Punjab CM Health Insurance Scheme : पंजाब के लोगों के लिए आज का दिन किसी तोहफे से कम नहीं है। मोहाली में अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मिलकर मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना को लॉन्च कर दिया है। इस योजना के तहत अब हर पंजाबी को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि इसमें न तो कोई इनकम की शर्त रखी गई है और न ही उम्र की कोई सीमा तय की गई है। बस पंजाब का आधार कार्ड और वोटर कार्ड होना चाहिए।
इस योजना का दायरा इतना बड़ा है कि पूरे राज्य के करीब 65 लाख परिवार इसके दायरे में आएंगे। मतलब साफ है कि लगभग 3 करोड़ पंजाबियों की जिंदगी इस एक फैसले से बदलने वाली है। अब किसी बीमार को इलाज के लिए अपनी जमीन बेचने या भारी कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकारी अस्पताल हो या प्राइवेट, दोनों जगह यह कार्ड चलेगा।
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— Bhagwant Mann (@BhagwantMann) January 22, 2026
‘ऐतिहासिक दिन’ बताया केजरीवाल ने
लॉन्चिंग के मौके पर अरविंद केजरीवाल ने भावुक होते हुए कहा कि आज का दिन इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। उनका कहना था कि यह काम दरअसल 1950 में ही हो जाना चाहिए था जब देश आजाद हुआ था। पिछले 75 सालों में कई सरकारें आईं और गईं लेकिन किसी ने भी आम आदमी की सेहत को लेकर ऐसा ठोस कदम नहीं उठाया।
केजरीवाल ने पंजाब के कठिन दौर की याद दिलाते हुए कहा कि पहले यहां आतंकवाद का साया था और फिर नशे की काली छाया आ गई। लेकिन पिछले चार साल में जो बदलाव आया है वह अभूतपूर्व है। उन्होंने दावा किया कि यह दौर पंजाब के इतिहास का सबसे अच्छा दौर साबित होगा।

‘अब कोई पंजाबी बीमारी से नहीं मरेगा’
केजरीवाल ने बड़े विश्वास के साथ कहा कि अब पंजाब में कोई भी व्यक्ति सिर्फ इसलिए नहीं मरेगा कि उसके पास इलाज के पैसे नहीं थे। यह स्कीम किसी एक पार्टी या वर्ग के लिए नहीं बल्कि हर पंजाबी के लिए है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार कोई कांग्रेसी या अकाली नहीं देखती। जो भी पंजाब का निवासी है उसे इस योजना का पूरा फायदा मिलेगा। चाहे वह सरकारी अस्पताल जाए या फिर बड़े प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराए।
सीएम मान की भावुक अपील
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंच से बोलते हुए अपने दिल की बात रखी। उन्होंने कहा कि वे खुद ऐसे कई घरों को जानते हैं जहां दादा-दादी या माता-पिता बीमार होने पर खुद ही कह देते थे कि मेरा इलाज मत करवाना। वजह साफ थी कि इलाज के खर्चे में घर की जमीन बिक जाती थी और परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाता था।
मान ने कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों को देखा है जो मौत का इंतजार कर रहे थे क्योंकि परिवार के पास पैसे नहीं थे। वे जिंदा रहते हुए भी मरे हुए से थे। लेकिन अब यह दौर खत्म हो गया है। अब बस अस्पताल पहुंचो और इलाज अस्पताल की जिम्मेदारी है।
पुरानी सरकारों पर निशाना
सीएम मान ने पिछली सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें जो भी स्कीमें लाती थीं उनमें इतनी शर्तें लगा देती थीं कि आम आदमी को फायदा ही नहीं मिल पाता था। प्रधानमंत्री आवास योजना का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उसमें शर्त है कि घर में पक्की ईंट नहीं होनी चाहिए, साइकिल नहीं होनी चाहिए, पंखा नहीं होना चाहिए और गैस चूल्हा भी नहीं होना चाहिए। इन बेतुकी शर्तों की वजह से पंजाब का एक भी घर उस योजना के लायक नहीं बनता।
मान ने कहा कि नई सेहत बीमा स्कीम में कोई हरा या नीला कार्ड नहीं है। यहां सबके लिए एक ही नियम है और सबको बराबर का हक मिलेगा।
राजा वड़िंग पर तीखा तंज
सीएम भगवंत मान ने बिना सीधे नाम लिए पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग पर करारा व्यंग्य किया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि जो लोग 12 गुणा 5 का हिसाब नहीं लगा पाते उनकी दवाई भी इस स्कीम में शामिल है। यह टिप्पणी हाल ही में वड़िंग के एक बयान पर तंज थी जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। मान ने कहा कि हम सरबत का भला मांगने वाले पंजाबी हैं इसलिए यहां सबका इलाज होगा चाहे वह किसी भी पार्टी का हो।
चार साल में दस गुना काम का दावा
अरविंद केजरीवाल ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि पिछले 75 सालों में अकाली दल, बीजेपी और कांग्रेस की तमाम सरकारों ने मिलकर पंजाब में कुल 400 प्राइमरी हेल्थ सेंटर खोले थे। इसके मुकाबले आम आदमी पार्टी की सरकार अब 2500 पिंड क्लिनिक खोलने जा रही है। इसका मतलब है कि सिर्फ चार साल में पिछली सरकारों के मुकाबले दस गुना ज्यादा काम हो रहा है।
केजरीवाल ने पुरानी व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि पहले जो प्राइमरी हेल्थ सेंटर थे वहां मरीजों की जगह कुत्ते घूमते दिखते थे। लेकिन अब मोहल्ला क्लीनिक में अत्याधुनिक सुविधाएं मिल रही हैं जहां लोग बेझिझक इलाज करा सकते हैं।
डॉक्टरों की कमी हुई पूरी
पंजाब के सरकारी अस्पतालों में सालों से डॉक्टरों की भारी कमी थी। केजरीवाल ने बताया कि सरकार ने इस समस्या को गंभीरता से लिया और 1100 नए डॉक्टरों की भर्ती की है। इसके अलावा अब सरकारी अस्पतालों में दवाइयां भी मुफ्त मिल रही हैं जिससे गरीब मरीजों को राहत मिली है।
उन्होंने कहा कि कई बार ऐसी गंभीर बीमारी हो जाती है जिसका इलाज सिर्फ बड़े प्राइवेट अस्पतालों में ही संभव होता है। ऐसे में गरीब परिवार बेबस हो जाते थे। लेकिन अब यह स्कीम उनके लिए वरदान साबित होगी। जहां पहले सिर्फ अमीर लोग इलाज करवाते थे अब वहां गरीब भी अपना इलाज करवा पाएंगे।
योजना में शामिल है हर गंभीर बीमारी
मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें लगभग हर तरह की गंभीर बीमारी का इलाज शामिल है। किडनी की बीमारी हो या दिल का ऑपरेशन, कैंसर का इलाज हो या कीमोथेरेपी, सब कुछ इस योजना के दायरे में आता है। बुजुर्गों के घुटने बदलने का ऑपरेशन जो लाखों रुपए में होता है वह भी अब मुफ्त में हो सकेगा। गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी और नवजात शिशु की देखभाल भी इसमें शामिल है।
इसके अलावा क्रिटिकल केयर यानी आईसीयू की सुविधा और हर तरह की सर्जरी भी कवर है। एडवांस सर्जरी जो पहले सिर्फ अमीरों के बस की बात थी अब आम आदमी की पहुंच में आ गई है। अस्पताल में भर्ती होते ही सारे टेस्ट और दवाइयों का खर्च भी इसी योजना में शामिल है। हालांकि कॉस्मेटिक सर्जरी यानी सुंदरता बढ़ाने वाली सर्जरी इसमें कवर नहीं होगी।
अस्पतालों को 15 दिन में मिलेगी पेमेंट
सरकार ने इस बार अस्पतालों की चिंता का भी ख्याल रखा है। पहले जो सरकारी स्कीमें होती थीं उनमें अस्पतालों को पेमेंट मिलने में महीनों लग जाते थे। इस वजह से कई प्राइवेट अस्पताल सरकारी योजनाओं से दूर भागते थे। लेकिन इस बार सरकार ने वादा किया है कि स्कीम में शामिल अस्पतालों को सिर्फ 15 दिन के भीतर उनकी पूरी पेमेंट मिल जाएगी।
इस भरोसे की वजह से अब तक 900 से ज्यादा अस्पताल इस योजना में शामिल हो चुके हैं। इनमें सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ बड़े प्राइवेट अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भी शामिल हैं। सीएम भगवंत मान ने यह भी बताया कि चंडीगढ़ के नामी अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जा रहा है ताकि पंजाबियों को बेहतर से बेहतर इलाज मिल सके।
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बेहद आसान
इस योजना का लाभ लेने के लिए सरकार ने प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है। पूरे पंजाब में करीब 9000 एनरोलमेंट सेंटर बनाए गए हैं जहां लोग जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा सरकार ने यूथ क्लब के सदस्यों को भी इस काम में लगाया है जो घर-घर जाकर लोगों को पर्चियां देंगे।
रजिस्ट्रेशन के लिए सिर्फ दो चीजें चाहिए। पहला पंजाब का आधार कार्ड और दूसरा पंजाब का वोटर कार्ड। बस इतने दस्तावेज लेकर नजदीकी सेवा केंद्र जाना है और एनरोलमेंट करा लेना है। एक बार रजिस्ट्रेशन हो जाए तो फोन पर ही कार्ड बनने की जानकारी मिल जाएगी। सबसे अच्छी बात यह है कि एक बार एनरोलमेंट होने पर पूरा परिवार इस योजना के दायरे में आ जाता है।
1200 करोड़ का बजट तय
इतनी बड़ी योजना के लिए सरकार ने 1200 करोड़ रुपए का बजट रखा है। इस रकम से 3 करोड़ पंजाबियों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। योजना के तहत एक लाख रुपए तक का खर्चा इंश्योरेंस कंपनी उठाएगी। इसके बाद का खर्चा ट्रस्ट मोड पर सेहत विभाग की हेल्थ एजेंसी वहन करेगी।
सरकार ने साफ किया है कि मरीज को किसी भी तरह का कोई पैसा नहीं देना है और न ही किसी हिसाब-किताब में उलझना है। मरीज अस्पताल जाएगा, अपना इलाज कराएगा और ठीक होकर घर आ जाएगा। बिल का सारा मामला सीधे सरकार और अस्पताल के बीच होगा। अस्पताल खुद अपने स्तर पर क्लेम भरेंगे और सरकार से पैसे लेंगे।
आयुष्मान से कैसे अलग है यह योजना
पंजाब में पहले से केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत मुख्यमंत्री सरबत सेहत बीमा योजना चल रही है। उसमें 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलता है लेकिन उसके लिए इनकम लिमिट तय है। उस योजना में राज्य के करीब 80 प्रतिशत लोग ही कवर होते हैं।
नई सीएम सेहत स्कीम इससे कहीं बेहतर है। इसमें कवरेज दोगुना यानी 10 लाख रुपए है। इसमें कोई इनकम लिमिट नहीं है चाहे आप गरीब हों या अमीर। उम्र की भी कोई सीमा नहीं है चाहे नवजात बच्चा हो या 90 साल का बुजुर्ग। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें 100 प्रतिशत पंजाबी कवर होंगे।
तीन बार टली थी योजना की लॉन्चिंग
यह योजना आसानी से लॉन्च नहीं हुई और इसका रास्ता काफी कठिन रहा। पहली बार इस योजना की घोषणा जुलाई 2025 में की गई थी लेकिन उस समय यह लागू नहीं हो पाई। फिर 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती को इसे शुरू करने की तारीख तय की गई लेकिन पंजाब में आई बाढ़ की वजह से लॉन्चिंग टाल दी गई।
सितंबर महीने में रजिस्ट्रेशन तो शुरू कर दिया गया लेकिन इंश्योरेंस कंपनी को स्कीम में शामिल करने की प्रक्रिया में देरी हो गई जिससे लॉन्चिंग अटक गई। इसके बाद 15 जनवरी 2026 की नई तारीख तय हुई लेकिन उस दिन सीएम भगवंत मान को अकाल तख्त में पेशी के लिए जाना था इसलिए वह तारीख भी टल गई। आखिरकार आज यह योजना जमीन पर उतरी और पंजाबियों का सपना साकार हुआ।
विश्लेषण: बड़ा दांव है आप सरकार का
पंजाब की यह मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना निश्चित रूप से एक साहसिक कदम है। अगर इसका सही तरीके से क्रियान्वयन हुआ तो यह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं रखा गया है। न अमीर-गरीब का फर्क है, न जाति का और न ही उम्र का। हर पंजाबी को बराबर का अधिकार मिलेगा।
हालांकि असली परीक्षा अब शुरू होगी। 900 से ज्यादा अस्पतालों को समय पर पेमेंट करना, 3 करोड़ लोगों का एनरोलमेंट पूरा करना और योजना के दुरुपयोग को रोकना यह सब बड़ी चुनौतियां हैं। अगर सरकार इन चुनौतियों से पार पा गई तो यह योजना आम आदमी पार्टी के लिए 2027 के चुनावों में बड़ा हथियार साबित हो सकती है।
मुख्य बातें (Key Points)
• पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना लॉन्च हो गई है जिसमें 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
• इस योजना से 65 लाख परिवारों के लगभग 3 करोड़ पंजाबियों को सीधा फायदा होगा।
• योजना में कोई इनकम लिमिट या उम्र की सीमा नहीं है बस पंजाब का आधार और वोटर कार्ड होना जरूरी है।
• 900 से ज्यादा सरकारी और प्राइवेट अस्पताल इस योजना में शामिल हो चुके हैं।
• सरकार ने इस योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए का बजट रखा है और अस्पतालों को 15 दिन में पेमेंट का वादा किया है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








