Punjab Fake Encounter HC Directive: गुरदासपुर जिले के आदिया गांव में हुए कथित फर्जी एनकाउंटर (Fake Encounter) मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा लगातार उठाए जा रहे ‘सिख युवाओं के नरसंहार’ के आरोपों के बीच पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने सभी जिलों के पुलिस थानों में अचानक न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
मजीठिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जानकारी देते हुए लिखा, “पंजाब में कथित मानवाधिकार उल्लंघन में तेज़ी से बढ़ोतरी गंभीर चिंता का विषय है। ताज़ा मामला रणजीत सिंह के फर्जी एनकाउंटर का है।” उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट ने चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट और ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट को सीसीटीवी कैमरों के काम करने के तरीके को वेरिफाई करने के लिए कहा है, ताकि पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
हाईकोर्ट ने क्यों दिए सख्त निर्देश?
मजीठिया ने बताया कि परमवीर सिंह सैनी मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों की तरफ से किसी भी तरह की रुकावट या सहयोग न करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ह्यूमन राइट्स कमीशन को गैर-कानूनी हिरासत, हिरासत में टॉर्चर और पुलिस हिंसा से जुड़ी शिकायतों पर सीधे सुनवाई करने का अधिकार दिया गया है।
मजीठिया ने इसे न्यायपालिका का तारीफ के काबिल कदम बताते हुए कहा, “न्यायपालिका ने साफ संदेश दिया है कि पंजाब में कानून के राज और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।”
गांव आदिया की ग्राम सभा का प्रस्ताव
बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि गुरदासपुर के आदिया गांव में रणजीत सिंह की मौत के बाद पूरा गांव डर और गुस्से के माहौल में है। उन्होंने कहा कि गांव की ‘ग्राम सभा’ ने एक प्रस्ताव पास करके इस घटना की कड़ी निंदा की है और न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा, “जब ग्राम सभा को इसके खिलाफ खड़ा होना पड़े, तो समझ लो कि लोगों का कानून-व्यवस्था पर से भरोसा पूरी तरह टूट गया है।”
मजीठिया ने आरोप लगाया कि गांव की मीटिंग करने से रोकने के लिए रजिस्टर ज़ब्त करने की कोशिश की गई, लेकिन फिर भी गांव ने प्रस्ताव पास किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पहले दिन मरने वाले पुलिसवालों को आपसी झगड़ा बताया और फिर इस मामले में गांव के युवाओं को आईएसआई एजेंट बताकर बदनाम करने की कोशिश की, जिसकी ग्राम पंचायत ने भी निंदा की है।
सीएम और डीजीपी से इस्तीफे की मांग
बिक्रम सिंह मजीठिया ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और एक्टिंग डीजीपी गौरव यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें इस गंभीर नाकामी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, “भगवंत मान जी, अपनी नींद और बेपरवाही से जागो, पंजाब इससे बेहतर सरकार और भविष्य का हकदार है।”
उन्होंने कहा कि एक तरफ रणजीत सिंह का अंतिम संस्कार नहीं हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का बेंगलुरु में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब को विकसित करने में पूरी तरह फेल रही है।
सीबीआई जांच और पंजाबियों से अपील
मजीठिया ने एक बार फिर इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की और पूरे पंजाब से अपील की कि सभी पंजाबी और पंजाब की सभी ग्राम सभाएं इस घिनौने काम के खिलाफ प्रस्ताव पास करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि हर दिन कोई न कोई व्यापारी और दुकानदार गैंगस्टरों के निशाने पर आ रहा है और फायरिंग की घटनाएं आम हो गई हैं, जिसके चलते वह पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट से तुरंत दखल देने की मांग करते हैं।
‘जानें पूरा मामला’
गुरदासपुर जिले के आदिया गांव में पुलिस ने दावा किया था कि एनकाउंटर में एक अपराधी रणजीत सिंह मारा गया, जो दो पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल था। हालांकि, परिवार और स्थानीय लोगों ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए आरोप लगाया कि रणजीत बेगुनाह था और उसे फंसाया गया। इस मामले ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया और राजनीतिक दलों के बीच भी यह एक बड़ा मुद्दा बन गया है। अकाली दल ने लगातार सरकार पर फर्जी एनकाउंटर करने और युवाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। अब हाई कोर्ट के ताजा निर्देशों ने इस मामले को और तूल दे दिया है।
मुख्य बातें (Key Points)
बिक्रम सिंह मजीठिया ने गुरदासपुर के कथित फर्जी एनकाउंटर का मामला उठाया, हाई कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए।
हाई कोर्ट ने पुलिस थानों में अचानक न्यायिक जांच और सीसीटीवी वेरिफिकेशन के आदेश दिए।
गांव आदिया की ग्राम सभा ने प्रस्ताव पास कर रणजीत सिंह के एनकाउंटर की निंदा की और न्याय की मांग की।
मजीठिया ने सीएम भगवंत मान और एक्टिंग डीजीपी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
अकाली दल ने एक बार फिर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।








