प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी:भाजपा दशकों तक भारतीय राजनीति में बड़ी ताकत बनी रहेगी, राहुल गांधी भ्रम में हैं

पणजी, 28 अक्टूबर (The News Air)

राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी आने वाले दशकों तक भारतीय राजनीति में एक बड़ी ताकत बनी रहेगी। अपनी गोवा यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने ये बात कही है।

प्रशांत किशोर ने कहा, ‘जैसे कांग्रेस पहले 40 वर्षों तक भारतीय राजनीति के केंद्र में थी, उसी तरह BJP भी, चाहे हारे या जीते, राजनीति के केंद्र में रहेगी। BJP कहीं नहीं जाने वाली। एक बार जब आप राष्ट्रीय स्तर पर 30% वोट हासिल कर लेते हैं तो इतनी जल्दी राजनीतिक तस्वीर से नहीं हटते।’

इस झांसे में मत पड़ना कि लोग मोदी से नाराज

गोवा के म्यूजियम में बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा, ‘इस झांसे में कभी मत पड़ना कि लोग नाराज हो रहे हैं और वे मोदी को बाहर कर देंगे। शायद वे मोदी को बाहर कर देंगे, लेकिन BJP कहीं जाने वाली नहीं है। आपको अगले कई दशकों तक बीजेपी से लड़ना होगा।’

भ्रम में हैं राहुल गांधी

किशोर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर कहा कि वह शायद इस भ्रम में हैं कि मोदी के सत्ता में रहने तक ही BJP मजबूत है। किशोर ने कहा, ‘यही समस्या राहुल गांधी के साथ है। शायद, उन्हें लगता है कि यह बस समय की बात है जब लोग उन्हें (नरेंद्र मोदी) सत्ता से बाहर कर देंगे।’

हराने के लिए मोदी की ताकत को समझना होगा

प्रशांत किशोर ने कहा, ‘जब तक आप उनकी (मोदी की) ताकत को नहीं समझेंगे आप उन्हें हरा नहीं पाएंगे। मैं जो समस्या देखता हूं वह यह है कि ज्यादातर लोग उनकी ताकत को समझने के लिए अपना समय स्पेंड नहीं कर रहे हैं। यह समझना होगा कि उनकी लोकप्रियता का क्या कारण है। अगर आप इस बात को समझ लेंगे, तभी आप उन्हें हराने के लिए काउंटर ढूंढ सकते हैं।

भाजपा के भविष्य को कैसे देखती है कांग्रेस?

कांग्रेस मोदी और भाजपा के भविष्य को कैसे देखती है, इस पर किशोर ने कहा, ‘आप किसी भी कांग्रेस नेता या किसी भी क्षेत्रीय नेता से जाकर बात करें, वे कहेंगे, ‘बस समय की बात है, लोग तंग आ रहे हैं, एंटी-इनकम्बेंसी होगी और लोग उन्हें बाहर कर देंगे, लेकिन मुझे नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है।’

देश में बंटा हुआ वोटर बेस बड़ी समस्या

किशोर ने देश में बंटे हुए वोटर बेस की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘अगर आप वोटर बेस को देखें तो यह एक-तिहाई और दो-तिहाई के बीच की लड़ाई है। केवल एक तिहाई लोग भाजपा को वोट दे रहे हैं या भाजपा का समर्थन करना चाहते हैं। समस्या यह है कि दो-तिहाई मतदाता 10, 12 या 15 राजनीतिक दलों में डिवाइडेड है। ऐसा कांग्रेस के कमजोर होने की वजह से है।

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