Punjab PMEGP Scheme 2026 के तहत पंजाब में बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। पंजाब खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के चेयरमैन गगनदीप सिंह ककू अहलूवालिया ने गुरुवार को चंडीगढ़ स्थित बोर्ड कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2025-26 की विभिन्न योजनाओं की उपलब्धियों और प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने इस वित्तीय वर्ष में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत 457 यूनिट स्थापित किए गए, जिससे 5,027 युवाओं को रोजगार मिला और ₹32 करोड़ 77 लाख 85 हजार की सब्सिडी वितरित की गई।
457 यूनिट स्थापित: ₹1 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक के प्रोजेक्ट शामिल
Punjab PMEGP Scheme 2026 के तहत स्थापित 457 यूनिटों का विस्तृत ब्यौरा भी चेयरमैन अहलूवालिया ने दिया। इन यूनिटों को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है।
पहली श्रेणी में करीब 100 यूनिट ऐसे हैं जिनकी प्रोजेक्ट लागत ₹1 लाख से ₹10 लाख के बीच रही। ये छोटे स्तर के उद्यम हैं जो गांवों और छोटे कस्बों के युवाओं को स्वरोजगार का अवसर दे रहे हैं।
दूसरी श्रेणी में 204 यूनिट स्थापित किए गए जिनकी प्रोजेक्ट लागत ₹10 लाख से ₹24 लाख के बीच थी। यह सबसे बड़ी श्रेणी है जो दर्शाती है कि मध्यम स्तर के उद्यमों में युवाओं की सबसे ज्यादा रुचि है।
तीसरी श्रेणी में 153 यूनिट ऐसे हैं जिनमें ₹25 लाख से ₹1 करोड़ तक का निवेश किया गया। ये बड़े पैमाने के उद्यम हैं जो न सिर्फ संस्थापक को बल्कि कई अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। कुल मिलाकर इन 457 यूनिटों के माध्यम से 5,027 युवाओं को सीधा रोजगार मिला है, जो पंजाब के ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
₹32.77 करोड़ से ज्यादा सब्सिडी वितरित, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला बल
Punjab PMEGP Scheme 2026 की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि लाभार्थियों को ₹32 करोड़ 77 लाख 85 हजार की सब्सिडी प्रदान की गई। यह सब्सिडी उन बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी राहत है जो अपना खुद का कारोबार शुरू करना चाहते हैं लेकिन पूंजी की कमी की वजह से पीछे रह जाते हैं। PMEGP योजना के तहत सरकार प्रोजेक्ट लागत का एक बड़ा हिस्सा सब्सिडी के रूप में देती है, जिससे युवाओं पर कर्ज का बोझ कम होता है।
चेयरमैन अहलूवालिया ने कहा कि बोर्ड की योजनाओं ने न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है बल्कि राज्य भर के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान किए हैं। यह योजना उन युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है जो नौकरी की तलाश में शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर थे।
2026-27 के लक्ष्य पूरे करने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
चेयरमैन गगनदीप सिंह ककू अहलूवालिया ने बैठक में अधिकारियों को Punjab PMEGP Scheme 2026 की सफलता को आगे बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं और बोर्ड की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
अहलूवालिया ने इस बात पर खास जोर दिया कि इन योजनाओं की पहुंच पंजाब के हर जिले और हर गांव तक होनी चाहिए ताकि ज्यादा से ज्यादा बेरोजगार युवा स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को इन योजनाओं की जानकारी ही नहीं होती, इसलिए जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत है।
इस मौके पर बोर्ड के सदस्य सचिव रमनदीप सिंह के साथ अन्य अधिकारी और वरिष्ठ सलाहकार भी मौजूद रहे।
आम युवाओं के लिए क्यों खास है PMEGP योजना?
Punjab PMEGP Scheme 2026 आम युवाओं के लिए इसलिए खास है क्योंकि यह उन्हें बिना किसी बड़ी पूंजी के अपना कारोबार शुरू करने का मौका देती है। PMEGP योजना में सरकार प्रोजेक्ट लागत का 15% से 35% तक सब्सिडी देती है। यानी अगर कोई युवा ₹10 लाख का प्रोजेक्ट शुरू करना चाहता है तो उसे सरकार से ₹1.5 लाख से ₹3.5 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है। बाकी रकम बैंक लोन के रूप में मिलती है। इससे युवाओं को नौकरी की तलाश में भटकने की जरूरत नहीं पड़ती और वे खुद अपने बॉस बन सकते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब खादी बोर्ड ने PMEGP योजना के तहत 2025-26 में 457 यूनिट स्थापित किए, 5,027 युवाओं को रोजगार मिला।
- लाभार्थियों को ₹32 करोड़ 77 लाख 85 हजार की सब्सिडी दी गई, ₹1 लाख से ₹1 करोड़ तक के प्रोजेक्ट शामिल।
- चेयरमैन अहलूवालिया ने 2026-27 के लक्ष्य पूरे करने और योजनाओं की पहुंच हर गांव तक बढ़ाने के निर्देश दिए।
- 204 यूनिट ₹10 लाख से ₹24 लाख की लागत वाले रहे जो सबसे बड़ी श्रेणी है, मध्यम स्तर के उद्यमों में युवाओं की सबसे ज्यादा रुचि।













