Cheque Bounce Case में अभिनेता और कॉमेडियन Rajpal Yadav इन दिनों तिहाड़ जेल में हैं। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट मामले में अदालत के आदेश के बाद उन्होंने 5 फरवरी को आत्मसमर्पण किया। अब सबकी नजर उनकी जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई पर टिकी है।
यह मामला नया नहीं है, लेकिन इस बार कानूनी सख्ती ने उनके लिए हालात मुश्किल कर दिए हैं।
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कैसे बढ़ता गया कर्ज 5 से 9 करोड़ तक
साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म अता पता लापता के निर्माण के लिए एक प्रोडक्शन कंपनी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। आर्थिक नुकसान के कारण वह तय समय पर रकम नहीं चुका पाए। इस दौरान दिए गए कई चेक बाउंस हो गए और मामला अदालत तक पहुंच गया।
समय के साथ ब्याज जुड़ता गया और कर्ज की रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
पहले भी जा चुके हैं जेल
यह पहला मौका नहीं है जब राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा हो। साल 2018 में भी इसी मामले में उन्हें जेल भेजा गया था। बाद में जमानत मिल गई, लेकिन केस चलता रहा।
हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने अतिरिक्त समय देने की उनकी याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि उन्हें तुरंत आत्मसमर्पण करना होगा।
फिल्म इंडस्ट्री का साथ
जेल जाने की खबर सामने आते ही बॉलीवुड से समर्थन की आवाजें उठने लगीं।
उनके लंबे समय से मैनेजर गोल्डी जैन के अनुसार कई अभिनेता, निर्देशक और निर्माता आर्थिक सहायता और नैतिक समर्थन के लिए आगे आए हैं। अभिनेता सोनू सूद और संगीत निर्माता इंद्रजीत सिंह ने भी सहयोग की पेशकश की है।
इंडस्ट्री का कहना है कि मुश्किल समय में साथी कलाकार का साथ देना जरूरी है।
परिवार की उम्मीदें और कानूनी दलीलें
राजपाल यादव की पत्नी राधा ने समर्थकों और फिल्म इंडस्ट्री का आभार जताया है। उनका कहना है कि इस समर्थन ने परिवार को हिम्मत दी है।
अब जमानत सुनवाई अहम हो गई है। अगर अदालत से राहत मिलती है तो यह उनके लिए बड़ी राहत होगी। अगर नहीं, तो कानूनी लड़ाई लंबी खिंच सकती है।
संघर्ष और साख का सवाल
राजपाल यादव अपनी कॉमिक टाइमिंग और अनोखी अदाकारी के लिए पहचाने जाते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह आर्थिक और कानूनी संकट से जूझ रहे हैं।
यह मामला सिर्फ कानूनी विवाद नहीं, बल्कि उनकी पेशेवर साख और भविष्य से भी जुड़ा है। इंडस्ट्री का समर्थन मनोबल बढ़ा सकता है, लेकिन अंतिम फैसला अदालत के हाथ में है।
अब आगे क्या
गुरुवार को होने वाली जमानत सुनवाई से तय होगा कि उन्हें अस्थायी राहत मिलती है या नहीं।
फिलहाल तिहाड़ की सलाखों के पीछे से बाहर आने की उम्मीद उसी फैसले पर टिकी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में राजपाल यादव
- 2010 में 5 करोड़ का कर्ज, ब्याज के साथ बढ़ी रकम
- दिल्ली हाईकोर्ट ने अतिरिक्त समय की याचिका खारिज की
- फिल्म इंडस्ट्री से आर्थिक और नैतिक समर्थन








