Prince Narula Arrest Truth : सोशल मीडिया पर 8 जनवरी 2026 को एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें Prince Narula जैसे दिखने वाले शख्स को पुलिसकर्मियों के साथ चलते दिखाया गया। दावा किया गया कि दिल्ली में मस्जिद तोड़े जाने के मामले में उन्हें हिरासत में लिया गया है। वीडियो में न तो जगह साफ दिखती है, न कोई ऑडियो है और न ही किसी आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि होती है—यहीं से इस दावे पर सवाल खड़े हो गए।
वायरल वीडियो में क्या दिखा
वीडियो को एक सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर किया गया, जो बाद में X और Reddit जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फैल गया। कैप्शन में कहा गया कि Delhi Police ने प्रिंस नरूला को कस्टडी में लिया है। लेकिन वीडियो में कोई बोर्ड, लोकेशन या पुलिस की औपचारिक घोषणा नहीं दिखती—सिर्फ कैमरों के बीच चलता एक शख्स नजर आता है।
दावे की जांच में क्या सामने आया
जब दावे की पड़ताल की गई तो कोई ठोस सबूत नहीं मिला। न पुलिस की ओर से कोई बयान आया, न कोर्ट का कोई अपडेट दिखा और न ही किसी विश्वसनीय खबर में ऐसी गिरफ्तारी का जिक्र मिला। उपलब्ध फैक्ट-चेक टूल्स और सार्वजनिक सूचनाओं में भी जनवरी 2026 में प्रिंस नरूला की गिरफ्तारी का कोई रिकॉर्ड नहीं पाया गया।

एडिटेड या भ्रामक फुटेज की आशंका
जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि वायरल क्लिप एडिटेड या संदर्भ से बाहर ली गई फुटेज हो सकती है। वीडियो में न तो गिरफ्तारी की प्रक्रिया दिखती है और न ही कोई आधिकारिक संकेत—जिससे यह दावा और कमजोर पड़ जाता है।
मस्जिद डिमोलिशन केस से कोई कनेक्शन नहीं
प्रिंस नरूला का दिल्ली की मस्जिद डिमोलिशन केस से कोई संबंध नहीं है। वह मुंबई में रहते हैं और किसी भी जांच या मामले में उनका नाम सामने नहीं आया। इस विषय पर उनके या उनकी टीम की ओर से भी कोई बयान नहीं दिया गया है।
असल सच्चाई क्या है
उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रिंस नरूला की गिरफ्तारी का दावा गलत है। वायरल वीडियो भ्रामक है और इसे सच्ची खबर मानना ठीक नहीं। ऐसे मामलों में केवल पुष्टि-शुदा सूचनाओं पर भरोसा करना जरूरी है।
आम पाठक पर असर
इस तरह की फर्जी खबरें न सिर्फ किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि दर्शकों को भी भ्रमित करती हैं। वायरल कंटेंट को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई जांचना हर यूज़र की जिम्मेदारी है।
क्या है पृष्ठभूमि
सोशल मीडिया पर अक्सर सेलिब्रिटीज से जुड़े पुराने या असंबंधित वीडियो को गलत दावों के साथ पेश किया जाता है। इस मामले में भी एक बिना संदर्भ वाला वीडियो मस्जिद डिमोलिशन केस से जोड़कर फैलाया गया, जिसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं थी।
मुख्य बातें (Key Points)
- प्रिंस नरूला की गिरफ्तारी का वायरल दावा भ्रामक निकला।
- वीडियो में न ऑडियो है, न जगह या आधिकारिक कार्रवाई का प्रमाण।
- दिल्ली मस्जिद डिमोलिशन केस से उनका कोई संबंध नहीं।
- पुलिस, कोर्ट या विश्वसनीय मीडिया से गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं।








