Punjab Border Security का मुद्दा आज लोकसभा में गूंजा। पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने 2 अप्रैल 2026 को लोकसभा सत्र में पंजाब की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने चंडीगढ़ में BJP दफ्तर पर हुए बम हमले की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से आतंकियों और गैंगस्टरों के नेक्सस को खत्म करने के लिए पंजाब के लिए अलग से सख्त कानून बनाने की मांग रखी।
‘पाकिस्तान बॉर्डर से ड्रोन के जरिए आ रहे हथियार, गोला-बारूद और ड्रग्स’
Punjab Border Security को लेकर रंधावा ने बताया कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है और इसी सीमा से लगातार ड्रोन के जरिए पाकिस्तान की तरफ से हथियार, गोला-बारूद और ड्रग्स आना जारी है। उन्होंने कहा कि इस पर न तो AAP सरकार कोई गंभीरता दिखा रही है और न ही केंद्र में बैठी BJP सरकार कोई बड़ा एक्शन ले रही है।
रंधावा ने स्पष्ट किया कि पंजाब-पाकिस्तान बॉर्डर का 50 किलोमीटर तक का हिस्सा BSF के पास है और इसकी जिम्मेदारी सीधे तौर पर केंद्र सरकार की है। BSF बॉर्डर पार से आने वाले ड्रोन को रोक नहीं पा रही है, जो Punjab Border Security के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
‘AAP के 4 साल में 10 आतंकी हमले: अमृतसर से गुरदासपुर तक’
Punjab Border Security पर रंधावा ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने लोकसभा में बताया कि पंजाब में लगातार गोलियां चलाकर गैंगस्टर हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, आतंकी घटनाएं बढ़ रही हैं और AAP के चार साल के कार्यकाल में पुलिस थानों पर 10 आतंकी हमले हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में BJP दफ्तर पर बम हमले से ठीक एक दिन पहले अमृतसर जिले के भिंडी सैदा के एक पुलिस स्टेशन पर भी हमला हुआ था। कुछ दिन पहले गुरदासपुर में दो पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी और इस वारदात के पीछे ISI का हाथ था। पंजाब पुलिस इन हमलों को रोक नहीं पा रही है, जो बेहद चिंताजनक है।
‘पंजाब को अलग सख्त कानून चाहिए: रंधावा’
रंधावा ने कहा कि पंजाब पहले भी आतंक का दंश कई सालों तक झेल चुका है और अब पिछले कुछ सालों में AAP के कार्यकाल में पंजाब की सुरक्षा व्यवस्था की हालत और बिगड़ी है। कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पूरी तरह जिम्मेदार हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से सीधी मांग की कि Punjab Border Security को मजबूत करने के लिए पंजाब के लिए आतंकियों और गैंगस्टरों के खिलाफ अलग से सख्त कानून बनाया जाए। पंजाब की भौगोलिक स्थिति, पाकिस्तान से सटी सीमा और ड्रोन से आने वाले हथियार-ड्रग्स को देखते हुए यहां सामान्य कानूनी ढांचा पर्याप्त नहीं है। रंधावा का यह कदम ऐसे समय में आया है जब पंजाब में लगातार हिंसक घटनाओं ने आम लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है और सुरक्षा एजेंसियों की क्षमता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य बातें (Key Points)
- रंधावा ने लोकसभा में पंजाब की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताई, सख्त कानून की मांग रखी।
- कहा: पाकिस्तान से ड्रोन से हथियार-ड्रग्स आना जारी, BSF 50 किमी बॉर्डर संभालने में फेल।
- AAP के 4 साल में पुलिस थानों पर 10 आतंकी हमले, अमृतसर-गुरदासपुर में ताजा हमले।
- CM मान को कानून-व्यवस्था ध्वस्त होने का जिम्मेदार बताया, केंद्र से अलग कानून की मांग।













