Punjab Police Yudh Nasheyan Virudh Campaign. पंजाब को ‘नशा मुक्त’ बनाने की दिशा में Punjab Police ने नए साल की शुरुआत में ही नशा माफिया पर करारा प्रहार किया है। राज्य में चल रहे ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ (War Against Drugs) अभियान के 307वें दिन, Chandigarh से लेकर पूरे प्रदेश में पुलिस ने एक साथ 318 स्थानों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की तरह छापेमारी की। इस दौरान 1.5 किलो हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों के साथ 93 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पत्रकारिता लेड (The Lede): पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आदेश पर शुरू हुए नशा विरोधी अभियान के तहत 2 जनवरी को पुलिस ने राज्य भर में जाल बिछाकर 93 तस्करों को दबोच लिया। महज 24 घंटों के भीतर 74 एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने 1.5 किलो हेरोइन जब्त की, जो तस्करों के नेटवर्क पर एक बड़ा हमला है।
300 से ज्यादा ठिकानों पर पुलिस का धावा
नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए Punjab पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ मैदान संभाला। 70 गजटिड अधिकारियों (Gazetted Officers) की निगरानी में 1000 से अधिक पुलिसकर्मियों की 120 से ज्यादा टीमों ने राज्य भर में 318 संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ रेड मारी।
इस ‘ऑपरेशन क्लीन’ के दौरान पुलिस ने 333 संदिग्ध व्यक्तियों की गहन जांच की। नतीजा यह रहा कि पुलिस ने न केवल तस्करों को गिरफ्तार किया, बल्कि उनके पास से 14 किलो भुक्की, 993 नशीली गोलियां और 4450 रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की।
42,000 के पार पहुंचा गिरफ्तारी का आंकड़ा
पंजाब पुलिस की यह कार्रवाई पिछले करीब 10 महीनों से लगातार जारी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के 307 दिनों के भीतर अब तक गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 42,888 हो गई है। यह आंकड़ा बताता है कि सरकार नशे की जड़ें खोदने के लिए कितनी गंभीर है।
संपादकीय विश्लेषण: सिर्फ डंडा नहीं, इलाज भी प्राथमिकता
पंजाब सरकार की रणनीति केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। सरकार ने नशा खत्म करने के लिए ‘ईडीपी’ (EDP – Enforcement, De-addiction, Prevention) यानी सख्ती, नशा मुक्ति और रोकथाम की तीन-पक्षीय रणनीति अपनाई है। इसका सबूत इस ऑपरेशन में भी दिखा, जहां पुलिस ने सख्ती के साथ-साथ मानवीय चेहरा भी दिखाया। पुलिस ने 28 ऐसे लोगों की पहचान की जो नशे की दलदल में फंस चुके थे और उन्हें नशा छोड़ने के लिए राजी कर पुनर्वास (Rehabilitation) के लिए भेजा। यह एक सकारात्मक संकेत है कि सरकार पीड़ित और अपराधी के बीच का फर्क समझ रही है।
सरकार की सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा न जाए। इस पूरी जंग की निगरानी के लिए वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी भी लगातार काम कर रही है, जो हर हफ्ते की प्रगति रिपोर्ट ले रही है।
जानें पूरा मामला
पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझ रहा है। इसे खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस को खुली छूट दे रखी है। यह अभियान न केवल बड़े तस्करों को पकड़ने के लिए है, बल्कि गली-मोहल्लों में नशा बेचने वाले छोटे पेडलर्स (Peddlers) पर भी लगाम कसने के लिए चलाया जा रहा है।
मुख्य बातें (Key Points)
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Punjab Police ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के तहत 93 तस्करों को गिरफ्तार किया।
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2 जनवरी को राज्य भर में 318 जगहों पर छापेमारी हुई, 74 FIR दर्ज की गईं।
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1.5 किलो हेरोइन, 14 किलो भुक्की और ड्रग मनी बरामद।
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अब तक कुल 42,888 नशा तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
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28 लोगों को नशा छुड़ाने के लिए इलाज हेतु राजी किया गया।








