Punjab Minister Laljit Bhullar का नाम लेकर पंजाब राज्य वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार 21 मार्च 2026 को अमृतसर में सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से ठीक पहले DM ने 12 सेकेंड का एक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने साफ शब्दों में कहा: “खा ली सल्फास, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर के डर से, अब मैं नहीं बचता।” इस वीडियो ने पूरे पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी सरकार पर चारों तरफ से हमले तेज हो गए हैं और मामला अब सीबीआई जांच की मांग तक पहुंच गया है।
CM भगवंत मान ने तुरंत लिया मंत्री का इस्तीफा
खबर मिलते ही पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तेजी दिखाई और परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर से तुरंत इस्तीफा ले लिया। CM मान ने कहा कि यह मामला बेहद दुखद है और जांच किसी भी तरह से प्रभावित न हो, इसलिए मंत्री का इस्तीफा लिया गया है। उन्होंने कहा: “किसी को जान देने के लिए मजबूर कर दे, ऐसी किसी कोताही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” मामले की जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंप दी गई है।
हालांकि, विपक्ष ने CM की इस कार्रवाई को “इस्तीफे का ड्रामा” करार दिया और सवाल उठाया कि अगर मुख्यमंत्री को पहले कुछ पता नहीं था तो DM का ट्रांसफर किसने और क्यों किया।
क्या है पूरा मामला: टेंडर विवाद से शुरू हुई कहानी
पूरा मामला एक टेंडर विवाद से जुड़ा है। फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) ने वेयरहाउस बनाने के लिए टेंडर जारी किए थे। पंजाब राज्य वेयरहाउस कॉर्पोरेशन इसकी नोडल एजेंसी थी। आरोप है कि Punjab Minister Laljit Bhullar ने अपने पिता के नाम पर इन टेंडर्स में अप्लाई किया था कि वेयरहाउस उनकी जमीन पर बनाया जाए।
अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला और पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने बताया कि 13 मार्च को जब टेंडर का रिजल्ट आया तो सरकारी पॉलिसी और मेरिट के हिसाब से मंत्री के पिता को टेंडर नहीं मिला। इसके बाद से DM गगनदीप सिंह रंधावा पर दबाव बढ़ना शुरू हो गया।
घर बुलाकर मारपीट, बच्चों को मारने की धमकी
आरोप यह है कि जब पॉलिसी के मुताबिक Punjab Minister Laljit Bhullar के पिता को टेंडर नहीं मिला तो मंत्री ने DM गगनदीप सिंह रंधावा को अपने घर बुलाया। वहां उनके साथ मारपीट की गई। मजीठिया ने तो यहां तक आरोप लगाया कि मंत्री ने अफसर को जलील किया और उसे नग्न तक किया गया। मंत्री ने DM की वीडियो बनाई और उसकी पत्नी-बच्चों को लेकर धमकी दी कि “गैंगस्टरों से तेरे बच्चों को उठवा देंगे।”
मृतक गगनदीप के मामा अमरजीत सिंह ने बताया कि गगनदीप इतना डर गया था कि उसने अपनी माता को एक रिश्तेदार के घर और बच्चों को किसी और के पास छोड़ दिया था। अमरजीत सिंह ने कहा: “उसने कहा कि भले ही मैं मर जाऊं, लेकिन मेरे बच्चों को कुछ न हो।”
DM ने सीनियर अफसरों को भी दी थी शिकायत, किसी ने नहीं सुनी
यह बात और भी दर्दनाक बनाती है कि DM ने अपनी तकलीफ के बारे में अपने सीनियर अफसरों को पहले ही जानकारी दे दी थी। बिक्रम मजीठिया ने बताया कि गगनदीप सिंह ने डीसी से बात की, डीसी ने कहा कि “मैं देख लूंगा।” इसके बाद उन्होंने वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के एमडी गौतम जैन को भी शिकायत दी। लेकिन ईमानदार अफसर के साथ खड़े होने की बजाय उसका ट्रांसफर कर दिया गया।
गुरजीत औजला ने भी इस बात पर तीखा सवाल उठाया कि एमडी को शुक्रवार को पता था, फिर भी उसने कुछ नहीं किया, न वह मौके पर आया, न DM से पूछा। औजला ने कहा: “अगर प्रशासन उसके साथ था तो मंत्री के खिलाफ पर्चा क्यों नहीं करवाया? मुख्यमंत्री को क्यों नहीं बताया?”
मजीठिया ने जारी किया DM का एक और वीडियो, कहा: जबरन बनवाया गया
अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने DM का एक और वीडियो सार्वजनिक किया है। उनका दावा है कि यह वीडियो Punjab Minister Laljit Bhullar ने DM से जबरन बनवाया था। इस वीडियो में DM कह रहे हैं कि उन्होंने 10 लाख रुपए लेकर टेंडर पास करवाए। मजीठिया का कहना है कि यह वीडियो मंत्री द्वारा DM को फंसाने और ब्लैकमेल करने के लिए बनवाया गया था।
मजीठिया ने टेंडर के दस्तावेज भी दिखाए, जिसमें लालजीत भुल्लर के पिता का नाम साफ दिख रहा है। उन्होंने बताया कि मंत्री के पिता का एक टेंडर पहले पास भी हो गया था, उसके बावजूद मंत्री बाकी टेंडर भी रद्द करवाकर अपने नाम करवाना चाहते थे।
पुलिस पर आरोप: मामला दबाने की कोशिश
मजीठिया ने गंभीर आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि एसपी ने आकर परिवार से कहा कि बयान में यह न लिखवाएं कि सल्फास खाकर आत्महत्या की है, वरना बच्चे को नौकरी नहीं मिलेगी। इसके अलावा DM के दोस्त परमिंदर सिंह ने भी आरोप लगाया कि पुलिस जबरन शव ले जाने की कोशिश कर रही है।
ADCP शिरीवेनेला ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और मामले की जांच जारी है। अभी परिवार से बात हो रही है।
परिवार की मांग: CBI जांच, भुल्लर पर केस दर्ज हो
मृतक गगनदीप सिंह रंधावा के परिवार ने Punjab Minister Laljit Bhullar पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज करने की मांग की है। परिवार ने ऐलान किया है कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती, तब तक अस्पताल से शव नहीं ले जाने दिया जाएगा।
परिवार और यूनियन दोनों की मांग है कि पोस्टमार्टम PGI या AIIMS के डॉक्टरों के स्पेशल बोर्ड से करवाया जाए। गगनदीप के मामा अमरजीत सिंह ने कहा: “हम गरीब आदमी हैं। हमारा भांजा अब लौटकर नहीं आएगा, लेकिन उसे इंसाफ मिलना चाहिए।”
भुल्लर ने सारे आरोप नकारे
इस्तीफा देने वाले मंत्री लालजीत भुल्लर ने सभी आरोपों को “झूठा और बेबुनियाद” बताया। उन्होंने कहा: “मेरी पार्टी हमेशा सच का साथ देती है। जांच किसी तरह से प्रभावित न हो, इसलिए मैंने खुद पद छोड़ा है।” हालांकि, विपक्ष का कहना है कि DM के 12 सेकेंड के आखिरी वीडियो में सीधे तौर पर भुल्लर का नाम लिया गया है, ऐसे में सिर्फ इस्तीफा काफी नहीं है, उन पर FIR दर्ज होनी चाहिए।
वेयरहाउस यूनियन का बयान: यह कुदरती मौत नहीं
पंजाब राज्य गोदाम निगम फील्ड इंप्लाईज यूनियन ने एक प्रेस नोट जारी कर कहा कि यह घटना कुदरती नहीं है, बल्कि राजनीतिक दबाव में आकर DM ने यह कदम उठाया। यूनियन ने कहा: “इसकी वजह निर्दयी हुक्मरान हैं। संबंधित हुक्मरानों ने निजी गोदाम के टेंडर पास करवाने का दबाव बनाया और हमारे साथी को मानसिक रूप से इतना परेशान किया कि उन्होंने यह कदम उठा लिया।” यूनियन ने सभी साथियों से अपील की है कि वे जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए डटकर खड़े रहें।
BJP और कांग्रेस ने AAP सरकार को घेरा
पंजाब BJP प्रधान सुनील जाखड़ ने ट्वीट कर कहा: “पहले रिफंड न मिलने से लोगों की जान जा रही थी, अब सरकारी मंत्रियों की रिश्वत की मांग पूरी न कर पाने से अफसरों को जान देनी पड़ रही है। राज्य बुरे समय से गुजर रहा है।”
पूर्व कांग्रेस विधायक रमनजीत सिंह सिक्की ने मांग की कि मंत्री के घर की CCTV फुटेज सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि मंत्री हर सुबह लाइव आकर लोगों की “सेटिंग” करते थे, यह सबको पता है।
सांसद गुरजीत औजला ने सबसे सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि लालजीत भुल्लर ने एक पढ़े-लिखे गैजेटेड अफसर की जान ले ली, जिसने पीएचडी, एमएससी एग्रीकल्चर और एमबीए किया था, जिसके पास 4 जिलों का चार्ज था, जिसका ट्रैक रिकॉर्ड बेदाग था। औजला ने कहा: “इसका इस्तीफा ही नहीं, इस पर पर्चा दर्ज कर इसे अंदर करना चाहिए। जो कहता है कि गैंगस्टरों से मरवा दूंगा, उसके गैंगस्टरों से संबंध साफ हैं।” उन्होंने पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा: “अगर किसी ने परिवार पर दबाव बनाया तो इस बार हम पुलिस अफसरों के घर के बाहर जाकर बैठेंगे।”
सिस्टम की विफलता का दर्दनाक चेहरा
यह मामला सिर्फ एक मंत्री और एक अफसर के बीच का टकराव नहीं है। यह उस पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है जहां एक ईमानदार अफसर बार-बार शिकायत करता रहा, डीसी से बात की, एमडी को बताया, लेकिन कहीं से उसे सुरक्षा नहीं मिली। उलटा उसका ट्रांसफर कर दिया गया। तीन छोटे-छोटे बच्चों का बाप अपने परिवार को इधर-उधर छुपाकर, बच्चों की सुरक्षा की फिक्र में, आखिरकार 12 सेकेंड का एक वीडियो बनाकर इस दुनिया से चला गया। यह घटना बताती है कि जब सत्ता का दुरुपयोग होता है और सिस्टम चुप रहता है, तो इसकी कीमत सबसे ज्यादा उन्हें चुकानी पड़ती है जो ईमानदारी से अपना काम करना चाहते हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- अमृतसर वेयरहाउस के DM गगनदीप सिंह रंधावा नेPunjab Minister Laljit Bhullar का नाम लेकर सल्फास खाकर आत्महत्या की; 12 सेकेंड का आखिरी वीडियो जारी किया।
- आरोप है कि मंत्री ने अपने पिता के नाम पर टेंडर देने का दबाव डाला, DM को घर बुलाकर मारपीट की, वीडियो बनाया और बच्चों को गैंगस्टरों से मारने की धमकी दी।
- CM भगवंत मान ने तुरंत मंत्री का इस्तीफा लिया; जांच चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा को सौंपी गई।
- परिवार, यूनियन और विपक्ष ने CBI जांच, भुल्लर पर FIR और PGI/AIIMS से पोस्टमार्टम की मांग की है।








