Polar Bear Fur : नई दिल्ली, 17 जनवरी 2026। दुनिया के सबसे ठंडे इलाकों में रहने वाले पोलर बियर को देखकर लगभग हर किसी को यही लगता है कि उनका फर बिल्कुल सफेद होता है। लेकिन अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह पूरी सच्चाई नहीं है। पोलर बियर का फर असल में सफेद नहीं, बल्कि पारदर्शी होता है और उनकी त्वचा काले रंग की होती है। यही खास बनावट उन्हें आर्कटिक जैसे बर्फीले माहौल में जीवित रहने में मदद करती है।

सफेद दिखने का सच क्या है
पोलर बियर के बालों में सफेद रंग का कोई पिगमेंट नहीं होता। उनका फर खोखला और पारदर्शी होता है, जो सूरज की रोशनी को अपने अंदर फंसा लेता है। जब रोशनी इन बालों से टकराती है, तो एक चमकदार असर पैदा होता है, जिससे उनका रंग सफेद या हल्का ऑफ-व्हाइट नजर आता है। यही वजह है कि बर्फीले वातावरण में वे आसानी से घुल-मिल जाते हैं।
काली त्वचा और मोटी चर्बी की परत
इन भालुओं की त्वचा काले रंग की होती है, जो गर्मी को सोखने में मदद करती है। इसके साथ ही उनके शरीर पर मोटी फैट लेयर होती है, जो उन्हें ठंडे पानी में तैरते समय और बर्फीली हवाओं से बचाती है। साफ और सूखा फर उनके लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि गीला या गंदा फर गर्मी को ठीक से रोक नहीं पाता।

क्यों रहते हैं हमेशा साफ
पोलर बियर अपने फर को साफ और सूखा रखने पर खास ध्यान देते हैं। यह सिर्फ आदत नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी से जुड़ी जरूरत है। साफ फर बेहतर इंसुलेशन देता है, जिससे वे अत्यधिक ठंड में भी शरीर का तापमान बनाए रख पाते हैं।
खाने की आदत और शिकार का तरीका
पोलर बियर मांसाहारी होते हैं और मुख्य रूप से फैटी सील्स पर निर्भर रहते हैं। वे घंटों तक सील के सांस लेने के छेद के पास बिना हिले-डुले इंतजार करते हैं। हालांकि वे कई सील्स पर नजर रखते हैं, लेकिन उनमें से केवल एक-दो ही पकड़ पाते हैं।
तैराकी में भी माहिर
पोलर बियर बेहतरीन तैराक होते हैं और पानी में करीब छह मील प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकते हैं। समुद्री बर्फ पर ज्यादा समय बिताने की वजह से इन्हें कई बार समुद्री जीवों की तरह भी देखा जाता है।

पर्यावरण में अहम भूमिका
खाद्य श्रृंखला में सबसे ऊपर होने की वजह से पोलर बियर आर्कटिक समुद्री पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन, बर्फ के पिघलने, मानव गतिविधियों और तेल रिसाव जैसे कारणों से उनका प्राकृतिक आवास तेजी से खतरे में पड़ रहा है। इसी वजह से इन्हें अमेरिका में मई 2008 में ‘थ्रेटेंड स्पीशीज़’ की सूची में शामिल किया गया था।
विश्लेषण (Analysis): प्रकृति का अनोखा डिजाइन
पोलर बियर का सफेद दिखना दरअसल प्रकृति का एक बेहतरीन छलावा है। पारदर्शी फर, काली त्वचा और मोटी फैट लेयर का यह संयोजन उन्हें न सिर्फ ठंड से बचाता है, बल्कि शिकार में भी मदद करता है। यह खबर सिर्फ एक रोचक तथ्य नहीं, बल्कि यह भी बताती है कि जलवायु परिवर्तन से इस अनोखे डिजाइन पर सीधा असर पड़ रहा है।
जानें पूरा मामला
पोलर बियर आर्कटिक क्षेत्र के शीर्ष शिकारी हैं और पूरे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र में उनकी भूमिका अहम है। लेकिन बदलते मौसम और इंसानी दखल ने उनके अस्तित्व पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बातें (Key Points)
- पोलर बियर का फर सफेद नहीं, पारदर्शी होता है
- उनकी त्वचा काले रंग की होती है, जो गर्मी सोखती है
- मोटी फैट लेयर उन्हें ठंड और पानी से बचाती है
- जलवायु परिवर्तन उनके अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा है
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न








