Punjab Employee Unions Meeting: पंजाब के वित्त मंत्री तथा कर्मचारियों की शिकायतों संबंधी कैबिनेट सब-कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज चंडीगढ़ में कर्मचारी यूनियनों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं। करीब दो घंटे तक चली इन बैठकों में वित्त मंत्री ने 5 अलग-अलग यूनियनों के प्रतिनिधियों की मांगों और समस्याओं को विस्तार से सुना और संबंधित विभागों को जायज मांगों पर तुरंत कार्रवाई शुरू करने के सख्त निर्देश दिए।
सभी जायज मांगों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की कर्मचारी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री ने उपस्थित सरकारी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए तुरंत आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाए। इसके अलावा उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को यह भी आदेश दिया कि वे संबंधित यूनियनों के साथ विशेष फॉलो-अप बैठकें करें ताकि हर मुद्दे का तेज, प्रभावी और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
वित्त मंत्री चीमा ने यूनियन प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि पंजाब सरकार सहयोगपूर्ण और सकारात्मक प्रशासनिक माहौल बनाने के लिए सभी कर्मचारी संगठनों के साथ खुली बातचीत जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
5 यूनियनों ने रखीं अपनी मांगें
Punjab Employee Unions Meeting में 5 अलग-अलग यूनियनों ने अपनी मांगें रखीं। आई.ई.ए.टी स्पेशल बी.एड पास एजुकेशन यूनियन का प्रतिनिधित्व राकेश कुमार, मनजिंदर सिंह और जगरूप कौर ने किया। आशा वर्कर्स एवं आशा फैसिलिटेटर्स निरोल यूनियन की ओर से किरणदीप कौर, जसवीर कौर और पवनप्रीत कौर शामिल थीं।
रणजीत सिंह और भूपिंदर सिंह रोपड़ ने एन.एस.एफ.क्यू वोकेशनल टीचर्स फ्रंट की चिंताओं को प्रभावी ढंग से रखा। गवर्नमेंट कॉलेज सीनियर लैब अटेंडेंट यूनियन की ओर से अंग्रेज सिंह, सुरजीत सिंह और सचिव सिंह ने अपने विभाग से संबंधित मांगों पर चर्चा की। अंत में कुलदीप सिंह, बजिंदर सिंह और गुरपिंदर कौर ने पंजाब नेत्रहीन यूथ एसोसिएशन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए और यह सुनिश्चित किया कि विशेष जरूरतों वाले युवाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना और दर्ज किया जाए।
सरकार का संदेश: कर्मचारी सरकार की ताकत हैं
यह बैठक इस बात का संकेत है कि भगवंत सिंह मान सरकार कर्मचारियों को सिर्फ सरकारी मशीनरी का हिस्सा नहीं बल्कि प्रशासन की रीढ़ मानती है। जब तक कर्मचारियों की समस्याएं नहीं सुलझेंगी, जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक प्रशासन प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकता। वित्त मंत्री चीमा का खुद बैठकर दो घंटे तक हर यूनियन की बात सुनना इस सरकार के कर्मचारी-हितैषी रुख को दर्शाता है।
मुख्य बातें (Key Points)
- वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने 5 कर्मचारी यूनियनों से करीब दो घंटे बैठक की।
- सभी जायज मांगों पर तुरंत कार्रवाई और फॉलो-अप बैठकों के निर्देश दिए।
- आशा वर्कर्स, बी.एड टीचर्स, वोकेशनल टीचर्स, लैब अटेंडेंट और नेत्रहीन यूथ एसोसिएशन ने मांगें रखीं।
- पंजाब सरकार ने सभी कर्मचारी संगठनों के साथ खुली बातचीत जारी रखने का भरोसा दिया।













