राम रहीम से पूछताछ हुई ख़त्म, SIT ने किन सवालों के लिए जवाब जानें


The News Air – (चंडीगढ़) पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में जांच कर रहा विशेष जांच दल (SIT) मंगलवार को फिर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम से पूछताछ करने रोहतक की सुनारिया जेल पहुंचा। टीम सुबह 10:20 बजे सुनारिया जेल पहुँची और शाम 4:38 बजे वापस गई। इस दौरान जेल में बंद अन्य कैदियों की मिलनी पर पुलिस ने अस्थायी तौर पर रोक लगा दी। जाते समय पंजाब पुलिस के IG रोहतक की IIM चौकी इंचार्ज का नाम और बेल्ट नंबर नोट कर ले गए।

दरअसल, मंगलवार सुबह सुरक्षा प्रबंध के कारण IG समेत तमाम गाड़ियां रोकी गईं थीं। इसमें IG का पहचान पत्र तक चेक किया गया। IG के साथ दो गाड़ियां सीआईए की अतिरिक्त आईं, जबकि रोहतक पुलिस के पास पांच ही गाड़ियों के नंबर थे। उन दो गाड़ियों को जेल परिसर में नहीं जाने दिया। इसके बाद IG ने रोहतक SP उदय सिंह मीणा से फ़ोन पर बात कर दो गाड़ियों को अंदर जाने की परमिशन ली। परमिशन मिलने के बाद ही सभी गाड़ियां जेल में गईं। वापसी में IG ने सुबह सुरक्षा के नोडल इंचार्ज का नाम बेल्ट नंबर पूछा। सुबह सुरक्षा इंचार्ज IIM चौकी इंचार्ज एएसआई अमित थे।
IG का कहना है कि उन्हें उनकी सुबह की सुरक्षा व्यवस्था बहुत पसंद आई। उन्होंने अपने अफ़सरों के दिए आदेशों की पूर्ण रूप से पालना की। मैं उन्हें प्रशंसा पत्र दूंगा। IG के साथ आए पुलिसकर्मियों ने चौकी इंचार्ज का नाम और बेल्ट नंबर अपनी डायरी में लिखा। वहीं दूसरी ओर सुरक्षा में ड्यूटी दे रहे रोहतक पुलिसकर्मियों के बीच चर्चा थी कि शायद IG सुबह की चेकिंग से आहत हैं। उनका पहचान पत्र चेक करना, दो गाड़ियों को बिना परमिशन के अंदर न जाने देना और क़रीब चेकिंग में 7 से 8 मिनट लगा देना IG को भाया नहीं। शायद वह प्रशंसा पत्र देने के नाम पर लिए नाम और बेल्ट नंबर से किसी तरह का नुक्सान न कर दें।

इधर, जब तक जेल में पंजाब SIT रही, तब तक किसी भी बाहरी व्यक्ति का अंदर प्रवेश वर्जित रहा। इससे मिलनी पर आने वाले कैदियों के परिजनों ने इस बात को लेकर काफ़ी नाराज़गी जताई है। परिजनों का कहना है कि जब से राम रहीम इस जेल में आया है, तब से उन्हें मिलनी के लिए काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मिलनी वाले दिन जब वे दूर-दराज़ से यहां पहुंचते हैं तो उन्हें अचानक से जेल के बाहर ही रोक दिया जाता है और मिलनी न करवाए जाने के बारे में बताया जाता है।
बता दें कि पंजाब से 7 गाड़ियों में SIT टीम और क़रीब 30 पुलिसकर्मी रोहतक पहुंचे। इससे पहले भी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख से जेल में और डेरा प्रबंधकों से सिरसा डेरा में पूछताछ हो चुकी है। इसी दौरान पूछे गए सवालों में से निकले और सवालों के जवाब डेरा प्रमुख से चाहिए। SIT मामले की जांच तेज़ी से कर रही है, क्योंकि उन पर चुनाव से पहले पहले इसे नतीजे पर पहुंचाने का दबाव है। SIT प्रमुख आईजी एसपीएस परमार ने पुष्टि करते हुए कहा है कि हाँ हम राम रहीम से पूछताछ के लिए दोबारा सुनारिया जेल रोहतक पहुंचे। IG एसपीएस परमार की अगुवाई में एसआईटी में एसएसपी मुखविंदर भुल्लर, डीएसपी लखबीर सिंह और इंस्पेक्टर दलबीर सिंह टीम में शामिल रहे।

पिछली बार की चूक से इस बार लिया रोहतक पुलिस ने सबक़

पिछली बार 9 नवंबर को पंजाब एसआईटी पूछताछ करने के लिए रोहतक सुनारिया जेल आई थी। इस दौरान जेल सुरक्षा में बड़ी चूक हो गई थी। एसआईटी की गाड़ियों के साथ पंजाब से पीछा कर रही मीडियाकर्मियों की गाड़ी भी जेल के भीतर चली गई थी। इतना ही नहीं, मीडियाकर्मियों ने जेल के भीतर की वीडियो भी बना ली थी। जेल प्रशासन की सुरक्षा में इस सेंध के बाद उच्च अधिकारियों ने इस बारे में सुनारिया जेल प्रबंधन से जबाब तलब किया था और भविष्य के लिए चेताया भी था। इसी के चलते इस बार सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। जेल से क़रीब डेढ़ किलोमीटर दूर ही सुनारिया चौक पर हर गाड़ी को रोक कर पूछताछ की जा रही है। सिर्फ़ जरुरतमंद को ही जेल अंदर तक जाने दिया जा रहा है। यहां तक की पंजाब एसआईटी की हर गाड़ी की भी चेकिंग की गई। हर मुलाज़िम का आईकार्ड तक चेक किया गया।

एक माह में दूसरी बार पूछताछ, प्रबंधकों से भी पूछताछ

राम रहीम से SIT ने गत 9 नवंबर को भी पूछताछ की थी। तब उसने कहा था कि उनका काम सत्संग करने का था, फ़ैसले डेरा की प्रबंधक कमेटी लेती थी। इस आधार पर SIT ने डेरा प्रबंधक विपासना इंसां और पी आर नैन को सम्मन दिए थे, मगर वह हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट से आदेश के बाद SIT की टीम सिरसा गई थी। यहां पर पीआर नैन से पूछताछ हुई। इसके बाद फिर से डेरा प्रमुख से पूछताछ हो रही है।

अब तक तक जवाब से संतुष्ट नहीं है SIT

राम रहीम और प्रबंधकों द्वारा दिए गए जवाबों से SIT संतुष्ट नहीं है और यही कारण है कि अभी और भी पूछताछ की जानी है। SIT प्रमुख एसपीएस परमार करते हैं कि जब तक उन्हें अपने सवालों के सही जवाब नहीं मिल जाते, पूछताछ इसी तरह चलती रहेगी। कई दौर की पूछताछ हो सकती है। एसआईटी यही स्पष्ट करना चाहती है कि फरीदकोट में हुई बेअदबी में डेरा प्रबंधकों की कोई भूमिका तो नहीं। हालांकि राम रहीम समेत डेरे के तमाम लोग बेअदबी की घटना में हाथ होने से इनकार कर चुके हैं।

6 साल पुराना गुरु ग्रंथ साहिब चोरी का मामला

बेअदबी का मामला 6 साल पुराना है। 1 जुलाई 2015 को फरीदकोट ज़िले में बरगाड़ी से 5 किलोमीटर दूर स्थित गांव बुर्ज़ जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारे से श्री गुरु ग्रंथ साहिब का पावन स्वरूप चोरी हो गया था। 24 सितंबर 2015 को बरगाड़ी में गुरुद्वारे के पास हाथ से लिखे दो पोस्टर लगे मिले। आरोप है कि पंजाबी भाषा में लिखे इन पोस्टरों में अभद्र भाषा इस्तेमाल की गई और पावन स्वरूपों की चोरी में डेरा सच्चा सौदा का हाथ होने की बात भी लिखी गई। 12 अक्टूबर 2015 को बुर्ज़ जवाहर सिंहवाला की गलियों में पावन स्वरूप के अंग बिखरे मिले। इससे नाराज़ सिख संगत ने रोष प्रदर्शन किया, जिसने उग्र रूप ले लिया था। इस दौरान हुई पुलिस फायरिंग में 2 लोगों की मौत हुई थी।

अब तक 5 की गिरफ़्तारी, 3 के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस

बेअदबी और गोलीकांड के इस मामले में साल 2015 में 3 अलग-अलग एफआईआर दर्ज़ की गईं। इनमें पांच डेरा प्रेमियों रणदीप सिंह उर्फ नीला, रणजीत सिंह, बलजीत सिंह, निशान सिंह और नरिंदर कुमार शर्मा को गिरफ़्तार किया गया, जो अब ज़मानत पर चल रहे हैं। डेरा सच्चा सौदा की नेशनल कमेटी के 3 मेंबर संदीप बरेटा, प्रदीप कलेर और हर्ष धूरी के ख़िलाफ़ लुकआउट नोटिस जारी किए गए। इस बारे में भी राम रहीम से पूछताछ की जाएगी।

CBI समेत 3 SIT कर चुकी जांच

बेअदबी का मामला 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बन गया, जिसके चक्कर में अकाली दल की बुरी तरह से हार हुई। अब तक इस मामले की जांच CBI के अलावा पंजाब पुलिस की तीन अलग-अलग SIT कर चुकी हैं, लेकिन बेअदबी करने वाले असल दोषियों के नाम सामने नहीं आ पाए हैं।


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