Punjab Drug News: पंजाब की सियासत में एक बार फिर ‘नशा’ (Drugs) सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Charanjit Singh Channi ने एक ऐसा वीडियो बम फोड़ा है जिसने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। इस वीडियो में दावा किया गया है कि पंजाब में अब पिज्जा से भी तेज यानी सिर्फ 5 मिनट में नशे की होम डिलीवरी हो रही है। चन्नी के इस खुलासे के बाद सत्ताधारी Aam Aadmi Party (AAP) ने पलटवार करते हुए उन पर नशा तस्करों को प्रमोट करने का गंभीर आरोप लगाया है।
‘सब्जी की तरह बिक रहा है चिट्टा’
जालंधर और लुधियाना समेत पूरे पंजाब में नशे की स्थिति को लेकर चरणजीत सिंह चन्नी ने दो युवकों के साथ बातचीत का एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में जो खुलासे हुए हैं, वे डराने वाले हैं। वीडियो में एक युवक साफ तौर पर कह रहा है कि पंजाब में ‘चिट्टा’ (Synthetic Drug) अब सब्जी की तरह सरेआम बिक रहा है।
युवक ने चन्नी को बताया, “साहब, 10 मिनट तो बहुत ज्यादा हैं, यहां 5 मिनट में नशा मिल जाता है। आगे से आगे लिंक बने हुए हैं और अब तो बच्चों-बच्चों तक को इसकी होम डिलीवरी मिल रही है।”
18 साल के युवक की जन्मदिन पर मौत
वीडियो में एक दिल दहला देने वाली घटना का जिक्र किया गया है। बातचीत के दौरान एक युवक ने बताया कि उसका एक रिश्तेदार (बुआ का बेटा) अपनी 18वीं सालगिरह मना रहा था। जन्मदिन की पार्टी में उसने नशे का इंजेक्शन लगाया, जो सीधा उसके खून में घुल गया और मौके पर ही हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।
हैरानी की बात यह है कि परिवार को पुलिस के डर से झूठ बोलना पड़ा और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा। युवकों का दावा है कि पुलिस तस्करों को पकड़ती है, लेकिन वे 10-15 दिन में बाहर आ जाते हैं और फिर से धंधा शुरू कर देते हैं।
काला पीलिया और एक ही सिरिंज का इस्तेमाल
नशे की लत ने पंजाब की जवानी को किस तरह बीमारियों के जाल में फंसा दिया है, यह इस बातचीत से साफ होता है। वीडियो में युवक कबूल करते हैं कि वे एक-दूसरे की इस्तेमाल की हुई सिरिंज (Syringe) का प्रयोग करते हैं। तलब इतनी ज्यादा होती है कि वे यह भी नहीं देखते कि दूसरे के खून वाली सुई उन्हें काला पीलिया (Hepatitis) जैसी लाइलाज बीमारियां दे रही है। युवकों ने माना कि वे खुद इस बीमारी की चपेट में हैं और अब इसे ‘मरते दम तक’ झेलना होगा।
आम आदमी पार्टी का तीखा पलटवार
चन्नी के इस वीडियो पर पंजाब सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। AAP के प्रवक्ता Baltej Pannu ने सोशल मीडिया पर आकर चन्नी को घेरा। पन्नू ने कहा, “पूर्व सीएम चन्नी एक सांसद होकर ऐसी ओछी हरकत कर रहे हैं। वे वीडियो के जरिए लोगों को बता रहे हैं कि चिट्टा कहां मिलता है और कैसे मिलता है। यह नशे के खिलाफ मुहिम को तारपीडो करने की कोशिश है।”
पन्नू ने सवाल उठाया कि जब चन्नी खुद मुख्यमंत्री थे या जब 10 साल अकाली-भाजपा की सरकार थी, तब इन लोगों ने नशे पर काबू क्यों नहीं पाया? उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के अभियान से नशा तस्करों में खौफ है।
‘जानें पूरा मामला’
पंजाब सरकार ने नशे के खात्मे के लिए ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान छेड़ा हुआ है। जनवरी 2026 से इसका दूसरा चरण शुरू हो चुका है, जिसका उद्देश्य इसे जन-आंदोलन बनाना है। सरकार ने दावा किया है कि वह स्कूलों में नशा विरोधी पाठ्यक्रम शुरू कर रही है और राज्यपाल खुद सीमावर्ती जिलों (तरनतारन, फिरोजपुर) में पदयात्रा करेंगे। वहीं, विपक्ष का आरोप है कि धरातल पर नशा और सस्ता (4000 से घटकर 2000 रुपये प्रति ग्राम) हो गया है और इसकी पहुंच बढ़ गई है।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
दावा: पंजाब में 5 मिनट के अंदर नशे की होम डिलीवरी हो रही है।
लागत: नशा करने वाले युवक रोज 1500 से 2000 रुपये खर्च कर रहे हैं।
आरोप: चन्नी ने कहा पुलिस और सरकार की मिलीभगत से नशा बिक रहा है।
पलटवार: AAP ने कहा चन्नी तस्करों के नेटवर्क का प्रचार कर रहे हैं।
अभियान: पंजाब में ‘ड्रग सेंसस’ (Drug Census) कराने की तैयारी है।








