Punjab Law and Order: पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने पंजाब में बेकाबू हो रही कानून व्यवस्था को लेकर पंजाब सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो गया है। पानी सिर से ऊपर उठता जा रहा है। आम आदमी पार्टी की सरकार राज्य की कानून व्यवस्था को काबू नहीं कर पा रही है। प्रदेश को गैंगस्टरों के हवाले कर दिया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। ताकि पंजाब के हालातों को बिगड़ने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि दो दिनों में दो युवा नेताओं की गोलियां मारकर हत्या कर दी जाती है। आज अमृतसर में एक शादी समारोह के दौरान वल्टोहा के आम आदमी पार्टी के पूर्व सरपंच जरमल सिंह की दिनदहाड़े बेरहमी से हत्या कर दी गई। वहीं कल मोगा के गांव भिंडरकलां में तडके 20 से ज्यादा गोलियां मारकर कांग्रेस नेता उमरसीर सिंह का कत्ल कर दिया गया था। वह कार में सवार होकर अपनी ड्यूटी पर जा रहा था।
परगट सिंह ने कहा कि अगर शादियों जैसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोगों को बेरहमी से गोली मारकर मारा जा रहा है, तो यह साफ है कि अपराधियों को अब कानून का कोई डर नहीं है। पंजाब में अब कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं रहा। अमन शांति को पूरी तरह खतरे में ड़ाल दिया गया है। जबरन वसूली, फायरिंग, हत्या और गैंगवार जैसी घटनाओं पर बिल्कुल भी काबू नहीं पाया जा पा रहा है। गांवों से लेकर शहरों तक हर व्यक्ति दहशत में जी रहा है।
उन्होंने कहा कि इस गंभीर स्थिति के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो गृह मंत्री भी हैं, को ज़िम्मेदार हैं। राज्य के लोगों को सुरक्षा देना मान सरकार की सबसे बुनियादी ज़िम्मेदारी है। जिसमें सरकार बुरी तरह फेल साबित हो रही है। सरकार को सिर्फ वीआईपी लोगों की सुरक्षा की परवाह है। आम जनता को भगवान के भरोसे छोड़ रखा है। पंजबा के लोगों का आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री से विश्वास उठ चुका है। अब लोग और भय में जीना नहीं चाहते हैं।








