Punjab Heroin Seizure मामले में पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर एक बड़े पाकिस्तान-समर्थित क्रॉस-बॉर्डर ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। चंडीगढ़ से 22 मार्च को डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि इस ऑपरेशन में तीन मास्टरमाइंड गिरफ्तार किए गए हैं, जिनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, ₹21 लाख नकद ड्रग मनी और पाकिस्तान से खेप पहुंचाने में इस्तेमाल होने वाला मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद हुआ है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब को नशा मुक्त बनाने के अभियान के तहत यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

कौन हैं गिरफ्तार तस्कर: तीनों अमृतसर के रहने वाले
Punjab Heroin Seizure मामले में गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पहला आरोपी जगजीत सिंह उर्फ राणा गांव नूरवाल, अमृतसर का निवासी है। दूसरा आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ प्रीत गांव औलख खुर्द, अमृतसर से है और तीसरा आरोपी रोशन सिंह गांव ढूपसारी, अमृतसर का रहने वाला है।
तीनों आरोपी इस स्मगलिंग नेटवर्क के मास्टरमाइंड थे और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के सीधे संपर्क में थे। ये लोग सीमा पार से ड्रोन के जरिए आने वाली हेरोइन की खेप को रिसीव करते थे और फिर इसे आगे पंजाब के भीतर सप्लाई करते थे।
ड्रोन से आ रहा था जहर: दो चरणों में चला ऑपरेशन
Punjab Heroin Seizure का यह पूरा ऑपरेशन दो चरणों में अंजाम दिया गया। SP ANTF गुरप्रीत सिंह ने बताया कि पहले चरण में 12.1 किलोग्राम हेरोइन के साथ एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया गया। यह वही ड्रोन था जिसका इस्तेमाल पाकिस्तान में बैठे तस्कर सीमा पार से नशे की खेप भेजने के लिए कर रहे थे।
इसके बाद पुलिस ने ड्रोन का फॉरेंसिक विश्लेषण किया। ड्रोन के टेक्निकल डेटा, उसकी लैटीट्यूड-लॉन्गीट्यूड लोकेशन और टावर डंप एनालिसिस ने जांच की दिशा पूरी तरह बदल दी। इन्हीं तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी मनप्रीत सिंह के घर तक पहुंची, जहां से 12.4 किलोग्राम और हेरोइन बरामद हुई। इस तरह कुल बरामदगी 24.5 किलोग्राम हेरोइन तक पहुंच गई।
ड्रग मनी से खरीदी पॉश इलाकों में प्रॉपर्टी, शौकीन था महंगी गाड़ियों का
Punjab Heroin Seizure मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा मुख्य आरोपी जगजीत राणा के ऐशो-आराम को लेकर हुआ। SP ANTF गुरप्रीत सिंह ने बताया कि जगजीत राणा ने हाल ही में ड्रग मनी से पॉश इलाकों में कई प्रॉपर्टी खरीदी थीं। इसके अलावा उसे महंगी गाड़ियों का भी बेहद शौक था।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो गाड़ियां भी जब्त की गई हैं जिनमें एक SUV महिंद्रा थार भी शामिल है। इन गाड़ियों का इस्तेमाल नशे की खेप को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए किया जाता था। यह तस्वीर साफ दिखाती है कि कैसे ड्रग तस्कर पंजाब के नौजवानों की जिंदगी तबाह करके खुद ऐश की जिंदगी जी रहे थे।
पाकिस्तान कनेक्शन: सीधे लिंक मिले, नेटवर्क किया ध्वस्त
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में गिरफ्तार आरोपियों के पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से सीधे लिंक सामने आए हैं। गहन तकनीकी जांच के बाद पुलिस टीमों ने इस पाकिस्तान-लिंक्ड क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
डीजीपी ने यह भी बताया कि इस मामले में फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है। इसका मतलब है कि पुलिस अब यह पता लगा रही है कि पाकिस्तान से आने वाली इस हेरोइन को पंजाब में किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाता था और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगी होने की पूरी संभावना है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
Punjab Heroin Seizure मामले में पुलिस स्टेशन ANTF एसएएस नगर में FIR नंबर 43 दिनांक 2 मार्च, 2026 को दर्ज की गई है। यह केस NDPS एक्ट की धारा 21(c) और 23 के तहत दर्ज किया गया है, जो बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ रखने और उसकी तस्करी से जुड़ी है। इसके अलावा एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 25, 26 और 29 भी लगाई गई हैं, जो ड्रोन के अवैध इस्तेमाल से संबंधित हैं।
NDPS एक्ट की धारा 21(c) के तहत बड़ी मात्रा में हेरोइन रखने पर 10 साल से लेकर 20 साल तक की कठोर कैद और ₹1 लाख से ₹2 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। यानी गिरफ्तार तस्करों को लंबे समय तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ सकता है।
ड्रोन बना सीमा पार तस्करी का नया हथियार
Punjab Heroin Seizure का यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि पाकिस्तान स्थित तस्कर अब ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके भारत-पाक सीमा के रास्ते पंजाब में नशे की खेप भेज रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में अमृतसर सेक्टर से ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां ड्रोन के जरिए हेरोइन, हथियार और नकदी भेजी गई। BSF ने भी एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी तैनात की है और कई ड्रोन को नष्ट किया है, लेकिन तस्कर बार-बार नए रास्ते और नई तकनीक अपना रहे हैं।
ऐसे में पंजाब पुलिस की ANTF और BSF का यह संयुक्त ऑपरेशन बेहद अहम है। ड्रोन की फॉरेंसिक जांच से तकनीकी सुराग निकालकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचना दिखाता है कि पंजाब पुलिस अब तकनीक के मामले में तस्करों से एक कदम आगे चल रही है।
जानें पूरा मामला
पंजाब लंबे समय से पाकिस्तान सीमा के रास्ते होने वाली ड्रग तस्करी से जूझ रहा है। भगवंत मान सरकार ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति अपनाई है। मार्च 2022 से मार्च 2026 तक 95,881 से ज्यादा तस्कर गिरफ्तार किए गए हैं और हजारों किलो नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। ANTF को विशेष रूप से इन क्रॉस-बॉर्डर नेटवर्कों को तोड़ने के लिए सशक्त बनाया गया है। ड्रोन के जरिए तस्करी एक नई चुनौती है, लेकिन BSF की एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी और पुलिस की टेक्निकल इंवेस्टिगेशन मिलकर इस चुनौती का मुकाबला कर रही है।
मुख्य बातें (Key Points)
- पंजाब पुलिस ANTF और BSF ने संयुक्त ऑपरेशन में 24.5 किलो हेरोइन, ₹21 लाख ड्रग मनी और मल्टी-कॉप्टर ड्रोन बरामद किया।
- अमृतसर से तीन मास्टरमाइंड जगजीत राणा, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह गिरफ्तार, तीनों के पाकिस्तान से सीधे लिंक।
- ड्रोन की फॉरेंसिक जांच से तकनीकी सुराग मिले, जिससे दूसरे चरण में 12.4 किलो और हेरोइन बरामद हुई।
- मुख्य आरोपी जगजीत राणा ने ड्रग मनी से पॉश इलाकों में प्रॉपर्टी खरीदी थी और महंगी गाड़ियों का शौकीन था।








