Punjab Education Department Recruitment. चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में खुशियों की लहर दौड़ गई जब पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने शिक्षा विभाग के 606 नवनियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। नए साल के मौके पर आयोजित इस समारोह में सीएम ने युवाओं को जिम्मेदारी सौंपते हुए पिछली सरकारों पर भी तीखे प्रहार किए और कहा कि अब नौकरियां काबिलियत के दम पर मिलती हैं, सिफारिश पर नहीं।
ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਸਿੱਖਿਆ ਵਿਭਾਗ ਦੇ 606 ਨਵ-ਨਿਯੁਕਤ ਉਮੀਦਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਨਿਯੁਕਤੀ ਪੱਤਰ ਵੰਡੇ। ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣਨ 'ਤੇ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਵਧਾਈਆਂ ਤੇ ਸ਼ੁੱਭਕਾਮਨਾਵਾਂ ਦਿੱਤੀਆਂ। ਸਭ ਲਈ ਇਹ ਨਵਾਂ ਸਾਲ ਨਵੀਆਂ ਉਮੀਦਾਂ ਲੈ ਕੇ ਆਵੇ।
ਅਪ੍ਰੈਲ 2022 ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਹੁਣ ਤੱਕ 61,000 ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਰਕਾਰੀ ਨੌਕਰੀਆਂ… pic.twitter.com/FkKX1fy0SE
— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) January 3, 2026
न्यू ईयर पर 606 परिवारों में जगी उम्मीद
पंजाब सरकार ने शिक्षा विभाग को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित एक समारोह में कुल 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) वितरित किए। इन नियुक्तियों में 385 स्पेशल एजुकेटर टीचर (Special Educator Teachers) और 8 प्रिंसिपल शामिल हैं। सीएम मान ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा, “जितनी खुशी मेरे परिवार के सदस्य को नौकरी मिलने पर होनी थी, वही खुशी आज मुझे आप लोगों को नौकरी मिलने पर है।”
स्पेशल कैडर: दिव्यांग बच्चों के लिए नई पहल
अपने संबोधन में सीएम मान ने एक बहुत ही भावुक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात की। उन्होंने बताया कि सरकार ने ‘स्पेशल एजुकेटर’ (Special Educator) का एक अलग कैडर बनाया है। इसका उद्देश्य उन दिव्यांग बच्चों (Children with Special Needs) को शिक्षित करना है जो बोल, सुन या समझ नहीं सकते। सीएम ने कहा, “इन बच्चों को उनके माता-पिता भी कई बार संभाल नहीं पाते, लेकिन अब आप उन्हें पढ़ाएंगे और उनका भविष्य संवारेंगे।” उन्होंने मशहूर शायरी “मत यकीन कर अपने हाथ की लकीरों पर, नसीब तो उनका भी होता है जिनके हाथ नहीं होते” के जरिए नवनियुक्त शिक्षकों का हौसला बढ़ाया।
अमीरी की नई परिभाषा और अनुशासन का पाठ
सीएम भगवंत मान ने युवाओं को जीवन में अनुशासन और शिक्षा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि असली अमीर वो नहीं जिसके पास महंगी कारें या बैंक बैलेंस है, क्योंकि वो तो विजय माल्या की तरह भाग सकता है या ईडी (ED) की रेड में जा सकता है। असली अमीर वो है जिसके बच्चे पढ़े-लिखे हैं।
उन्होंने विदेशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस के पॉइंट कटते हैं और नौकरी के समय यह रिकॉर्ड देखा जाता है। इसी तर्ज पर पंजाब में भी शिक्षकों के पढ़ाने के रिकॉर्ड और व्यवहार को परखा जाएगा।
विश्लेषण: शिक्षा में समावेशी सोच (Inclusive Approach)
भगवंत मान सरकार द्वारा ‘स्पेशल एजुकेटर’ की भर्ती करना एक सराहनीय कदम है। अक्सर सरकारी स्कूलों में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष शिक्षकों की भारी कमी रहती है। एक अलग कैडर बनाकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि शिक्षा का अधिकार हर बच्चे का है, चाहे उसकी शारीरिक क्षमता कैसी भी हो। यह न केवल 385 परिवारों को रोजगार देगा, बल्कि हजारों मूक-बधिर और दिव्यांग बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद करेगा।
जानें पूरा मामला
पंजाब सरकार ने पिछले कुछ समय में बंपर भर्तियां निकाली हैं। सरकार का दावा है कि अब तक 40,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। शिक्षा विभाग में सुधार के लिए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ के बाद अब शिक्षकों की कमी को पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। सीएम ने यह भी ऐलान किया कि अब 26 जनवरी और 15 अगस्त के समारोहों में कच्चे अध्यापकों को भी पूरा सम्मान दिया जाएगा।
मुख्य बातें (Key Points)
-
Punjab Education Department में 606 नए कर्मचारियों की भर्ती।
-
385 स्पेशल एजुकेटर और 8 प्रिंसिपल्स को मिले नियुक्ति पत्र।
-
सीएम मान ने कहा- सिफारिश नहीं, मेरिट के आधार पर मिल रही हैं नौकरियां।
-
दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए सरकार ने बनाया स्पेशल कैडर।








