PM Modi Rozgar Mela 2026 : साल 2026 की शुरुआत और वसंत पंचमी के ठीक बाद, देश के 61,000 से अधिक परिवारों में खुशियों का नया वसंत आया है। शनिवार, 24 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के 40 से अधिक स्थानों पर आयोजित रोजगार मेले में 61,000 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) सौंपे। गणतंत्र दिवस के महापर्व के बीच मिली यह सौगात युवाओं के लिए केवल रोजगार का अवसर नहीं, बल्कि विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की जिम्मेदारी भी है।
राष्ट्र निर्माण का ‘आमंत्रण पत्र’
प्रधानमंत्री मोदी ने नवनियुक्त युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह नियुक्ति पत्र महज एक सरकारी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह ‘राष्ट्र निर्माण का आमंत्रण पत्र’ (Invitation Letter for Nation Building) है। उन्होंने याद दिलाया कि कल ही हमने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर ‘पराक्रम दिवस’ मनाया है और आने वाले 26 जनवरी को हम गणतंत्र दिवस मनाएंगे। ऐसे पावन समय में सरकारी सेवा में आना संविधान के प्रति दायित्वों को निभाने का एक सुनहरा अवसर है।
अर्थव्यवस्था की रफ़्तार: 2025 में टू-व्हीलर बिक्री 2 करोड़ पार
देश की बदलती आर्थिक तस्वीर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है। 2014 के बाद से भारत में विदेशी निवेश (FDI) ढाई गुना बढ़ा है। उन्होंने ऑटो सेक्टर की तेज रफ़्तार का उदाहरण देते हुए बताया कि साल 2025 में देश में टू-व्हीलर की बिक्री का आंकड़ा 2 करोड़ को पार कर चुका है। यह दर्शाता है कि आम भारतीय की खरीद क्षमता (Purchasing Power) बढ़ी है। इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में 6 गुना वृद्धि हुई है, जो अब 11 लाख करोड़ रुपये की इंडस्ट्री बन चुकी है।
बेटियों की ऊंची उड़ान: 8,000 को मिली नौकरी
इस रोजगार मेले की सबसे खास बात महिला शक्ति की भागीदारी रही। आज के आयोजन में 8,000 से ज्यादा बेटियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी लगभग दोगुनी हो गई है। मुद्रा योजना और स्टार्टअप इंडिया ने महिला स्वरोजगार को 15% तक बढ़ाने में मदद की है। आज गांव के सेल्फ हेल्प ग्रुप्स से लेकर कॉरपोरेट बोर्डरूम तक, महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं।
नया मंत्र: ‘नागरिक देवो भव’
सरकारी मशीनरी में काम करने के तौर-तरीकों को बदलने की नसीहत देते हुए प्रधानमंत्री ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को एक नया मूल मंत्र दिया- ‘नागरिक देवो भव’। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे उस वक्त को याद करें जब उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे और परेशानी होती थी।
उन्होंने कहा, “जो कठिनाइयां आपको या आपके माता-पिता को झेलनी पड़ीं, अब अधिकारी बनने के बाद आप वही कठिनाइयां दूसरों को नहीं होने देंगे।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘ईज ऑफ लिविंग’ केवल नीतियों से नहीं, बल्कि सरकारी कर्मचारियों की नीयत से आती है।
विश्लेषण: ‘बाबू कल्चर’ को बदलने की तैयारी
प्रधानमंत्री का यह संबोधन केवल आंकड़ों या नियुक्ति पत्रों तक सीमित नहीं था। इसके गहरे मायने हैं। ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र देकर उन्होंने नौकरशाही (Bureaucracy) के पुराने ‘बाबू कल्चर’ पर चोट की है। अक्सर सरकारी नौकरी को ‘पावर’ और ‘आराम’ का जरिया माना जाता है, लेकिन पीएम ने इसे ‘सेवा’ और ‘रिफॉर्म’ से जोड़कर नए अधिकारियों की मानसिकता बदलने की कोशिश की है। यह युवाओं को सिस्टम का हिस्सा बनाकर सिस्टम को ही सुधारने की एक दूरदर्शी पहल है, ताकि 2047 तक भारत सही मायनों में विकसित बन सके।
‘जानें पूरा मामला’
केंद्र सरकार ने सरकारी भर्तियों में तेजी लाने और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए ‘रोजगार मेला’ मिशन की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को मिशन मोड में भरना है। यह पहल अब एक संस्थागत रूप ले चुकी है, जिसके जरिए रेलवे, डाक विभाग, गृह मंत्रालय, राजस्व विभाग और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लाखों युवाओं को रोजगार दिया जा रहा है। 24 जनवरी 2026 का यह मेला इसी कड़ी का हिस्सा था।
‘मुख्य बातें (Key Points)’
बड़ी भर्ती: एक ही दिन में 61,000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र मिले।
महिला शक्ति: 8,000 से अधिक महिलाओं को सरकारी सेवा में मौका मिला।
आर्थिक संकेत: 2025 में 2 करोड़ से ज्यादा टू-व्हीलर बिके, जो मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत है।
नया दृष्टिकोण: पीएम ने सरकारी कर्मचारियों को ‘शासक’ नहीं, बल्कि ‘सेवक’ बनकर काम करने की सलाह दी।








