Punjab Speaker on US India Trade Deal: पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने बुधवार को केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापारिक समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। स्पीकर ने अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अमेरिका से आयातित सेब भारतीय सेबों की तुलना में 40 से 85 प्रतिशत तक कम पौष्टिक होते हैं।
संधवां ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के प्रमुख मुद्दों के प्रति उदासीनता अपना रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब सरकार इस व्यापारिक समझौते के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी और केंद्र की किसान विरोधी नीतियों का डटकर विरोध करेगी।
अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने क्या कहा?
पंजाब विधानसभा स्पीकर ने बताया कि अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, आयातित सेब भारतीय सेबों की तुलना में कम पौष्टिक होते हैं। इसकी वजह यह है कि लंबे समय तक स्टोर करने और लंबी दूरी के आवागमन के दौरान ये सेब अपने 40 से 85 प्रतिशत तक पौष्टिक तत्व, खासकर विटामिन सी खो देते हैं।
संधवां ने कहा, “ये आयातित सेब देखने में भले ही चमकदार और आकर्षक लगते हों, लेकिन इनकी गुणवत्ता घटिया दर्जे की होती है। इसके उलट, कश्मीरी या हिमाचली सेब कम लागत पर बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर रहे हैं। आयातित सेबों के लिए हमें अधिक कीमत चुकानी पड़ती है, जबकि वे पोषण के मामले में कमजोर होते हैं।”
किसानों पर क्या होगा असर?
स्पीकर ने कहा कि अमेरिका के साथ हुए इस व्यापारिक समझौते का सबसे बुरा असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। सस्ते और भारी मात्रा में आयात होने वाले अमेरिकी सेब बाजार में भारतीय सेबों की मांग को कम कर देंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाएगा और वे आर्थिक तंगी का शिकार हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ कश्मीर और हिमाचल के बागवान गुणवत्तापूर्ण सेब उगा रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार अमेरिका से घटिया क्वालिटी के सेब मंगवाकर उनकी रोजी-रोटी छीनने पर तुली हुई है। यह किसानों के साथ सीधा अन्याय है।
केंद्र सरकार को क्यों देना चाहिए ध्यान?
कुलतार सिंह संधवां ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह अपोलो अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा दी गई सलाह पर ध्यान दे और भारत के किसानों के मुद्दों को गंभीरता से ले। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने के लिए केंद्र सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करने की जरूरत है।
उन्होंने आशा जताई कि केंद्र सरकार इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगी और जल्द ही इनका हल निकालेगी। साथ ही उन्होंने अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापारिक समझौते को तुरंत रद्द करने की मांग दोहराई।
पंजाब सरकार का रुख
स्पीकर ने साफ किया कि पंजाब सरकार भारतीय किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। वह इस व्यापारिक समझौते के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी और केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह पहली बार नहीं है जब पंजाब सरकार ने केंद्र की नीतियों का विरोध किया है। इससे पहले भी कई मुद्दों पर पंजाब सरकार केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोल चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
केंद्र सरकार ने हाल ही में अमेरिका के साथ एक व्यापारिक समझौता किया है, जिसके तहत अमेरिका से बड़ी मात्रा में सेब आयात किए जाने की संभावना है। इस समझौते का भारतीय किसान और बागवान विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनकी आजीविका पर संकट आ जाएगा। पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस मुद्दे को उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है और समझौते को रद्द करने की मांग की है। उन्होंने अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि अमेरिकी सेब भारतीय सेबों की तुलना में कम पौष्टिक हैं और लंबी दूरी के आवागमन में उनके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं।
मुख्य बातें
पंजाब विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने अमेरिका-भारत व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की।
अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों के हवाले से कहा कि आयातित सेब 40-85% तक कम पौष्टिक होते हैं।
आयातित सेब लंबे समय तक स्टोर और आवागमन के दौरान विटामिन सी जैसे पोषक तत्व खो देते हैं।
कश्मीरी और हिमाचली सेब कम लागत पर बेहतर स्वास्थ्य लाभ देते हैं, इसके बावजूद सरकार आयात को बढ़ावा दे रही है।








