Punjab Health Insurance Scheme: पंजाब सरकार की प्रस्तावित मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता तरुण चुग ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले “सेहत क्रांति” का नारा दिया था, लेकिन 48 महीने बीतने के बावजूद सरकार जमीन पर एक कदम भी नहीं चली।
चंडीगढ़ भाजपा कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान तरुण चुग ने विनीत जोशी और प्रितपाल सिंह बलियावाल के साथ मिलकर योजना की हकीकत उजागर की।
48 महीने बाद भी खाली हाथ
तरुण चुग ने कहा कि AAP सरकार ने सत्ता में आने से पहले बड़े-बड़े वादे किए थे:
वादे:
- सत्ता में आते ही स्वास्थ्य सेवाएं मुफ्त होंगी
- 16 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे
हकीकत:
- 2025 में भी जनता से झूठ बोला गया
- अब 2026 में योजना लॉन्च करने की घोषणा
- सरकार का दावा: 6-7 महीने में लागू होगी
- BJP का कहना: कम से कम एक साल लगेगा
10 लाख का दावा सबसे बड़ा झूठ: चुग
तरुण चुग ने योजना के 10 लाख रुपए के कवर को “खोखला दावा” बताया।
उनके अनुसार:
- वास्तविक बीमा केवल लगभग 1 लाख रुपए का है
- शेष 9 लाख सरकार के भविष्य के वादों पर आधारित हैं
- पहले से कर्ज में डूबी सरकार के पास 9 लाख रुपए कहां से आएंगे?
आंकड़ों से समझें योजना की व्यवहारिकता
तरुण चुग ने आंकड़ों के जरिए योजना पर सवाल उठाए:
| परिवारों का प्रतिशत | लाभार्थी परिवार | अनुमानित खर्च |
|---|---|---|
| 1% | 65,000 | 6,500 करोड़ रुपए |
| 10% | 6,50,000 | 65,000 करोड़ रुपए |
पंजाब में करीब 65 लाख परिवार हैं। अगर सिर्फ 1% परिवार भी योजना का लाभ लें तो 6,500 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इलाज पर कैपिंग की समस्या
चुग ने कहा कि जटिल चिकित्सा प्रक्रियाओं पर इतनी कम पैकेज कैपिंग रखी गई है कि पूरा इलाज संभव नहीं:
प्रभावित प्रक्रियाएं:
- हार्ट सर्जरी
- ब्रेन सर्जरी
- घुटना प्रत्यारोपण (Knee Replacement)
चुग के अनुसार इसी कारण बड़े और भरोसेमंद अस्पताल इस योजना से दूरी बना रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान गरीब और मध्यम वर्ग को हो रहा है।
पंजाब की वित्तीय स्थिति पर सवाल
तरुण चुग ने पंजाब की आर्थिक हालत पर गंभीर सवाल उठाए:
| विवरण | राशि |
|---|---|
| पंजाब पर कुल कर्ज | 4.99 लाख करोड़ रुपए |
| पिछले 4 वर्षों में लिया नया कर्ज | 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक |
| चालू वित्त वर्ष में अदायगी | 90 हजार करोड़ रुपए |
चुग ने कहा कि बिना ठोस फंडिंग की यह स्वास्थ्य योजना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा जोखिम है।
कर्मचारियों को वेतन नहीं, जनता को बीमा कैसे?
तरुण चुग ने आरोप लगाया:
- सरकारी कर्मचारियों को अब तक महंगाई भत्ता (DA) नहीं दिया गया
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला
चुग ने सवाल किया कि जब सरकार अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रही, तो जनता को स्वास्थ्य बीमा का लाभ कैसे देगी?
मेडिकल कॉलेजों पर भी सवाल
चुग ने बताया:
- कपूरथला में मेडिकल कॉलेज के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान
- होशियारपुर में मेडिकल कॉलेज के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान
- कुल 778 करोड़ रुपए अलग-अलग मदों में रखे गए
लेकिन जमीनी स्तर पर काम नजर नहीं आ रहा।
चुनावी साल में प्रचार का हथियार: BJP
तरुण चुग ने आरोप लगाया कि:
- योजना लाने में ही मान सरकार को 48 महीने लगे
- अब इसे धरातल पर उतारने में भी समय लगेगा
- चुनावी साल में पंजाब की जनता के टैक्स के पैसे से AAP सिर्फ दुष्प्रचार कर रही है
- असल में मरीजों को कोई ठोस लाभ नहीं मिलने वाला
BJP के 4 मुख्य आरोप
| आरोप | विवरण |
|---|---|
| 10 लाख का झूठ | वास्तविक बीमा सिर्फ 1 लाख, बाकी वादे पर आधारित |
| कैपिंग की समस्या | जटिल इलाज पर कम कैपिंग, बड़े अस्पताल दूर |
| वित्तीय संकट | 4.99 लाख करोड़ के कर्ज में नई योजना का बोझ |
| चुनावी स्टंट | 48 महीने बाद भी जमीन पर कुछ नहीं, सिर्फ प्रचार |
‘मुख्य बातें (Key Points)’
- सेहत क्रांति जुमला: BJP नेता तरुण चुग ने कहा, 48 महीने बाद भी योजना जमीन पर नहीं उतरी
- 10 लाख का दावा खोखला: वास्तविक बीमा सिर्फ 1 लाख, शेष 9 लाख भविष्य के वादों पर निर्भर
- 4.99 लाख करोड़ का कर्ज: पंजाब सरकार पर पहले से भारी कर्ज, नई योजना का खर्च कहां से आएगा?
- कर्मचारियों को वेतन नहीं: NHM कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं, DA भी नहीं मिला
- चुनावी स्टंट: BJP का आरोप, योजना सिर्फ चुनावी प्रचार का हथियार








