Nayab Singh Saini Punjab Attack : चंडीगढ़ में शनिवार (17 जनवरी) को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों की नीतियों ने “रंगला पंजाब को कंगला पंजाब” बना दिया है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं और बीजेपी प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटी है।
‘एक चुटकले मारता है, दूसरा सुनता है’
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब को हाशिये पर पहुंचाने का काम किया और आम आदमी पार्टी ने तो सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के शोषण और भ्रष्टाचार के मामले में आप कांग्रेस से भी चार कदम आगे है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा, “एक चुटकले मारता है, तो दूसरा सुनता है। इनको किसानों से कोई मतलब नहीं है।”
किसानों के मुद्दे पर केजरीवाल को घेरा
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि जब केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब वो दिल्ली में प्रदूषण के लिए पंजाब और हरियाणा के किसानों को जिम्मेदार ठहराते थे।
उन्होंने कहा, “अब पंजाब में पिछले 4 साल से आप की सरकार है। न तो भगवंत मान ने किसानों के लिए कुछ सोचा, न केजरीवाल ने।”
सैनी ने दावा किया कि हरियाणा में डबल इंजन सरकार ने पराली की समस्या के समाधान के लिए व्यवस्था बनाई, जबकि पंजाब में किसानों को अपमानित और बदनाम किया गया।
बाढ़ मुआवजे पर उठाए सवाल: “30 हजार का फर्क कहां गया?”
पिछले दिनों पंजाब में आई बाढ़ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवंत मान ने बड़ी-बड़ी बातें कीं। उन्होंने तो मुर्गी तक का मुआवजा देने की बात कही थी, लेकिन किया कुछ नहीं।
सैनी ने एक महत्वपूर्ण विसंगति की ओर ध्यान दिलाया: “भगवंत मान कहते थे कि 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देंगे। वहीं, गुजरात में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 50 हजार रुपये एकड़ दिया गया। दोनों में जो 30 हजार का फर्क है, वो कौन खा गया?”
यह सवाल बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए बेहद अहम है, जो अब तक मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं।
“55 साल में कांग्रेस ने किसानों के लिए कुछ नहीं किया”
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में 55 साल तक कांग्रेस ने राज किया, लेकिन किसानों के लिए कुछ नहीं किया।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हरियाणा की डबल इंजन सरकार ने किसानों के हितों के लिए अनेक नई योजनाएं बनाई हैं।
सैनी ने पंजाब सरकार को सलाह दी कि बातें करने की बजाय धरातल पर किसानों के लिए कुछ ठोस कार्य करना चाहिए।
“जहां पलड़ा भारी लगता है, वहां झुक जाते हैं”
कांग्रेस और आप के गठबंधन पर टिप्पणी करते हुए सैनी ने कहा कि दोनों पार्टियों में मुकाबला चल रहा है, लेकिन जब इन्हें लगता है कि बात नहीं बन रही, तो आपस में समझौता कर लेते हैं।
अपने पंजाब दौरे का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब वहां के लोग खुलकर कहने लगे हैं कि उन्हें सब्जबाग दिखाकर गुमराह किया गया।
“लोग कह रहे हैं कि वो अंधेरे में थे, इसलिए कभी कांग्रेस को चुनते थे तो कभी आप को। भ्रष्टाचार और शोषण के मामले में आप की नीतियां तो कांग्रेस से भी भयानक हैं।”
पंजाब चुनाव पर क्या बोले सैनी?
पंजाब दौरों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वो पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता के रूप में अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए लगातार पंजाब का दौरा कर रहे हैं।
आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अकेले लड़ेगी या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब के लोग उनसे लगातार मिलने आते हैं और कार्यक्रमों का समय लेकर ही मुख्यमंत्री निवास से लौटते हैं।
माघी मेले पर कांग्रेस को घेरा
मुख्यमंत्री ने श्री मुक्तसर साहिब के माघी मेले का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने गुरुओं को सम्मान देने के लिए मंच तक नहीं लगाया।
यह टिप्पणी पंजाब की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए की गई, जहां सिख समुदाय की भावनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं।
क्या है पूरा मामला?
पंजाब में पिछले कई वर्षों से राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। 2022 में आम आदमी पार्टी ने भारी बहुमत से सरकार बनाई थी, लेकिन अब विपक्ष और बीजेपी लगातार सरकार पर हमलावर हैं। किसान मुद्दे, बाढ़ राहत और विकास कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी पंजाब में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है और हरियाणा के मुख्यमंत्री के बार-बार दौरे इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।
विश्लेषण: बीजेपी की पंजाब रणनीति
मुख्यमंत्री सैनी का यह आक्रामक रुख बीजेपी की पंजाब में विस्तार की रणनीति का स्पष्ट संकेत है। बाढ़ मुआवजे के आंकड़ों में 30 हजार के अंतर का सवाल राजनीतिक रूप से बेहद तीखा है और इसका जवाब देना आप सरकार के लिए चुनौती होगी। यदि यह आरोप सही साबित हुए तो पंजाब में आम आदमी पार्टी की साख पर बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और आप पर “रंगला पंजाब को कंगला बनाने” का आरोप लगाया
- बाढ़ मुआवजे में 30 हजार रुपये प्रति एकड़ के अंतर पर सवाल उठाए
- केजरीवाल और भगवंत मान पर कहा: “एक चुटकले मारता है, दूसरा सुनता है”
- पंजाब चुनाव में बीजेपी की भूमिका पर कहा: फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा
- दावा किया कि पंजाब के लोग अब सब्जबाग से बाहर आ रहे हैं








