Punjab Drug Deaths: शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने शनिवार को पंजाब में नशे से हो रही लगातार मौतों को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है। चंडीगढ़ से जारी अपने बयान में मजीठिया ने कहा कि पंजाब आज एक ऐसी त्रासदी से गुजर रहा है जहां हर रोज किसी न किसी घर का चिराग बुझ रहा है, लेकिन सरकार आंकड़ों के पीछे सच्चाई छिपाने में लगी हुई है।
बठिंडा की घटना ने फिर उजागर की भयावह सच्चाई
मजीठिया ने बठिंडा में सामने आई ताजा घटना का हवाला देते हुए कहा कि नौजवान वेलफेयर सोसाइटी द्वारा जारी एक वीडियो में एक युवक मृत पाया गया, जिसकी बाजू पर नशे के इंजेक्शन के स्पष्ट निशान दिखाई दे रहे थे। उन्होंने कहा कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि पूरे पंजाब में फैल चुकी नशे की भयावह सच्चाई का आईना है। बठिंडा, मानसा, तरनतारन, अमृतसर, गुरदासपुर और कपूरथला जैसे जिलों से बार-बार ऐसी खबरें आ रही हैं जो हालात की गंभीरता को बयान करती हैं।
एक मां के पांच बेटे नशे की भेंट चढ़े
इससे पहले कपूरथला जिले में एक मां ने यह दर्दनाक आरोप लगाया कि उसके पांच बेटे नशे की भेंट चढ़ गए। उसी इलाके में एक दर्जन से अधिक मौतें नशे के कारण होने की बात सामने आई। ये घटनाएं पंजाब की माताओं के उस असहनीय दर्द को बयान करती हैं, जहां एक ही परिवार के कई सदस्य नशे का शिकार हो रहे हैं। मानसा, बठिंडा और तरनतारन जैसे इलाकों में भी कई युवाओं की मौत नशे से जुड़ी हुई बताई गई है, जहां परिवारों ने अपने बेटों को खो दिया और घरों में सिर्फ मातम का माहौल रह गया।
हर मौत के पीछे एक टूटा हुआ परिवार
मजीठिया ने भावुक होते हुए कहा कि ये सिर्फ आंकड़े नहीं हैं। हर मौत के पीछे एक मां की टूटी हुई दुनिया है, एक पिता की बिखरी उम्मीद है, एक बहन का बिछड़ा भाई है और एक बच्चे के सिर से उठा पिता का साया है। जो घर कभी खुशियों से भरे होते थे, आज वहां सन्नाटा, दर्द और आंसुओं का माहौल है। पंजाब का आम नागरिक इस दर्द को रोज भुगत रहा है, लेकिन सत्ता में बैठे लोगों की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है।
“युद्ध नशों के विरुद्ध” सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित
मजीठिया ने याद दिलाया कि जब अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान विपक्ष में थे, तब वे दावा करते थे कि पंजाब में सरकार बनते ही नशे का खात्मा कर देंगे और ड्रग माफिया को जड़ से उखाड़ देंगे। लेकिन आज सत्ता में आकर वे अपने ही वादों से मुकर गए हैं और सत्ता की चमक-दमक में खो गए हैं। “युद्ध नशों के विरुद्ध” का नारा सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित रह गया है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि नशे से होने वाली मौतें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।
सरकार से सीधा सवाल: 4 साल में कितनी मौतें?
मजीठिया ने सरकार से सीधा सवाल किया कि पिछले चार वर्षों में नशे से कितनी मौतें हुई हैं और ये आंकड़े अब तक जनता से क्यों छिपाए जा रहे हैं। क्या इसलिए कि सच्चाई सरकार के दावों की पोल खोल देगी? उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार तुरंत नशे से हुई मौतों का पूरा और जिला-वार विवरण सार्वजनिक करे, नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और प्रभावित परिवारों के लिए विशेष सहायता व पुनर्वास योजनाएं लागू करे।
अगर ठोस कदम नहीं उठे तो आने वाली पीढ़ियां भुगतेंगी
मजीठिया ने चेतावनी दी कि यदि अब भी इस गंभीर मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। पंजाब के लोग अब सच जानना चाहते हैं और सरकार को जवाब देना ही होगा। पंजाब को अब सपनों नहीं, बल्कि सच्चाई की जरूरत है।
मुख्य बातें (Key Points)
- मजीठिया ने पंजाब में नशे से हो रही लगातार मौतों पर गहरी चिंता जताई और मान सरकार पर तीखा हमला किया
- बठिंडा में नशे के इंजेक्शन के निशान वाले युवक का शव मिलने की घटना का जिक्र किया
- कपूरथला में एक मां के पांच बेटों के नशे से मरने का मामला उठाया
- सरकार से पिछले 4 साल में नशे से हुई मौतों के जिला-वार आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की













