Punjab Drug Politics को लेकर पंजाब की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक Kuldeep Singh Dhaliwal ने राज्यपाल Gulab Chand Kataria की नशा विरोधी यात्रा पर कड़ा हमला बोला है। धालीवाल ने इसे “महज दिखावा” बताते हुए कहा कि जिन राजनीतिक ताकतों पर पंजाब में नशा फैलाने के आरोप रहे हैं, उन्हीं के साथ मंच साझा करना निंदनीय है और यह यात्रा नशे के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश लगती है।
चंडीगढ़ में मंगलवार को पार्टी दफ्तर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धालीवाल ने साफ शब्दों में कहा कि आम आदमी पार्टी नशे के खिलाफ किसी भी अभियान के विरोध में नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि अभियान किसके साथ और किस मकसद से चलाया जा रहा है।
‘आप सरकार पहले से लड़ रही है निर्णायक जंग’
धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal के दिशा-निर्देशों के तहत आम आदमी पार्टी की सरकार पिछले चार वर्षों से पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है।
उनका कहना था कि नशा इस सरकार के लिए सिर्फ एक मुद्दा नहीं, बल्कि सबसे बड़ी चुनौती है और इसी वजह से जमीन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। धालीवाल ने आरोप लगाया कि आप सरकार की इस सफलता से बौखलाकर ही राज्यपाल ने अपनी अलग यात्रा शुरू की है।
यात्रा के तरीके और साथियों पर सवाल
धालीवाल ने राज्यपाल की यात्रा के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सबसे अहम बात यह होती है कि आप किन लोगों को अपने साथ लेकर चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस यात्रा में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान Sukhbir Singh Badal और भाजपा नेता Ashwani Sharma जैसे लोग साथ दिखाई दें, वह यात्रा नशा खत्म करने की नहीं, बल्कि नशा फैलाने वालों को बचाने की कोशिश ज्यादा लगती है।
‘छठा दरिया’ किसने बहाया, जवाब चाहिए
आप प्रवक्ता ने तीखे शब्दों में कहा कि पंजाब पांच दरियाओं की धरती है, लेकिन यहां नशे का ‘छठा दरिया’ बहाने वाले कौन थे, यह किसी से छिपा नहीं है।
धालीवाल ने याद दिलाया कि 2007 से 2017 तक पंजाब में जिनकी सरकार रही, उन्हीं के कार्यकाल में नशा सबसे ज्यादा फला-फूला। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नशा तस्करों को राजनीतिक संरक्षण मिला और आज वही चेहरे राज्यपाल के साथ मंच साझा कर रहे हैं।
पंजाब की जवानी पर हमला करने वालों को मंच क्यों
धालीवाल ने सवाल उठाया कि जिन ताकतों ने पंजाब की जवानी को बर्बाद किया, उन्हें नशा विरोधी यात्रा में शामिल करना किस सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब का युवा नशे की वजह से बर्बादी के कगार तक पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों से कोई जवाबदेही तय करने के बजाय उन्हें मंच देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘राज्यपाल गंभीर हैं तो सही लोगों को साथ लें’
आप नेता ने कहा कि अगर राज्यपाल वाकई नशे के खिलाफ गंभीर हैं, तो उन्हें उन संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को अपने साथ लेना चाहिए, जो पिछले कई वर्षों से जमीन पर ईमानदारी से नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं।
धालीवाल ने कहा कि ऐसे लोग और संगठन हैं, जो बिना किसी राजनीतिक स्वार्थ के युवाओं को नशे से बचाने का काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर गुनहगारों के साथ यात्रा निकालना समझ से परे है।
नशा विरोधी राजनीति बनाम नशा विरोधी नीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धालीवाल ने यह भी कहा कि पंजाब को नशा विरोधी राजनीति नहीं, बल्कि ठोस नशा विरोधी नीति की जरूरत है।
उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है, सप्लाई चेन तोड़ी है और युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रयास किए हैं।
जनता सब देख रही है
धालीवाल ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। लोग जानते हैं कि कौन नशे के खिलाफ ईमानदारी से लड़ रहा है और कौन सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए यात्रा निकाल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि नशा तस्करों के राजनीतिक आकाओं के साथ निकाली जाने वाली किसी भी यात्रा को पंजाब के लोग कभी समर्थन नहीं देंगे।
आप सरकार की मुहिम जारी रहेगी
धालीवाल ने दोहराया कि चाहे कोई कुछ भी करे, आम आदमी पार्टी की सरकार नशे के खिलाफ अपनी मुहिम जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि पूरे पंजाब के भविष्य की है और इसे अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
राजनीतिक संदेश साफ
इस बयानबाजी के जरिए आम आदमी पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि वह नशे के मुद्दे पर किसी भी तरह का राजनीतिक समझौता नहीं करेगी।
पार्टी का कहना है कि नशा तस्करों और उनके राजनीतिक संरक्षकों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी, चाहे इसके लिए कितनी ही आलोचना क्यों न झेलनी पड़े।
क्या है पूरा विवाद
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा शुरू की गई नशा विरोधी यात्रा में कुछ राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल खड़े किए हैं।
कुलदीप धालीवाल का आरोप है कि जिन नेताओं पर पंजाब में नशा फैलाने के आरोप रहे हैं, उनके साथ मंच साझा करना निंदनीय है और यह यात्रा वास्तविक समाधान नहीं देती।
मुख्य बातें (Key Points)
- राज्यपाल की नशा विरोधी यात्रा पर आप का कड़ा हमला
- धालीवाल बोले– नशा तस्करों के राजनीतिक आकाओं के साथ मंच साझा करना गलत
- ‘छठा दरिया’ लाने वालों से जवाबदेही की मांग
- आप सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का दोहराया संकल्प








