Owaisi Rally Hungama : महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनावों की आहट के बीच रविवार को अकोला में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब असदुद्दीन ओवैसी की जनसभा के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। यह घटना अकोला के गडंकी इलाके में स्थित जुल्फिकार अली मैदान में हुई, जहां AIMIM प्रमुख नगर पालिका चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में सभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के अंतिम चरण में हालात बिगड़े और पुलिस को भीड़ पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
कैसे बिगड़े हालात
शुरुआत में जनसभा पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम समाप्ति की ओर बढ़ा, बड़ी संख्या में लोग मंच के पास पहुंचने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कथित तौर पर मंच की ओर आने का आवाहन हुआ, जिसके बाद लोग बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़े। देखते ही देखते मैदान में भगदड़ जैसे हालात बन गए।

अव्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम
बताया जा रहा है कि आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा थी, जबकि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम सीमित थे। कम पुलिस बल के चलते भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल होता चला गया और हालात तेजी से हाथ से निकलते नजर आए।
पुलिस को क्यों करना पड़ा लाठीचार्ज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पहले भीड़ से शांति बनाए रखने और पीछे हटने की अपील की गई। जब चेतावनियों को नजरअंदाज कर लोग मंच की ओर बढ़ते रहे, तब किसी बड़े हादसे को रोकने के लिए सीमित लाठीचार्ज किया गया। पुलिस का दावा है कि यह कदम केवल भीड़ को तितर-बितर करने और जानमाल की सुरक्षा के लिए उठाया गया।
घायलों की स्थिति
लाठीचार्ज और भगदड़ के दौरान कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं। घायलों को नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मौके से सामने आए वीडियो में लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते और गिरते हुए दिखाई दिए।
आपसी झगड़े से बढ़ा तनाव
कुछ वीडियो में यह भी देखा गया कि रैली के दौरान AIMIM समर्थकों के बीच आपसी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते धक्कामुक्की में बदल गई। पुलिस का कहना है कि इसी आपसी झगड़े ने भीड़ को और उग्र कर दिया।
राजनीतिक असर और प्रशासन की जांच
नगर निकाय चुनावों से पहले हुई इस घटना ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। फिलहाल AIMIM की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं पुलिस प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहां चूक हुई।
विश्लेषण
यह घटना चुनावी रैलियों में बढ़ती भीड़ और कमजोर प्रबंधन की ओर इशारा करती है। नेताओं की लोकप्रियता जहां ताकत बनती है, वहीं पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने पर वही भीड़ खतरा भी बन सकती है। अकोला की यह घटना आने वाले चुनावी कार्यक्रमों के लिए प्रशासन और राजनीतिक दलों—दोनों के लिए चेतावनी है।
मुख्य बातें (Key Points)
- अकोला में AIMIM की जनसभा के दौरान भीड़ बेकाबू हुई।
- मंच के पास जाने की कोशिश में भगदड़ जैसे हालात बने।
- पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए सीमित लाठीचार्ज किया।
- कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं, मामले की जांच जारी है।








