Iran Political Crisis : ईरान इस वक्त गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei देश छोड़कर भाग सकते हैं। यह दावा ऐसे समय आया है जब Donald Trump की धमकियों के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विरोध अगर और तेज हुआ तो खामेनेई के पास देश से बाहर निकलने का एक तैयार ‘एस्केप प्लान’ मौजूद है।

विरोध प्रदर्शनों के बीच तैयार हुआ ‘एस्केप प्लान’
रिपोर्ट में कहा गया है कि देशभर में जारी विरोध अगर नियंत्रण से बाहर होते हैं, तो खामेनेई रूस रवाना हो सकते हैं। इस कथित प्लान के तहत 86 वर्षीय खामेनेई के साथ उनके परिवार और बेहद करीबी सहयोगियों समेत करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर ले जाने की व्यवस्था की गई है। यह प्लान केवल व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं बताया जा रहा, बल्कि इसमें सत्ता से जुड़े पूरे नेटवर्क को सुरक्षित निकालने का खाका भी शामिल है।
खामेनेई की संपत्ति और शक्तिशाली नेटवर्क
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि खामेनेई से जुड़ा आर्थिक नेटवर्क बेहद विशाल है। एक पुरानी रिपोर्ट के हवाले से बताया गया कि 2013 में उनकी संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 95 अरब डॉलर थी। इसमें ‘सेताद’ संगठन समेत कई अर्ध-सरकारी चैरिटेबल फाउंडेशन शामिल हैं, जिनकी वित्तीय पारदर्शिता पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। इसी नेटवर्क को भी कथित तौर पर इस प्लान के जरिए सुरक्षित बाहर ले जाने की व्यवस्था बताई गई है।

परिवार और उत्तराधिकारी भी प्लान का हिस्सा
रिपोर्ट के अनुसार, यह ‘प्लान बी’ सिर्फ खामेनेई के लिए नहीं बल्कि उनके परिवार और बेहद करीबी लोगों के लिए तैयार किया गया है। इसमें उनके बेटे और नामित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई का नाम भी शामिल बताया गया है। खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि यह व्यवस्था किसी आपात स्थिति में तुरंत अमल में लाई जा सकती है।
रूस क्यों है पहली पसंद
रिपोर्ट में पूर्व इजराइली खुफिया अधिकारी बेनी साबती के हवाले से कहा गया है कि खामेनेई के पास भागने के लिए रूस के अलावा कोई ठोस विकल्प नहीं है। बताया गया है कि खामेनेई पहले भी रूस और उसके राष्ट्रपति Vladimir Putin की खुलकर सराहना कर चुके हैं और उनका मानना रहा है कि ईरानी और रूसी संस्कृति में समानता है। यही वजह है कि संकट की घड़ी में रूस को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर देखा जा रहा है।

बशर अल-असद मॉडल से तुलना
इस कथित एस्केप प्लान की तुलना सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति Bashar al-Assad से की जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस तरह नवंबर 2024 में सत्ता गिरने के बाद असद सीरिया छोड़कर मॉस्को पहुंचे थे, खामेनेई का प्लान भी उसी मॉडल पर आधारित माना जा रहा है।
विश्लेषण: सत्ता पर बढ़ता दबाव
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय दबाव यह संकेत देते हैं कि सत्ता के शीर्ष पर असुरक्षा बढ़ रही है। अगर यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो यह ईरान की राजनीति में अब तक का सबसे बड़ा मोड़ माना जाएगा। एक सर्वोच्च नेता का संभावित पलायन न केवल आंतरिक अस्थिरता को उजागर करता है, बल्कि मध्य-पूर्व की राजनीति पर भी गहरा असर डाल सकता है।
जानें पूरा मामला
देशव्यापी विरोध, अमेरिकी दबाव और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही रिपोर्टों के बीच खामेनेई का कथित एस्केप प्लान ईरान की वर्तमान स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर इस पर कोई पुष्टि नहीं की गई है।

मुख्य बातें (Key Points)
- ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच खामेनेई के भागने की चर्चा
- ब्रिटिश मीडिया ने रूस जाने के ‘एस्केप प्लान’ का दावा किया
- परिवार और करीबी सहयोगियों समेत 20 लोगों की व्यवस्था बताई गई
- प्लान की तुलना बशर अल-असद के मॉस्को पलायन से








