Punjab PSTC Review के तहत पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी और कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने 27 मार्च को चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन से पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (PSTC) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पूरे पंजाब से आई व्यापारियों की 1,386 शिकायतों की गहन समीक्षा की गई और अब तक आयोजित 256 बैठकों की प्रगति पर चर्चा हुई। भगवंत सिंह मान सरकार ने साफ कर दिया है कि व्यापारियों की हर शिकायत का समयबद्ध समाधान होगा और इसके लिए अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
256 बैठकों से बना व्यापारियों और सरकार के बीच सीधा संवाद
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने Punjab PSTC Review बैठक के दौरान बताया कि पंजाब भर में अब तक 256 बैठकें सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं। ये बैठकें कोई सामान्य मीटिंग नहीं हैं, बल्कि इनका मकसद पंजाब सरकार और व्यापारी समुदाय के बीच एक नियमित, संरचित और पारस्परिक रूप से लाभकारी संवाद को मजबूत करना है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार का उद्देश्य व्यापारियों को अपनी समस्याएं और चिंताएं रखने के लिए एक पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह मंच देना है। पहले व्यापारियों को अपनी शिकायत लेकर इधर-उधर भटकना पड़ता था, लेकिन अब PSTC के जरिए उनकी हर बात सुनी जा रही है और उस पर कार्रवाई भी हो रही है।
1,386 शिकायतों की मास्टर लिस्ट पर हुई गहन समीक्षा
इस Punjab PSTC Review बैठक का सबसे अहम मुद्दा शिकायतों की मास्टर सूची की विस्तृत समीक्षा करना था। वित्त मंत्री ने बताया कि इस सूची में लंबित मामलों का निपटारा और व्यापारी समुदाय द्वारा उठाई गई नई चिंताओं को सक्रिय रूप से दर्ज करने, दोनों पर ध्यान दिया गया।
1,386 शिकायतें कोई छोटी संख्या नहीं है। इसका मतलब है कि पंजाब भर के व्यापारी अब इस प्रणाली पर भरोसा जता रहे हैं और अपनी समस्याएं खुलकर सामने रख रहे हैं। सरकार की तरफ से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इनमें से कोई भी शिकायत अनसुनी न रहे।
तीन स्तरीय ढांचा: राज्य से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक सक्रिय
Punjab PSTC Review में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने PSTC के तीन स्तरीय ढांचे की भूमिका पर खास जोर दिया। यह ढांचा तीन स्तरों पर काम करता है: राज्य स्तर पर, जिला स्तर पर और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर। इस तीन स्तरीय प्रणाली का सबसे बड़ा फायदा यह है कि व्यापारी की शिकायत चाहे किसी भी स्तर पर हो, उसे उसी स्तर पर सुलझाने की कोशिश की जाती है।
अगर कोई समस्या विधानसभा क्षेत्र के स्तर पर हल नहीं हो पाती, तो वह जिला स्तर पर जाती है और वहां भी समाधान न मिले, तो राज्य स्तर पर उसकी सुनवाई होती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी मामला अधर में लटका न रहे।
SOP का सख्ती से पालन अनिवार्य, अधिकारियों को मिले स्पष्ट निर्देश
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जिला और उपमंडल स्तर पर अधिकारियों की स्पष्ट प्रशासनिक जिम्मेदारी तय की जाए। वित्त मंत्री ने कहा कि शिकायतों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, उनके दस्तावेजीकरण और समय पर समाधान के लिए हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
Punjab PSTC Review में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि बैठकों के सभी रिकॉर्ड, तस्वीरें और शिकायतों के समाधान की जानकारी तुरंत सरकारी पोर्टल पर अपलोड की जाए। यह कदम सार्वजनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि कोई भी व्यापारी या नागरिक ऑनलाइन जाकर देख सके कि उसकी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े पंजाब भर के वरिष्ठ अधिकारी
यह उच्च स्तरीय बैठक चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की गई। इसमें पंजाब भर के सभी डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शामिल हुए।
बैठक में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के साथ आबकारी एवं कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल भी मौजूद रहे। इसके अलावा PSTC के चेयरपर्सन और सदस्य तथा जिला और विधानसभा क्षेत्र व्यापारी आयोगों के चेयरमैन भी इस बैठक में शामिल हुए। खास बात यह रही कि ये सभी प्रतिनिधि अपने-अपने स्थानीय डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों से सीधे इस बैठक में भाग ले रहे थे, जिससे जमीनी स्तर की समस्याएं सीधे राज्य स्तर तक पहुंच सकें।
व्यापारियों के लिए क्या मायने रखती है यह कार्रवाई
पंजाब का व्यापारी समुदाय लंबे समय से अपनी शिकायतों के समाधान के लिए एक व्यवस्थित तंत्र की मांग कर रहा था। अक्सर व्यापारियों को विभागीय अफसरशाही, लालफीताशाही और जवाबदेही की कमी का सामना करना पड़ता था। Punjab PSTC Review के जरिए भगवंत मान सरकार ने यह दिखाया है कि वह सिर्फ घोषणाएं नहीं करती, बल्कि जमीन पर काम भी करती है। 256 बैठकें आयोजित होना और 1,386 शिकायतों की सीधे वित्त मंत्री स्तर पर समीक्षा होना, यह अपने आप में एक बड़ा कदम है जो पंजाब के कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में मजबूत संदेश देता है।
क्या है पूरी पृष्ठभूमि
पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (PSTC) की स्थापना भगवंत मान सरकार ने व्यापारियों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए की थी। यह आयोग तीन स्तरों पर काम करता है: राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा इस आयोग के अध्यक्ष हैं। Punjab PSTC Review के तहत अब तक पूरे पंजाब में 256 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 1,386 शिकायतें दर्ज हुई हैं। सरकार ने SOP के सख्त पालन, शिकायतों का ऑनलाइन दस्तावेजीकरण और अधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय करके इस प्रणाली को और मजबूत बनाने का काम किया है।
मुख्य बातें (Key Points)
- Punjab PSTC Review में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 1,386 व्यापारी शिकायतों की उच्च स्तरीय समीक्षा की और समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।
- पंजाब भर में अब तक 256 PSTC बैठकें आयोजित हो चुकी हैं, जिनसे सरकार और व्यापारी समुदाय के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है।
- PSTC का तीन स्तरीय ढांचा राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सक्रिय है, ताकि कोई भी शिकायत अधर में न लटके।
- अधिकारियों को बैठकों के रिकॉर्ड, तस्वीरें और शिकायत समाधान की जानकारी सरकारी पोर्टल पर तुरंत अपलोड करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।








