटी को निकालना चाहता है।
क़ीमतों में बढ़ोतरी पर आरबीआई का कहना है कि इंडस्ट्रीयल कच्चे माल की क़ीमतों और परिवहन लागत में बढ़ोतरी के साथ ही ग्लोबल सप्लाई चेन में आने वाली दिक्क़त के चलते आगे हमें कोर महंगाई में बढ़ोतरी की उम्मीद नज़र आ रही है।

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