Punjab Cabinet decisions 2026 : चंडीगढ़ में शुक्रवार, 9 जनवरी को Bhagwant Singh Mann की अध्यक्षता में हुई Punjab Cabinet की बैठक में राज्य के स्वास्थ्य, शिक्षा, हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने Lehragaga में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी 2026, प्लॉट अलॉटीज के लिए एमनेस्टी पॉलिसी विस्तार, GMADA की प्रॉपर्टी कीमतों में कटौती और सतलुज नदी की डिसिल्टेशन जैसे फैसले लिए।

Lehragaga में मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
कैबिनेट ने Sangrur जिले के Lehragaga में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना के लिए 19 एकड़ 4 कनाल जमीन लीज पर देने का फैसला किया। यह जमीन बाबा हीरा सिंह भट्टल टेक्निकल कॉलेज परिसर में स्थित है। यह मेडिकल कॉलेज जैन समुदाय की जनहित सोसाइटी द्वारा स्थापित किया जाएगा और इसे अल्पसंख्यक मेडिकल कॉलेज का दर्जा मिलेगा।
MBBS सीटें और अस्पताल की शर्तें
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, कॉलेज के साथ कम से कम 220 बेड का अस्पताल शुरू करना अनिवार्य होगा, जिसमें 50 MBBS सीटें होंगी।
MoU के आठ वर्षों के भीतर इसे बढ़ाकर कम से कम 400 बेड का अस्पताल और 100 MBBS सीटों तक विस्तार करना होगा।
छात्रों का एडमिशन, सीटों का आवंटन और फीस संरचना पूरी तरह राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा को दोहरा फायदा
सरकार का मानना है कि इस फैसले से एक ओर आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर पंजाब को मेडिकल एजुकेशन का हब बनाने में मदद मिलेगी। अस्पताल को जल्द से जल्द और अधिकतम पांच साल के भीतर पूरी तरह चालू करना अनिवार्य किया गया है।
Punjab Private Digital Open Universities Policy, 2026 को हरी झंडी
कैबिनेट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए Punjab Private Digital Open Universities Policy, 2026 को भी मंजूरी दे दी।
इस नीति के तहत निजी संस्थान पंजाब में पूरी तरह डिजिटल विश्वविद्यालय स्थापित कर सकेंगे, जो ऑनलाइन और ओपन डिस्टेंस लर्निंग (ODL) प्रोग्राम संचालित करेंगे।
भारत की पहली डिजिटल यूनिवर्सिटी पॉलिसी
यह नीति UGC Regulations 2020 के अनुरूप है और गुणवत्ता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सुरक्षा और स्टूडेंट प्रोटेक्शन जैसे मानकों को सुनिश्चित करती है। इस नीति के साथ पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए स्पष्ट और व्यापक नीति बनाई है।
डिजिटल पढ़ाई से छात्रों को क्या मिलेगा
नई नीति के तहत छात्र मोबाइल या लैपटॉप से घर बैठे पूरी डिग्री कर सकेंगे। ये डिग्रियां पूरी तरह वैध होंगी और AICTE/UGC मानकों के अनुरूप होंगी। आईटी, एआई, डेटा साइंस, हेल्थकेयर, बिजनेस और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में स्किल-आधारित कोर्स को बढ़ावा मिलेगा।
डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए सख्त शर्तें
हर डिजिटल यूनिवर्सिटी के लिए कम से कम 2.5 एकड़ जमीन, कंटेंट स्टूडियो, सर्वर रूम, LMS सेंटर, डिजिटल एग्जाम कंट्रोल रूम और ₹20 करोड़ का न्यूनतम कॉर्पस फंड अनिवार्य किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे केवल गंभीर और सक्षम संस्थाएं ही इस क्षेत्र में आएंगी।
Amnesty Policy 2025 को बढ़ाया गया
कैबिनेट ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के तहत अलॉट/नीलाम किए गए प्लॉट्स के लिए Amnesty Policy 2025 को बढ़ाने की मंजूरी दी। डिफॉल्टर अलॉटीज अब 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकेंगे और मंजूरी के बाद तीन महीने के भीतर राशि जमा करनी होगी।
GMADA की प्रॉपर्टी कीमतों में राहत
कैबिनेट ने GMADA की विभिन्न प्रॉपर्टियों की कीमतें घटाने को भी हरी झंडी दी। अब रिजर्व प्राइस तय करने के लिए तीन स्वतंत्र वैल्यूअर्स की औसत दर को आधार बनाया जाएगा, जिससे ई-नीलामी में खरीदारों को राहत मिलेगी।
River Sutlej की डिसिल्टेशन को मंजूरी
कैबिनेट ने NHAI या उसकी एजेंसियों को River Sutlej में सिल्ट हटाने की मंजूरी दी। यह काम ₹3 प्रति घन फीट की दर से किया जाएगा, जो 30 जून 2026 तक मान्य रहेगा, खासतौर पर लुधियाना-रोपड़ रोड प्रोजेक्ट के लिए।
संस्थानों के स्टाफ को राहत
बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के कर्मचारियों को तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग में रिक्त पदों पर समायोजित करने का भी फैसला लिया गया। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा बताया गया।
विश्लेषण: पंजाब सरकार का मल्टी-सेक्टर फोकस
इन फैसलों से साफ है कि पंजाब सरकार एक साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस कर रही है। Lehragaga मेडिकल कॉलेज ग्रामीण स्वास्थ्य को मजबूती देगा, जबकि डिजिटल यूनिवर्सिटी पॉलिसी पंजाब को भविष्य की शिक्षा प्रणाली का अग्रदूत बना सकती है। GMADA और एमनेस्टी पॉलिसी से आम नागरिकों को सीधी राहत मिलेगी।
मुख्य बातें (Key Points)
- Lehragaga में मेडिकल कॉलेज के लिए 19 एकड़ से ज्यादा जमीन मंजूर
- Punjab Private Digital Open Universities Policy, 2026 को स्वीकृति
- Amnesty Policy 2025 को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया गया
- GMADA की प्रॉपर्टी कीमतों में कटौती को मंजूरी
- River Sutlej की डिसिल्टेशन और स्टाफ एडजस्टमेंट पर फैसला








