Lice Infestation ने ओडिशा के पुरी में एक मासूम की जान ले ली। 7 फरवरी को 12 साल की लक्ष्मी प्रिया साहू की मौत हो गई। परिवार के मुताबिक, उसके सिर में लंबे समय से जुएं थीं, जिन्हें शुरू में गंभीर नहीं माना गया। लेकिन धीरे-धीरे संक्रमण इतना बढ़ा कि वह स्कैल्प से होते हुए खोपड़ी की हड्डी तक पहुंच गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर से तेज बदबू आने लगी थी। शर्म के कारण बच्ची ने स्कूल जाना छोड़ दिया। वह सिर को स्कार्फ से ढककर रखती थी और घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया था।
कैसे बढ़ा संक्रमण?
परिवार ने बताया कि मां ने कई बार सिर मुंडवाने की सलाह दी, ताकि जुएं खत्म हो सकें। लेकिन बच्ची ने इनकार कर दिया। परिवार ने भी जोर नहीं दिया।
मौत से तीन दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उल्टियां शुरू हुईं और उल्टी में खून आने लगा। घबराकर परिवार उसे पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल ले गया। इलाज शुरू हुआ, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
डॉक्टर ने क्या बताया?
इस मामले पर जयपुर के Narayana Hospital में पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी विभाग के वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉ. राजेश पाठक ने बताया कि बच्चों के सिर में जुएं होना आम बात है, लेकिन लापरवाही खतरनाक हो सकती है।
अगर बच्चे के सिर में बहुत खुजली हो, पीली पपड़ी दिखे, बदबू आए, पानी या पस निकले, स्कैल्प लाल हो जाए या गर्दन के पीछे दर्द वाली गांठ बन जाए तो यह गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जब बच्चा बार-बार खुजलाता है, तो नाखूनों से त्वचा पर कट लग जाते हैं। इन घावों से बैक्टीरियल संक्रमण हो सकता है। पहले यह स्किन तक सीमित रहता है, लेकिन अगर इलाज न हो तो गहराई में जाकर हड्डी तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति में ऑस्टियोमायलाइटिस जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है।
कब बनती है स्थिति ज्यादा खतरनाक?
जो बच्चे कुपोषित हैं, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या जिन्हें कोई दूसरी बीमारी है, उनमें संक्रमण तेजी से फैल सकता है।
अगर बुखार, लगातार दर्द, नींद न आना या पस दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
कैसे करें बचाव?
जुओं से बचाव के लिए बालों की नियमित सफाई जरूरी है। बालों को बार-बार धोना और बारीक कंघी से कंघी करना फायदेमंद है। जुएं उड़ती नहीं, बल्कि रेंगती हैं, इसलिए कंघी करने से निकल सकती हैं।
बालों में तेल लगाकर कंघी करने से जुएं हटाने में मदद मिलती है। साथ ही किसी और की कंघी, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करने से बचें।
मुख्य बातें (Key Points)
- जुओं की अनदेखी गंभीर संक्रमण में बदल सकती है।
- लगातार खुजली, पस, बदबू और बुखार खतरे के संकेत हैं।
- कमजोर इम्यूनिटी वाले बच्चों में जोखिम ज्यादा।
- समय पर इलाज से गंभीर परिणाम टाले जा सकते हैं।
- बालों की नियमित सफाई और व्यक्तिगत स्वच्छता जरूरी।








