Punjab Government Helicopter Fake News. पंजाब की सियासत में भूचाल लाने वाले हेलिकॉप्टर विवाद में अब पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। Ludhiana Police ने दावा किया है कि सीएम Bhagwant Mann के हेलिकॉप्टर के दुरुपयोग का जो डेटा सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है, वह पूरी तरह से ‘फेक’ (Fake) है। सरकार की छवि खराब करने की साजिश रचने वालों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और अब पोस्ट शेयर करने वालों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।
सरकार को बदनाम करने की ‘डिजिटल’ साजिश?
लुधियाना पुलिस के एडीसीपी (ADCP) Vaibhav Sehgal ने बताया कि साइबर सेल को मोहाली स्टेट साइबर सेल से इनपुट मिला था। जांच में पाया गया कि लुधियाना के फोकल प्वाइंट इलाके के रहने वाले Deep Mangli ने फेसबुक पर एक आईडी बनाई थी। इस आईडी और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स के जरिए जानबूझकर सीएम के विदेश दौरे और हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल को लेकर भ्रामक और फर्जी डेटा (Fake Fly Data) शेयर किया गया। पुलिस का कहना है कि इसका एकमात्र मकसद आम जनता को गुमराह करना और सरकार की छवि को धूमिल करना था।
शेयर करने वाले भी नपेंगे
पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि केवल पोस्ट लिखने वाले ही नहीं, बल्कि उसे शेयर करने वाले भी कानूनी दायरे में आएंगे। एडीसीपी सहगल ने कहा कि जिन-जिन लोगों ने इस झूठे और फर्जी डेटा को अपने अकाउंट से शेयर किया है, पुलिस अब उनकी प्रोफाइल खंगाल रही है। एक-एक अकाउंट को ट्रैक किया जा रहा है और जांच के बाद उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि बिना सत्यता जांचे किसी भी कंटेंट को फॉरवर्ड न करें, क्योंकि फेक डेटा शेयर करना भी अपराध है।
इन फेसबुक पेज और यूजर्स पर गिरी गाज
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर (FIR) में कई चर्चित नामों और फेसबुक पेजों का जिक्र है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने Mintu Gurusaria, Gagan Ramgarhia, Harman Farmer, Mandeep Makkar, Gurlal S Mann, Sanammu Dhaliwal, Manik Goyal, Arjun Live, Deep Mangli और Lok Awaaz TV के नाम से चल रहे फेसबुक अकाउंट्स को चिह्नित किया है। आरोप है कि इन्होंने स्टेट ट्रांसपोर्ट मशीनरी के दुरुपयोग को दिखाने के लिए फर्जी आंकड़ों का सहारा लिया।
विश्लेषण: एक क्लिक आपको पहुंचा सकता है जेल
डिजिटल युग में सूचना का प्रसार जितना आसान हुआ है, उतनी ही तेजी से दुष्प्रचार (Misinformation) भी बढ़ रहा है। लुधियाना पुलिस की यह कार्रवाई उन सभी सोशल मीडिया यूजर्स के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ (Wake-up Call) है, जो बिना सोचे-समझे किसी भी पोस्ट को शेयर या फॉरवर्ड कर देते हैं। यह घटना साबित करती है कि सोशल मीडिया पर अभिव्यक्ति की आजादी के साथ-साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। किसी सरकार या व्यक्ति की छवि खराब करने के लिए तथ्यों को तोड़ना-मरोड़ना अब केवल नैतिकता का प्रश्न नहीं, बल्कि एक गंभीर कानूनी अपराध बन चुका है।
जानें पूरा मामला (Context)
बीते दिनों पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विदेश दौरे और राज्य सरकार के हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ डेटा वायरल हुआ था। इसमें दावा किया गया था कि हेलिकॉप्टर का गलत इस्तेमाल (Misuse) किया गया है। अब पुलिस जांच में यह सामने आया है कि वह डेटा ही फर्जी था, जिसे आधार बनाकर सरकार पर निशाना साधा जा रहा था।
मुख्य बातें (Key Points)
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Ludhiana Police ने सीएम के हेलिकॉप्टर मिसयूज के डेटा को फेक करार दिया।
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दीप मंगली, मिंटू गुरुसरिया और अन्य कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
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पुलिस ने चेतावनी दी है कि फेक पोस्ट शेयर करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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सोशल मीडिया पर सरकार की छवि खराब करने के आरोप में जांच तेज कर दी गई है।








