Punjab CM Bhagwant Mann Sports Awards Ceremony : पंजाब के खेल इतिहास में आज एक ऐतिहासिक दिन दर्ज हो गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज चंडीगढ़ के सेक्टर-35 स्थित म्युनिसिपल भवन में राज्य के खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए पंजाब को खेलों की महाशक्ति बनाने का संकल्प लिया। देखा जाए तो यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि पंजाब की खेल नीति में आमूलचूल परिवर्तन की घोषणा थी।
दिलचस्प बात यह है कि एक ही मंच पर 87 महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड विजेताओं और 1,070 मेडल विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और कुल 32.05 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। यह पंजाब के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा खेल सम्मान समारोह था।
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32 करोड़ की पुरस्कार राशि: रिकॉर्ड तोड़ दिया
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार सरकार ने खिलाड़ियों में 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि बांटी है। पंजाब सरकार ने न सिर्फ ओलंपिक और एशियाई खेलों के मेडल विजेताओं को 1-1 करोड़ रुपये से सम्मानित किया है, बल्कि 9 मेडल विजेता खिलाड़ियों को नौकरियां भी प्रदान की हैं।”
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह राशि केवल नकद पुरस्कार नहीं थी। इसमें प्रशिक्षण सहायता, उपकरण खरीद और भविष्य की प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई राशि भी शामिल थी।
87 को महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड
महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड पंजाब का सर्वोच्च खेल सम्मान है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 2019 से 2023 तक के बकाया सम्मानों का दशकों लंबा बैकलॉग सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है।
प्रत्येक पुरस्कार विजेता को:
- ब्लेजर
- स्क्रॉल (मान-पत्र)
- घोड़े पर सवार महाराजा रणजीत सिंह का स्मृति चिह्न
- 5 लाख रुपये नकद
कुल मिलाकर 87 पुरस्कार विजेताओं को 4.35 करोड़ रुपये दिए गए।
अगर गौर करें तो इन 87 खिलाड़ियों में हॉकी, क्रिकेट, निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती, मुक्केबाजी और पैरा-खेलों के दिग्गज शामिल थे।
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शीर्ष पुरस्कार विजेता
क्रिकेट:
- हरमनप्रीत कौर (भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान): विश्व कप जीत के लिए 1.5 करोड़ रुपये
- हरलीन दिओल: 1.5 करोड़ रुपये
- अमनजोत कौर: 1.5 करोड़ रुपये
निशानेबाजी:
- अमनप्रीत सिंह (विश्व चैंपियनशिप मेडल विजेता): 1.54 करोड़ रुपये
- नीरज कुमार: 1.52 करोड़ रुपये
- किरनदीप कौर: 50 लाख रुपये
- क्रितिका शर्मा: 50 लाख रुपये
- विजयवीर सिद्धू (उभरते निशानेबाज): 28.50 लाख रुपये
अन्य खेल:
- कुशल कुमार (वुशू): 25 लाख रुपये
- परमजीत कुमार (पैरा-पॉवरलिफ्टिंग विश्व चैंपियन): 55 लाख रुपये
1763 करोड़ का रिकॉर्ड खेल बजट
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,763 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खेल बजट आवंटित किया है।
हैरान करने वाली बात यह है कि यह पिछले बजट से 17 गुना अधिक है। मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने खेल बजट को 17 गुणा बढ़ा दिया है।”
यह बजट किसमें खर्च होगा:
- बुनियादी ढांचे का विकास
- प्रशिक्षण सुविधाएं
- उपकरण खरीद
- कोच और स्टाफ की भर्ती
- खिलाड़ियों का पोषण और चिकित्सा
- अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी
3148 ग्रामीण खेल मैदान: गांवों से चैंपियन
पंजाब सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है 3,148 ग्रामीण खेल मैदानों का विकास, जिसकी लागत 1,300 करोड़ रुपये है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “पिंडों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को निखारने के लिए 1,300 करोड़ रुपये की लागत से 3,148 ग्रामीण खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। ये मैदान पिंडों के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रकाशस्तंभ बनेंगे।”
यह योजना महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि पंजाब के ज्यादातर चैंपियन गांवों से आए हैं। संसारपुर, खुसरोपुर और मित्थापुर जैसे गांवों ने 20 से अधिक ओलंपियन दिए हैं।
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एशियन चैंपियंस ट्रॉफी: पहली बार मेजबानी
समझने वाली बात यह है कि मुख्यमंत्री ने जो सबसे बड़ी घोषणा की वह थी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “पंजाब पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा और 1 नवंबर को पंजाब दिवस पर भारत-पाकिस्तान के बीच गहमागहमी वाला मुकाबला होगा।”
दिलचस्प बात यह है कि भारत-पाकिस्तान का हॉकी मैच हमेशा से दर्शकों को आकर्षित करता है। इसे पंजाब दिवस पर आयोजित करना एक मास्टरस्ट्रोक है।
पिछली सरकारों पर तंज
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा, “पंजाब ने देश को अनगिनत चैंपियन दिए, फिर भी पहले कभी राज्य को किसी बड़े खेल आयोजन की मेजबानी करने का मौका नहीं दिया गया था। हमने उस मानसिकता को बदल दिया है और पंजाब को भारत के खेल नक्शे के केंद्र में लाया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि पहले खेल एसोसिएशनों पर राजनीतिक रूप से जुड़े व्यक्तियों का दबदबा था, लेकिन पंजाब सरकार ने उस रुझान को खत्म कर दिया है और मेरिट के आधार पर आम खिलाड़ियों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं।
220 खिलाड़ियों को 8.61 करोड़ प्रशिक्षण सहायता
पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को जीत के बाद ही पुरस्कार देने की पुरानी परंपरा बदल दी है।
अब प्रतियोगिताओं से पहले ही खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता दी जा रही है। पहली बार 220 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को तैयारी के लिए 8.61 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे खिलाड़ियों की सहायता के लिए नए लॉन्च किए गए खेल पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण और उच्च स्तरीय खेल उपकरणों की खरीद के लिए 15 करोड़ रुपये से अधिक राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है।”
पंजाब स्पोर्ट्स पोर्टल लॉन्च
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंजाब स्पोर्ट्स पोर्टल की शुरुआत की। यह पोर्टल लंबे समय से खिलाड़ियों की मांग थी।
इस पोर्टल की विशेषताएं:
- दुनिया के किसी भी कोने से जानकारी प्राप्त करें
- ऑनलाइन आवेदन करें
- प्रशिक्षण और उपकरण के लिए ग्रांट
- कॉर्पोरेट स्पॉन्सर से जुड़ने में मदद
- फेंसिंग, कयाकिंग, शूटिंग और आर्चरी के लिए विशेष ग्रांट
हॉकी: पंजाब का गौरव
पंजाब की बेमिसाल हॉकी विरासत को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 50 से अधिक पंजाबी हॉकी खिलाड़ियों ने ओलंपिक मेडल जीते हैं, जबकि 10 पंजाबी खिलाड़ियों ने विभिन्न ओलंपिक खेलों में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी की है।
उन्होंने याद दिलाया कि टोक्यो ओलंपिक 2021 में भारत ने 41 साल के अंतराल के बाद हॉकी में कांस्य पदक जीता था, जिसमें मनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम में 9 पंजाबी खिलाड़ी थे।
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने फिर कांस्य पदक जीता, जिसमें 10 पंजाबी खिलाड़ी थे और कप्तानी हरमनप्रीत सिंह ने की, जो टूर्नामेंट के सर्वाधिक स्कोरर भी बने।
सम्मानित हॉकी खिलाड़ी:
- हरमनप्रीत सिंह (भारतीय पुरुष टीम के कप्तान)
- गुरजंत सिंह (ओलंपिक मेडल विजेता, PCS अधिकारी)
- रुपिंदर पाल सिंह (PCS अधिकारी)
- मनदीप सिंह, हार्दिक सिंह, वरुण कुमार
- शमशेर सिंह, कृष्णा बहादुर पाठक
- दिलप्रीत सिंह (सभी DSP, पंजाब पुलिस)
भारतीय टीमों के कप्तान पंजाब से
मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि पंजाब ने देश को कई कप्तान दिए हैं:
- हरमनप्रीत सिंह (भारतीय हॉकी टीम)
- शुभमन गिल (भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम)
- हरमनप्रीत कौर (भारतीय महिला क्रिकेट टीम)
- पलप्रीत सिंह बरार (भारतीय बास्केटबॉल टीम)
- गुरप्रीत सिंह संधू (भारतीय फुटबॉल टीम – पिछले साल)
- गुरनूर बरार (हाल ही में भारतीय क्रिकेट टीम में चयनित)
पैरा-एथलीटों का सम्मान
अपनी शारीरिक चुनौतियों के बावजूद देश को विश्व स्तर पर मान्यता दिलाने के लिए पंजाब के पैरा-एथलीटों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया:
- मोहम्मद यासर (एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता)
- वैभव राजोरिया (तैराक)
- सुरेंद्र कंबोज (पहलवान)
- पलक कोहली (पैरा-बैडमिंटन)
- परमजीत कुमार (पैरा-पॉवरलिफ्टर)
रोजगार और कैडर निर्माण
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि खिलाड़ियों को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक नया “आउटस्टैंडिंग स्पोर्ट्सपर्सन” कैडर बनाया गया है।
- विभिन्न खेल विषयों में 500 पद सृजित
- 45 जूनियर कोच और 3 कोच पहले ही नियमित रूप से भर्ती
पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने खेल विज्ञान के लिए अलग स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर स्थापित किया है:
- विभिन्न श्रेणियों में 112 पदों की भर्ती पूरी
- 206 फिजिकल ट्रेनर पदों के लिए भर्ती जारी
पोषण भत्ते में वृद्धि
पंजाब स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में खिलाड़ियों के लिए:
- पोषण भत्ता 248 रुपये से बढ़ाकर 480 रुपये प्रति दिन
जिला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में:
- भत्ता 225 रुपये से बढ़ाकर 350 रुपये प्रति दिन
ग्रामीण स्तर पर प्रतिभा खोज
जमीनी स्तर पर हुनर खोज कार्यक्रम के तहत:
- पंजाब भर में 253 खेल नर्सरियां स्थापित
- 253 नर्सरी कोच
- 26 खेल सुपरवाइजर
इसके अलावा:
- 6,000 गांवों में जिम स्थापित किए जा रहे हैं
- 17,000 खेल किट बांटी जा रही हैं
युवा भवन का शिलान्यास
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ के सेक्टर 42 में 43 करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से बनने वाले युवा भवन का वर्चुअल तौर पर शिलान्यास किया।
युवा भवन में सुविधाएं:
- 200 युवाओं के लिए हॉस्टल
- 400 सीटों वाला ऑडिटोरियम
- कॉन्फ्रेंस हॉल
- सेमिनार हॉल
- मेस और अन्य सुविधाएं
माता-पिता का सम्मान
एक भावुक करने वाला पल तब आया जब उन खिलाड़ियों की माताओं और परिवारिक सदस्यों को भी स्टेज पर बुलाया गया जो प्रशिक्षण आदि के कारण समारोह में शामिल नहीं हो सके।
इनमें एशियाई खेलों की पदक विजेता हरमिलन बैंस की माता और अर्जुन अवार्डी माधुरी सक्सेना भी शामिल थीं।
मुख्यमंत्री ने कहा, “माता-पिता द्वारा की गई कुर्बानियां खेलों में हर सफलता में कारगर भूमिका निभाती हैं। उनका समर्पण, अनुशासन और अटूट समर्थन चैंपियन पैदा करता है।”
2019-23 का बैकलॉग साफ
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 2019 से 2023 तक के सभी बकाया सम्मानों का भुगतान कर दिया है। विभिन्न वर्षों में सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल हैं:
2018-19: रमनदीप सिंह (हॉकी), किरनजीत सिंह (जूडो), हरविंदर कौर (कबड्डी), जसप्रीत सिंह (रोइंग), अंगद वीर सिंह बाजवा (निशानेबाजी)
2020: संगमप्रीत सिंह बिसला (तीरंदाजी), ट्विंकल चौधरी (एथलेटिक्स), वीरपाल (बेसबॉल)
2021: सुखबीर सिंह (तीरंदाजी), किरपाल सिंह (एथलीट), प्रियंका देवी (कयाकिंग)
कुल आंकड़े (2022 से अब तक)
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 106.20 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित
- 2023 से 220 खिलाड़ियों को 8.61 करोड़ रुपये प्रशिक्षण के लिए
- खेल संस्थाओं को उपकरण खरीद के लिए 15 करोड़ रुपये DBT के माध्यम से
- 9 ओलंपिक मेडल विजेताओं को PCS और DSP अधिकारी के रूप में नियुक्त
पंजाब का खेल दृष्टिकोण
पंजाब सरकार का खेल दृष्टिकोण स्पष्ट है:
- जीत के बाद नहीं, तैयारी से पहले सहायता
- गांवों से अंतरराष्ट्रीय मंचों तक बुनियादी ढांचा
- राजनीति नहीं, मेरिट आधारित चयन
- केवल सम्मान नहीं, रोजगार भी
- खिलाड़ी केंद्रित नीतियां
सवाल उठता है – क्या पंजाब अगले कुछ वर्षों में भारत का खेल पॉवरहाउस बन जाएगा?
आंकड़े और घोषणाएं तो यही कहती हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- 87 खिलाड़ियों को महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड, 1070 मेडल विजेताओं का सम्मान
- कुल 32.05 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि वितरित
- वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,763 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड खेल बजट
- 1,300 करोड़ रुपये की लागत से 3,148 ग्रामीण खेल मैदान
- पंजाब पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा
- भारत-पाकिस्तान मैच 1 नवंबर (पंजाब दिवस) को
- 220 खिलाड़ियों को 8.61 करोड़ रुपये प्रशिक्षण सहायता
- पंजाब स्पोर्ट्स पोर्टल लॉन्च
- 43.66 करोड़ रुपये के युवा भवन का शिलान्यास












