Punjab Sirhind Railway Blast: गणतंत्र दिवस से महज 48 घंटे पहले पंजाब में एक बड़ा धमाका हुआ है जिसने पूरे राज्य को दहला दिया। फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में शुक्रवार रात 9 बजकर 50 मिनट पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर जोरदार विस्फोट हुआ जिसमें एक मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और लोको पायलट अनिल शर्मा घायल हो गए। खालिस्तानी आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने इस धमाके की जिम्मेदारी लेते हुए एक लेटर जारी किया और कहा कि यह सिर्फ एक ट्रेलर था।
खानपुर के पास हुआ भीषण धमाका
यह खौफनाक घटना शुक्रवार रात को उस समय हुई जब लुधियाना की तरफ जा रही एक मालगाड़ी नई बिछाई गई रेलवे लाइन से गुजर रही थी।
जैसे ही मालगाड़ी सरहिंद और मंडी गोबिंदगढ़ स्टेशन के बीच खानपुर एरिया में पहुंची, अचानक जोरदार धमाका हो गया।
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे लाइन का लगभग 12 फीट हिस्सा पूरी तरह से टूट गया और रेलवे ट्रैक में लगे स्लीपर के टुकड़े-टुकड़े हो गए।
लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
धमाके के साथ ही मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हो गया और लोको पायलट अनिल शर्मा को चोटें आईं। उनके चेहरे पर मामूली कट लगे हैं।
लोको पायलट ने हादसा देखते ही तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर मालगाड़ी को रोक दिया जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद गार्ड ने कंट्रोल रूम को सूचना दी और रात में ही रेलवे की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
खालिस्तानी संगठन ने ली जिम्मेदारी, कहा- ये ट्रेलर था
इस धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तानी आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने ली है। उन्होंने एक लेटर वायरल करके लिखा कि वो पैसेंजर ट्रेन में भी धमाका कर सकते थे लेकिन उनका मकसद किसी का नाजायज नुकसान करना नहीं था।
संगठन ने धमकी देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक ट्रेलर था। खालिस्तान बनने तक न वो चुप बैठेंगे और न ही सरकार को बैठने देंगे। उनका संघर्ष चलता रहेगा। हालांकि इस दावे की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

डीआईजी बोले- अभी आतंकी हमला कहना मुश्किल
शनिवार सुबह रोपड़ रेंज के डीआईजी नानक सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि रात को सूचना मिली थी कि रेलवे लाइन पर माइनर ब्लास्ट हुआ है और पुलिस ने मुस्तैदी के साथ काम किया। रात को अलग-अलग टीमें मौके पर पहुंचीं और इंटर एजेंसी कोऑर्डिनेशन भी चल रही है।
डीआईजी नानक सिंह ने कहा कि इनपुट के हिसाब से नाकेबंदी की जा रही है लेकिन अभी इसे आतंकी हमला कहना मुश्किल होगा। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा और फिलहाल इसे एक क्रिमिनल एक्टिविटी माना जा सकता है।
फॉरेंसिक टीम ने कब्जे में लिया सामान
जीआरपी की फॉरेंसिक टीम रात को ही मौके पर पहुंच गई थी और उन्होंने मौके से सामान कब्जे में ले लिया। सूत्रों के अनुसार पुलिस को मौके से कुछ तारें और अन्य सामान भी मिला है। इसे साइंटिफिक तरीके से चेक किया जा रहा है।
डीआईजी ने कहा कि जो भी लोग इसमें शामिल हैं या इसके पीछे हैं, उन्हें जरूर पकड़ा जाएगा।
14 घंटे बाद फिर चालू हुआ ट्रैक
डीआईजी नानक सिंह ने बताया कि इस धमाके में कोई प्रॉपर्टी लॉस नहीं हुआ और न ही कोई जानी नुकसान हुआ है। ड्राइवर को माइनर इंजरी हुई है और उसके फेस पर माइनर कट है। गाड़ी में मेजर नुकसान नहीं है और ट्रैक पर भी कोई मेजर नुकसान नहीं हुआ।
सरहिंद में हुए धमाके के 14 घंटे बाद फ्रेट कॉरिडोर पर गाड़ियों की आवाजाही शुरू कर दी गई।
पंजाब के सभी रेलवे स्टेशनों पर बढ़ाई सुरक्षा
घटना के बाद पंजाब के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने अभियान चलाकर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। लुधियाना में भी चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
फतेहगढ़ साहिब के एसपी जसकीरत सिंह अहीर भी अपनी टीम के साथ रेलवे ट्रैक पर जांच करने पहुंचे।
क्या है डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर?
यह हादसा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर हुआ है जो विशेष रूप से मालगाड़ियों के संचालन के लिए बनाया गया है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) के तहत भारत में 3,306 किलोमीटर से अधिक के दो मुख्य गलियारे विकसित किए जा रहे हैं – पूर्वी और पश्चिमी।
पूर्वी कॉरिडोर लुधियाना (पंजाब) से दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक जाता है जबकि पश्चिमी कॉरिडोर दादरी (यूपी) से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (मुंबई) तक जाता है।
इन दोनों कॉरिडोर का 90% काम पूरा हो चुका है और रेलवे के अनुसार 70% से अधिक मालगाड़ियां इन गलियारों पर स्थानांतरित की जाएंगी।
तीन महीने पहले भी सरहिंद में हुई थी बड़ी घटना
यह सरहिंद में तीन महीने के अंदर दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही गरीब रथ ट्रेन (12204) में सरहिंद स्टेशन के पास आग लग गई थी।
वह आग 19 नंबर AC बोगी में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी थी। इसमें लुधियाना के कई व्यापारी भी सफर कर रहे थे।
बोगी में सवार एक यात्री ने आग लगते ही ट्रेन की चेन खींच दी जिससे ट्रेन रुक गई। अफरातफरी के बीच ट्रेन से उतरने में कई यात्रियों को चोटें आई थीं।
आग में बोगी नंबर 19 पूरी तरह जल गई थी और 18 नंबर बोगी को भी नुकसान पहुंचा था।
विश्लेषण: 26 जनवरी से पहले सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी
गणतंत्र दिवस से ठीक 48 घंटे पहले हुआ यह धमाका सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चेतावनी है। भले ही अभी इसे आतंकी हमला कहना मुश्किल हो लेकिन खालिस्तानी संगठन द्वारा जिम्मेदारी लेना और ‘ट्रेलर’ कहना गंभीर मामला है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण परियोजना को निशाना बनाना दर्शाता है कि आतंकी तत्व रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ठिकानों पर नजर रखे हुए हैं। पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों को मिलकर इस मामले की जड़ तक पहुंचना होगा।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब के सरहिंद में शुक्रवार रात 9:50 बजे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर जोरदार धमाका हुआ जिसमें 12 फीट रेलवे ट्रैक पूरी तरह टूट गया
- मालगाड़ी का इंजन क्षतिग्रस्त हुआ और लोको पायलट अनिल शर्मा के चेहरे पर मामूली चोटें आईं
- खालिस्तानी आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) ने धमाके की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह सिर्फ ट्रेलर था
- डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह ने कहा कि अभी इसे आतंकी हमला कहना मुश्किल है, जांच के बाद ही स्पष्ट होगा
- घटना के बाद पंजाब के सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है








